मधेपुरा के कुमारखंड प्रखंड के बेलारी थाना क्षेत्र में 13 साल की नाबालिग छात्रा से रेप के आरोपी शिक्षक ने मंगलवार को कोर्ट में सरेंडर कर दिया है। आरोपी शिक्षक कुसहा निवासी किसन मंडल का बेटा शंकर कुमार मंडल (30) है। वह रेनबो साइंस सर्किट नाम की एक निजी कोचिंग सेंटर का संचालन करता था। घटना के बाद से ही आरोपी पिछले करीब 4 दिनों से फरार चल रहा था, जिसे पकड़ने के लिए पुलिस लगातार उसके संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही थी। घटना 29 मई को अंजाम दिया गया था, जब पांचवीं कक्षा में पढ़ने वाली 13 साल की पीड़िता रोज की तरह उस कोचिंग सेंटर में पढ़ने गई थी। मामले से जुड़ी तस्वीरें देखिए…. अब जानें पूरा मामला… फोटोकॉपी कराने के बहाने नाबालिग छात्रा को रोका छुट्टी होने के बाद जब अन्य बच्चे चले गए, तो आरोपी शिक्षक ने फोटोकॉपी कराने के बहाने नाबालिग छात्रा को वहीं रोक लिया। इसके बाद वह छात्रा को जबरन क्लासरूम के भीतर ले गया और उसके साथ दुष्कर्म की वारदात को अंजाम दिया। इस दौरान मासूम बच्ची की चीख-पुकार बाहर न जा सके, इसके लिए आरोपी ने उसके मुंह में कपड़ा ठूंस दिया था। काफी देर तक जब छात्रा अपने घर वापस नहीं लौटी, तो उसके परिजन चिंतित हो गए और उसकी तलाश करते हुए पीड़िता के मौसा कोचिंग सेंटर पहुंचे। वहां जब उन्होंने अंदर जाकर देखा तो आरोपी को पीड़िता के साथ बेहद आपत्तिजनक स्थिति में पाया, जिसके बाद परिजनों को देखकर आरोपी शिक्षक मौके से फरार होने में कामयाब रहा। विशेष पुलिस टीम का गठन किया इस घटना के बाद पीड़िता के द्वारा महिला थाना में एक लिखित शिकायत दर्ज कराई गई। पीड़िता के आवेदन और परिजनों के बयान के आधार पर महिला थाना में पॉक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया। एसपी ने आरोपी की गिरफ्तारी के लिए अपर पुलिस अधीक्षक सह अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी के नेतृत्व में एक विशेष पुलिस टीम का गठन किया। ASP प्रवेंद्र भारती ने बताया कि विशेष टीम के द्वारा आरोपी शिक्षक शंकर कुमार मंडल के पैतृक घर कुसहा समेत उसके कई अन्य ठिकानों पर लगातार छापेमारी की गई। पुलिस ने उक्त कोचिंग संस्थान को भी पूरी तरह से सील कर दिया। इस बीच पुलिस ने पीड़िता का मेडिकल टेस्ट कराया और कोर्ट में उसका CRPC के तहत बयान भी दर्ज करवाया। पुलिस की घेराबंदी और बढ़ते दबाव के कारण आरोपी के पास भागने का कोई रास्ता नहीं बचा, जिससे मजबूर होकर उसने मंगलवार को कोर्ट में सरेंडर कर दिया। पुलिस अब आरोपी को रिमांड पर लेकर आगे की कानूनी कार्रवाई और न्यायिक प्रक्रिया को पूरा करने में जुट गई है। मधेपुरा के कुमारखंड प्रखंड के बेलारी थाना क्षेत्र में 13 साल की नाबालिग छात्रा से रेप के आरोपी शिक्षक ने मंगलवार को कोर्ट में सरेंडर कर दिया है। आरोपी शिक्षक कुसहा निवासी किसन मंडल का बेटा शंकर कुमार मंडल (30) है। वह रेनबो साइंस सर्किट नाम की एक निजी कोचिंग सेंटर का संचालन करता था। घटना के बाद से ही आरोपी पिछले करीब 4 दिनों से फरार चल रहा था, जिसे पकड़ने के लिए पुलिस लगातार उसके संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही थी। घटना 29 मई को अंजाम दिया गया था, जब पांचवीं कक्षा में पढ़ने वाली 13 साल की पीड़िता रोज की तरह उस कोचिंग सेंटर में पढ़ने गई थी। मामले से जुड़ी तस्वीरें देखिए…. अब जानें पूरा मामला… फोटोकॉपी कराने के बहाने नाबालिग छात्रा को रोका छुट्टी होने के बाद जब अन्य बच्चे चले गए, तो आरोपी शिक्षक ने फोटोकॉपी कराने के बहाने नाबालिग छात्रा को वहीं रोक लिया। इसके बाद वह छात्रा को जबरन क्लासरूम के भीतर ले गया और उसके साथ दुष्कर्म की वारदात को अंजाम दिया। इस दौरान मासूम बच्ची की चीख-पुकार बाहर न जा सके, इसके लिए आरोपी ने उसके मुंह में कपड़ा ठूंस दिया था। काफी देर तक जब छात्रा अपने घर वापस नहीं लौटी, तो उसके परिजन चिंतित हो गए और उसकी तलाश करते हुए पीड़िता के मौसा कोचिंग सेंटर पहुंचे। वहां जब उन्होंने अंदर जाकर देखा तो आरोपी को पीड़िता के साथ बेहद आपत्तिजनक स्थिति में पाया, जिसके बाद परिजनों को देखकर आरोपी शिक्षक मौके से फरार होने में कामयाब रहा। विशेष पुलिस टीम का गठन किया इस घटना के बाद पीड़िता के द्वारा महिला थाना में एक लिखित शिकायत दर्ज कराई गई। पीड़िता के आवेदन और परिजनों के बयान के आधार पर महिला थाना में पॉक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया। एसपी ने आरोपी की गिरफ्तारी के लिए अपर पुलिस अधीक्षक सह अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी के नेतृत्व में एक विशेष पुलिस टीम का गठन किया। ASP प्रवेंद्र भारती ने बताया कि विशेष टीम के द्वारा आरोपी शिक्षक शंकर कुमार मंडल के पैतृक घर कुसहा समेत उसके कई अन्य ठिकानों पर लगातार छापेमारी की गई। पुलिस ने उक्त कोचिंग संस्थान को भी पूरी तरह से सील कर दिया। इस बीच पुलिस ने पीड़िता का मेडिकल टेस्ट कराया और कोर्ट में उसका CRPC के तहत बयान भी दर्ज करवाया। पुलिस की घेराबंदी और बढ़ते दबाव के कारण आरोपी के पास भागने का कोई रास्ता नहीं बचा, जिससे मजबूर होकर उसने मंगलवार को कोर्ट में सरेंडर कर दिया। पुलिस अब आरोपी को रिमांड पर लेकर आगे की कानूनी कार्रवाई और न्यायिक प्रक्रिया को पूरा करने में जुट गई है।


