दरभंगा के बिरौल में16 चक्का ट्रक और एक पिकअप गाड़ी दलदली जमीन में फंस गया। नतीजतन लाखों नहीं, बल्कि करोड़ों रुपये मूल्य की विदेशी शराब समेत दोनों गाड़ी पुलिस के कब्जे में आ गए। तस्कर अंधेरे का फायदा उठाकर मौके से फरार हो गए। घटना बिरौल थाना क्षेत्र के इटवा-शिवनगर चौर की है। थानाध्यक्ष चंद्रमणि के नेतृत्व में पुलिस टीम ने रात करीब दो बजे इलाके की घेराबंदी शुरू कर दी। पुलिस की गतिविधि की भनक लगते ही तस्कर गाड़ी छोड़कर अंधेरे का फायदा उठाते हुए फरार हो गए। दलदल में फंस गया तस्करों का पूरा खेप पुलिस जांच और चेकिंग से बचने के लिए तस्करों ने मुख्य सड़क मार्ग की बजाय चौर का दुर्गम रास्ता चुना था। लेकिन हाल की बारिश के कारण चौर की जमीन दलदली हो चुकी थी। भारी-भरकम 16 चक्का ट्रक और पिकअप वाहन कीचड़ में धंस गए और आगे बढ़ना संभव नहीं हो सका। पुलिस जब मौके पर पहुंची तो दोनों वाहन फंसे हुए मिले। हालांकि पुलिस के लिए भी इन्हें निकालना आसान नहीं था। पूरी रात प्रयास के बाद भी सफलता नहीं मिली। बुधवार को जेसीबी मशीन मंगाई गई और करीब चार घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद दोनों गाड़ी को दलदल से बाहर निकालकर बिरौल थाना लाया गया। जैविक खाद की आड़ में छिपाई गई थी शराब प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि ट्रक पर ऊपर से जैविक खाद लोड किया गया था, जबकि उसके बीच और नीचे बड़ी मात्रा में विदेशी शराब छिपाकर रखी गई थी। तस्करों ने शराब की खेप को इस तरह छिपाया था कि सामान्य जांच में इसका पता लगाना मुश्किल हो। थाना परिसर में देर शाम तक शराब की गिनती जारी रही। शुरुआती जांच में 500 से अधिक कार्टन विदेशी शराब बरामद होने की बात सामने आई है। इनमें विभिन्न ब्रांडों की करीब 10 हजार से अधिक बोतलें शामिल हैं। बरामद शराब हरियाणा निर्मित बताई जा रही है। डेढ़ करोड़ रुपये से अधिक आंकी जा रही कीमत पुलिस सूत्रों के अनुसार बरामद शराब की बाजार कीमत एक करोड़ से डेढ़ करोड़ रुपये के बीच आंकी जा रही है। बिरौल पुलिस की अब तक की गई कार्रवाई में यह सबसे बड़ी शराब बरामदगी में से एक है। थानाध्यक्ष चंद्रमणि ने बताया कि विदेशी शराब से लदे ट्रक और पिकअप वाहन को जब्त कर थाना लाया गया है। बरामद शराब की गिनती और जब्ती सूची तैयार करने का काम जारी है। उन्होंने कहा कि फरार तस्करों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है। दरभंगा के बिरौल में16 चक्का ट्रक और एक पिकअप गाड़ी दलदली जमीन में फंस गया। नतीजतन लाखों नहीं, बल्कि करोड़ों रुपये मूल्य की विदेशी शराब समेत दोनों गाड़ी पुलिस के कब्जे में आ गए। तस्कर अंधेरे का फायदा उठाकर मौके से फरार हो गए। घटना बिरौल थाना क्षेत्र के इटवा-शिवनगर चौर की है। थानाध्यक्ष चंद्रमणि के नेतृत्व में पुलिस टीम ने रात करीब दो बजे इलाके की घेराबंदी शुरू कर दी। पुलिस की गतिविधि की भनक लगते ही तस्कर गाड़ी छोड़कर अंधेरे का फायदा उठाते हुए फरार हो गए। दलदल में फंस गया तस्करों का पूरा खेप पुलिस जांच और चेकिंग से बचने के लिए तस्करों ने मुख्य सड़क मार्ग की बजाय चौर का दुर्गम रास्ता चुना था। लेकिन हाल की बारिश के कारण चौर की जमीन दलदली हो चुकी थी। भारी-भरकम 16 चक्का ट्रक और पिकअप वाहन कीचड़ में धंस गए और आगे बढ़ना संभव नहीं हो सका। पुलिस जब मौके पर पहुंची तो दोनों वाहन फंसे हुए मिले। हालांकि पुलिस के लिए भी इन्हें निकालना आसान नहीं था। पूरी रात प्रयास के बाद भी सफलता नहीं मिली। बुधवार को जेसीबी मशीन मंगाई गई और करीब चार घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद दोनों गाड़ी को दलदल से बाहर निकालकर बिरौल थाना लाया गया। जैविक खाद की आड़ में छिपाई गई थी शराब प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि ट्रक पर ऊपर से जैविक खाद लोड किया गया था, जबकि उसके बीच और नीचे बड़ी मात्रा में विदेशी शराब छिपाकर रखी गई थी। तस्करों ने शराब की खेप को इस तरह छिपाया था कि सामान्य जांच में इसका पता लगाना मुश्किल हो। थाना परिसर में देर शाम तक शराब की गिनती जारी रही। शुरुआती जांच में 500 से अधिक कार्टन विदेशी शराब बरामद होने की बात सामने आई है। इनमें विभिन्न ब्रांडों की करीब 10 हजार से अधिक बोतलें शामिल हैं। बरामद शराब हरियाणा निर्मित बताई जा रही है। डेढ़ करोड़ रुपये से अधिक आंकी जा रही कीमत पुलिस सूत्रों के अनुसार बरामद शराब की बाजार कीमत एक करोड़ से डेढ़ करोड़ रुपये के बीच आंकी जा रही है। बिरौल पुलिस की अब तक की गई कार्रवाई में यह सबसे बड़ी शराब बरामदगी में से एक है। थानाध्यक्ष चंद्रमणि ने बताया कि विदेशी शराब से लदे ट्रक और पिकअप वाहन को जब्त कर थाना लाया गया है। बरामद शराब की गिनती और जब्ती सूची तैयार करने का काम जारी है। उन्होंने कहा कि फरार तस्करों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है।


