कलेक्ट्रेट पहुंचा नवलपुरा में निजी रास्ते का विवाद:पीड़ित परिवार का आरोप: रसूखदार झूठे आवेदन से नया रास्ता बनाने का दबाव

नीमच तहसील के ग्राम नवलपुरा में निजी कृषि भूमि पर जबरन नया रास्ता निकालने और प्रशासन पर दबाव बनाने का एक गंभीर मामला सामने आया है। मंगलवार को नवलपुरा के नागदा परिवार ने कलेक्ट्रेट कार्यालय पहुंचकर कलेक्टर के नाम एक शिकायती ज्ञापन सौंपा। शिकायत में राधेश्याम, कन्हैयालाल, मांगीबाई और बालमुकुंद नागदा ने गांव के बनवारीलाल, अर्जुन, अनिल, कैलाश, विनोद, शोभागमल सहित लगभग डेढ़ दर्जन लोगों पर आरोप लगाया है। उनका कहना है कि ये लोग न्यायालय और प्रशासन को गुमराह कर उनकी निजी पैतृक भूमि से जबरन नया रास्ता निकालना चाहते हैं। पीड़ितों के अनुसार, विपक्षियों का पारंपरिक रास्ता नीमच-सिंगोली रोड से होते हुए शासकीय सर्वे नंबर 660 से पूरी तरह चालू है, जिसमें कोई बाधा नहीं है। इसके बावजूद, रसूख के बल पर उनकी निजी सर्वे नंबर 691/1 की जमीन को निशाना बनाया जा रहा है ताकि वहां से नया रास्ता बनाया जा सके। इस रास्ते को लेकर पूर्व में तहसीलदार न्यायालय ग्रामीण में एक प्रकरण दर्ज हुआ था। तहसीलदार के आदेश के खिलाफ पीड़ित पक्ष ने निगरानी याचिका दायर की थी, जिसे न्यायालय ने 6 मई 2026 को मांगीबाई आदि पीड़ित पक्ष के हक में स्वीकार कर लिया था। पीड़ितों का आरोप है कि इस कानूनी हार से बौखलाकर विपक्षीगण अब न्यायालय के आदेशों के विरुद्ध असत्य और भ्रामक शिकायतें कर रहे हैं। उनका मुख्य रास्ता जहां खत्म होता है, वहां नागदा परिवार का निजी खेत आता है, लेकिन विपक्षीगण इस निजी खेत के बीचों-बीच से रास्ता निकालने पर अड़े हैं। प्रार्थी परिवार ने जनसुनवाई में गुहार लगाई है कि जब मामला न्यायालय में विचाराधीन है, तो झूठी शिकायतें कर दबाव बनाने वाले इन तत्वों के खिलाफ सख्त दंडात्मक कार्रवाई की जाए और मौके की निष्पक्ष जांच कराकर उनकी निजी जमीन की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।

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