Marriage trends: भागदौड़ की जिंदगी में घर-परिवार में समय की कमी ने कपल्स में गहरा शून्य पैदा कर दिया है। अप्रैल 2026 में प्रकाशित स्टेट ऑफ मॉडर्न मैरिजेज रिपोर्ट के अनुसार, भारत में अब विवाहेत्तर संबंध केवल महानगरों तक सीमित नहीं रहे। शारीरिक और मानसिक सुख की दौड़ में पति-पत्नी ऐसे दोराहे पर खड़े हैं, जहां घर के भीतर वे पार्टनर हैं, लेकिन घर के बाहर वो पे्रमी या प्रेमिका हैं। खास बात है कि पिछले पांच साल में पुरुपों में 64% तो महिलाओं में 288% बेवफाई के मामले बढ़े हैं। रिपोर्ट में 33% लोगों ने समय की कमी को बेवफाई का मुख्य कारण माना। वहीं, 51% ने कहा कि वे पार्टनर के साथ भावनात्मक जुड़ाव महसूस नहीं करते। खास बात है कि 28 से 45 वर्ष की आयु के बीच वैवाहिक बेवफाई के मामले तेजी से बढ़े हैं। अब वैवाहिक बंधन को तोडऩा या उसमें रहते हुए धोखा देना ग्लानि का विषय नहीं, बल्कि एक चॉइस बनता जा रहा है। डेटिंग ऐप्स पर मैरिड स्टेटस के साथ प्रोफाइल बनाने वालों की संख्या 5 वर्षों में 140% बढ़ी है।
पुरुषों में घरवाली-बाहरवाली का कॉन्सेप्ट
करीब 36% विवाहित पुरुष अन्य महिलाओं से संबंध की इच्छा रखते हैं, जिनमें से 20% सक्रिय हैं। इनमें से 12% पुरुष बीवी की फरमाइशें पूरी करनेे के साथ पेड सर्विसेज भी लेते हैं। इसके पीछे पत्नी के साथ कम संवाद और नयापन की तलाश है। 30-40 वर्ष की आयु के पुरुषों में यह प्रवृत्ति सबसे ज्यादा है, जो काम का तनाव कम करने के बहाने इन रास्तों पर निकल जाते हैं।

शारीरिक जरूरत पर मुखर हुई महिलाएं
26% विवाहित महिलाओं को अब विवाहेतर संबंधों से परहेज नहीं है। इनमें से 5-7% महिलाएं पुरुषों की पेड सेवाएं भी ले रही हैं। महिलाएं अपनी भावनात्मक और शारीरिक जरूरतों को लेकर मुखर हैं। यदि वैवाहिक जीवन में असंतोष है, तो वे बाहर विकल्प खोजने में संकोच नहीं कर रहीं। वित्तीय स्वतंत्रता ने इसको और हवा दी है।
न्यायालय ने खत्म किया जेल का डर
आंकड़ों की मानें तो तलाक के आवेदनों में हर 3 में से 2 मामलों में सोशल मीडिया सबूत मुख्य आधार बन रहे हैं। 2018 में सुप्रीम कोर्ट ने एडल्ट्री (व्यभिचार) को अपराध की श्रेणी से बाहर कर दिया है। यह अब सिर्फ तलाक का एक आधार है, न कि जेल जाने का कारण।
तकनीक ने वेवफाई को दी हवा
तकनीक ने अजनबियों से जुडऩा और गुप्त संबंध बनाए रखना आसान बना दिया है। लोग एक-दूसरे को धोखा देने के लिए सेकंडरी स्मार्टफोन और हिडन ऐप्स का इस्तेमाल कर रहे हैं। सोशल मीडिया और एन्क्रिप्टेड चैट्स लोगों को पकड़े जाने के डर के बिना अपनी इच्छाएं पूरी करने का मंच देते हैं।

नंबर गेम
- 7 फेरो पर संकट, स्टेट ऑफ मॉडर्न मैरिजेज रिपोर्ट में खुलासा
- 28-45 वर्ष की आयु के बीच वैवाहिक बेवफाई के मामले ज्यादा
- 33% लोगों ने समय की कमी को बेवफाई का मुख्य कारण माना
- 51% लोग पार्टनर के साथ भावनात्मक जुड़ा़व महसूस नहीं करते
| वर्ष | बेवफा पुरुष (%) | बेवफा महिलाएं (%) | तलाक (%) |
| 2021 | 22% | 9% | 12% |
| 2022 | 25% | 12% | 15% |
| 2023 | 28% | 16% | 19% |
| 2024 | 32% | 21% | 24% |
| 2025-26 | 36% | 26% | 31% |
| शहर | बेवफाई (%) | मुख्य कारण |
|---|---|---|
| बेंगलुरु | 41% | आईटी कल्चर, वर्क स्ट्रेस और प्राइवेसी |
| मुंबई | 39% | भागदौड़ भरी लाइफस्टाइल और लिबरल माइंडसेट |
| कोलकाता | 35% | भावनात्मक रिक्तता और बौद्धिक संवाद की कमी |
| दिल्ली-एनसीआर | 34% | हाई-प्रोफाइल लाइफस्टाइल और सोशल नेटवर्किंग |
| पुणे | 32% | युवा कामकाजी आबादी और प्राइवेसी |
| हैदराबाद | 30% | टेक-हब और बदलती सामाजिक मान्यताएँ |
| अहमदाबाद | 28% | व्यावसायिक व्यस्तता और अकेलापन |
| चेन्नई | 26% | रूढ़िवादिता का टूटना और डिजिटल पहुँच |
| चंडीगढ़ | 25% | दिखावे की संस्कृति और संपन्नता |
| जयपुर | 23% | पर्यटन और नए सामाजिक बदलाव |
| इंदौर | 21% | टियर-2 शहरों में बढ़ती डिजिटल पैठ |
| लखनऊ | 19% | पारंपरिक मूल्यों और आधुनिकता का टकराव |
स्रोत: State of Modern Marriages 2026


