जयपुर में स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (एसओजी) ने उपनिरीक्षक भर्ती परीक्षा-2021 पेपर लीक प्रकरण में 10 हजार रुपए के इनामी आरोपी एवं चयनित उपनिरीक्षक दिनेश कुमार को गिरफ्तार किया है। आरोपी सितंबर 2025 से फरार चल रहा था। एसओजी ने उसे अदालत में पेश किया, जहां से 8 जून तक पुलिस रिमांड पर भेज दिया। एसओजी के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक विशाल बंसल ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी सांचौर के चितलवाना निवासी दिनेश कुमार ने अपनी बहन निरमा कुमारी के साथ मिलकर पेपर लीक गिरोह के सरगना जगदीश विश्नोई से परीक्षा से पहले हल प्रश्न पत्र प्राप्त किया था। दोनों ने प्रश्न पत्र का अध्ययन कर परीक्षा दी।
जांच में सामने आया कि दिनेश को हिन्दी में 141.55 और सामान्य ज्ञान में 167.89 अंक मिले, जबकि उसकी बहन निरमा को हिन्दी में 180.94 तथा सामान्य ज्ञान में 156.90 अंक प्राप्त हुए थे।
मेरिट में आया 182वां स्थान, बन गया उपनिरीक्षक
जांच के अनुसार लीक हुए हल प्रश्नपत्र के आधार पर परीक्षा देने से दिनेश कुमार का मेरिट क्रमांक 182 आया और उसका चयन उपनिरीक्षक पद पर हो गया। चयन से पहले वह वर्ष 2015 बैच का कांस्टेबल था और उदयपुर जिले में तैनात था। उपनिरीक्षक बनने के बाद उसकी पोस्टिंग चित्तौड़गढ़ जिले में हुई थी।
इंटरव्यू में नहीं दे पाई जवाब, नहीं हुआ चयन
एसओजी जांच में यह भी सामने आया कि निरमा कुमारी लिखित परीक्षा में उच्च अंक प्राप्त करने के बावजूद साक्षात्कार में पूछे गए सवालों का जवाब नहीं दे सकी। न्यूनतम आवश्यक अंक नहीं मिलने के कारण उसका अंतिम चयन नहीं हो पाया। फिलहाल वह फरार है और उसकी तलाश जारी है।
तलब करने पर नहीं पहुंचा, हो गया फरार
प्रारंभिक प्रशिक्षण के बाद दिनेश कुमार रिजर्व पुलिस लाइन चित्तौड़गढ़ में पदस्थापित था। प्रकरण में प्रथम दृष्टया अपराध प्रमाणित होने पर एसओजी ने उसे जांच में शामिल होने के लिए तलब किया, लेकिन वह उपस्थित नहीं हुआ और सितंबर 2025 में ड्यूटी छोड़कर फरार हो गया। इसके बाद उसकी गिरफ्तारी पर 10 हजार रुपए का इनाम घोषित किया गया था।
143 आरोपियों की हो चुकी गिरफ्तारी
एसओजी अधिकारियों के अनुसार उपनिरीक्षक भर्ती परीक्षा-2021 पेपर लीक मामले में अब तक 143 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। गिरफ्तार आरोपी दिनेश कुमार से पूछताछ कर पेपर लीक नेटवर्क और अन्य संदिग्धों के संबंध में जानकारी जुटाई जा रही है। जिसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।


