नालंदा में खरीफ विपणन मौसम 2025-26 के तहत अधिप्राप्त धान के समतुल्य राज्य खाद्य निगम को जमा किए जाने वाले सीएमआर को लेकर दिक्कत आ रही है। इसको दूर करने के लिए जिलाधिकारी कुंदन कुमार ने कदम उठाए हैं। आज डीएम ने जिला आपूर्ति पदाधिकारी और एसएफसी के जिला प्रबंधक के साथ स्थिति की समीक्षा की। गोदाम फुल होने के कारण सीएमआर जमा करने में आ रही परेशानी और पैक्स अध्यक्षों के असंतोष को देखते हुए डीएम ने राज्य स्तर पर आलाधिकारियों से वार्ता कर समस्या का समाधान निकाल लिया है। 29 हजार मीट्रिक टन से अधिक सीएमआर का होना है उठाव समीक्षा बैठक के दौरान जिला प्रबंधक ने बताया कि इस अधिप्राप्ति मौसम में जिले के 229 पैक्सों और व्यापार मंडलों के माध्यम से कुल 1,32,967.46 मीट्रिक टन धान की खरीद की गई है। इसके एवज में कुल 90,417.87 मीट्रिक टन सीएमआर एसएफसी को हासिल होना है। अब तक 61,266.91 एमटी सीएमआर हासिल कर लिया गया है, जबकि 29,120.96 एमटी सीएमआर अभी भी जमा होना शेष है। गोदाम फुल होने से पैक्स अध्यक्षों पर बढ़ रहा था ब्याज का बोझ अधिकारियों ने बताया कि जिले में सीएमआर संग्रहण के लिए 10 गोदाम हैं, जिनकी कुल क्षमता 3,55,166 एमटी है। वर्तमान में सभी गोदाम लगभग अपनी पूरी क्षमता तक भरे हुए हैं। जगह की कमी के कारण सीएमआर प्राप्ति में भारी कठिनाई आ रही थी। सीएमआर जमा न होने के कारण पैक्स और व्यापार मंडल के अध्यक्षों में भी भारी असंतोष था। उनका कहना था कि समय पर सीएमआर जमा न होने से उन पर ब्याज का अतिरिक्त बोझ पड़ रहा है, जिससे उन्हें आर्थिक तंगी का सामना करना पड़ सकता है। मुजफ्फरपुर, वैशाली और बेगूसराय जाएगा चावल स्थिति की गंभीरता को देखते हुए डीएम कुंदन कुमार ने तत्काल एसएफसी बिहार के प्रबंध निदेशक और खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग के सचिव से फोन पर वार्ता कर वस्तुस्थिति से अवगत कराया। डीएम की इस पहल पर विभाग ने मुजफ्फरपुर से दो रेल रैक और वैशाली व बेगूसराय जिले से एक-एक आईडीटी आवंटित कर दिया है। मामले में तेजी लाने के लिए नालंदा डीएम ने मुजफ्फरपुर, वैशाली और बेगूसराय के जिलाधिकारियों से भी रेल रैक व आईडीटी को लेकर शीघ्र आवश्यक कार्रवाई करने का अनुरोध किया है। साथ ही, जिला प्रबंधक (एसएफसी, नालंदा) को सख्त निर्देश दिया गया है कि वे आवंटित जिलों के प्रबंधकों से संपर्क स्थापित कर सीएमआर भिजवाना और उठाव का कार्य तेजी से सुनिश्चित करें। परिवहन अभिकर्ताओं (DSD) को भी मिली राहत, जल्द मिलेगा भुगतान बैठक में परिवहन-सह-हथालन अभिकर्ताओं के लंबित भुगतान का मुद्दा भी प्रमुखता से उठा। जिला प्रबंधक ने बताया कि सितंबर 2025 से इन अभिकर्ताओं का भुगतान रुका हुआ है, जिससे उन्हें भारी आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। डीएम ने विभाग के सचिव और एसएफसी के प्रबंध निदेशक का ध्यान आकृष्ट कराया। आलाधिकारियों ने डीएम को आश्वस्त किया है कि सितंबर, अक्टूबर और नवंबर 2025 का लंबित भुगतान शीघ्र ही कर दिया जाएगा। इस फैसले से परिवहन अभिकर्ताओं ने भी राहत की सांस ली है। नालंदा में खरीफ विपणन मौसम 2025-26 के तहत अधिप्राप्त धान के समतुल्य राज्य खाद्य निगम को जमा किए जाने वाले सीएमआर को लेकर दिक्कत आ रही है। इसको दूर करने के लिए जिलाधिकारी कुंदन कुमार ने कदम उठाए हैं। आज डीएम ने जिला आपूर्ति पदाधिकारी और एसएफसी के जिला प्रबंधक के साथ स्थिति की समीक्षा की। गोदाम फुल होने के कारण सीएमआर जमा करने में आ रही परेशानी और पैक्स अध्यक्षों के असंतोष को देखते हुए डीएम ने राज्य स्तर पर आलाधिकारियों से वार्ता कर समस्या का समाधान निकाल लिया है। 29 हजार मीट्रिक टन से अधिक सीएमआर का होना है उठाव समीक्षा बैठक के दौरान जिला प्रबंधक ने बताया कि इस अधिप्राप्ति मौसम में जिले के 229 पैक्सों और व्यापार मंडलों के माध्यम से कुल 1,32,967.46 मीट्रिक टन धान की खरीद की गई है। इसके एवज में कुल 90,417.87 मीट्रिक टन सीएमआर एसएफसी को हासिल होना है। अब तक 61,266.91 एमटी सीएमआर हासिल कर लिया गया है, जबकि 29,120.96 एमटी सीएमआर अभी भी जमा होना शेष है। गोदाम फुल होने से पैक्स अध्यक्षों पर बढ़ रहा था ब्याज का बोझ अधिकारियों ने बताया कि जिले में सीएमआर संग्रहण के लिए 10 गोदाम हैं, जिनकी कुल क्षमता 3,55,166 एमटी है। वर्तमान में सभी गोदाम लगभग अपनी पूरी क्षमता तक भरे हुए हैं। जगह की कमी के कारण सीएमआर प्राप्ति में भारी कठिनाई आ रही थी। सीएमआर जमा न होने के कारण पैक्स और व्यापार मंडल के अध्यक्षों में भी भारी असंतोष था। उनका कहना था कि समय पर सीएमआर जमा न होने से उन पर ब्याज का अतिरिक्त बोझ पड़ रहा है, जिससे उन्हें आर्थिक तंगी का सामना करना पड़ सकता है। मुजफ्फरपुर, वैशाली और बेगूसराय जाएगा चावल स्थिति की गंभीरता को देखते हुए डीएम कुंदन कुमार ने तत्काल एसएफसी बिहार के प्रबंध निदेशक और खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग के सचिव से फोन पर वार्ता कर वस्तुस्थिति से अवगत कराया। डीएम की इस पहल पर विभाग ने मुजफ्फरपुर से दो रेल रैक और वैशाली व बेगूसराय जिले से एक-एक आईडीटी आवंटित कर दिया है। मामले में तेजी लाने के लिए नालंदा डीएम ने मुजफ्फरपुर, वैशाली और बेगूसराय के जिलाधिकारियों से भी रेल रैक व आईडीटी को लेकर शीघ्र आवश्यक कार्रवाई करने का अनुरोध किया है। साथ ही, जिला प्रबंधक (एसएफसी, नालंदा) को सख्त निर्देश दिया गया है कि वे आवंटित जिलों के प्रबंधकों से संपर्क स्थापित कर सीएमआर भिजवाना और उठाव का कार्य तेजी से सुनिश्चित करें। परिवहन अभिकर्ताओं (DSD) को भी मिली राहत, जल्द मिलेगा भुगतान बैठक में परिवहन-सह-हथालन अभिकर्ताओं के लंबित भुगतान का मुद्दा भी प्रमुखता से उठा। जिला प्रबंधक ने बताया कि सितंबर 2025 से इन अभिकर्ताओं का भुगतान रुका हुआ है, जिससे उन्हें भारी आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। डीएम ने विभाग के सचिव और एसएफसी के प्रबंध निदेशक का ध्यान आकृष्ट कराया। आलाधिकारियों ने डीएम को आश्वस्त किया है कि सितंबर, अक्टूबर और नवंबर 2025 का लंबित भुगतान शीघ्र ही कर दिया जाएगा। इस फैसले से परिवहन अभिकर्ताओं ने भी राहत की सांस ली है।


