Jabalpur Lokayukta Caught Revenue Inspector: मध्य प्रदेश में रिश्वतखोर अधिकारी-कर्मचारियों पर कार्रवाई का सिलसिला लगातार जारी है। लगभग हर दूसरे दिन कहीं न कहीं लोकायुक्त (Lokayukta Action) रिश्वतखोर अधिकारी-कर्मचारियों को रिश्वत (Bribe) लेते हुए रंगेहाथों पकड़ रही है लेकिन इसके बावजूद रिश्वतखोर बाज आते नजर नहीं आ रहे हैं। ताजा मामला मध्यप्रदेश के जबलपुर का है जहां जबलपुर लोकायुक्त की टीम ने एक राजस्व निरीक्षक (Revenue Inspector) को रिश्वत लेते हुए रंगेहाथों पकड़ा है।
जमीन के सीमांकन के एवज में मांगी रिश्वत
जबलपुर के उखरी क्षेत्र की संगम कॉलोनी में रहने वाले 37 वर्षीय रोहित जैन ने लोकायुक्त कार्यालय में शाहपुरा तहसील में पदस्थ रिश्वतखोर राजस्व निरीक्षक करण सिंह लोधी के खिलाफ रिश्वत मांगने की शिकायत दर्ज कराई थी। अपनी शिकायत में फरियादी रोहित जैन ने बताया था कि उसने जमीन खरीदी थी और जब उस जमीन का सीमांकन कराने के लिए राजस्व निरीक्षक करण सिंह लोधी के पास पहुंचा तो राजस्व निरीक्षक ने उससे 1 लाख रुपये रिश्वत की मांग की। बातचीत के बाद 80 हजार रुपये रिश्वत देना तय हुआ है।
80 हजार रुपये लेते लोकायुक्त ने पकड़ा
लोकायुक्त टीम ने फरियादी रोहित जैन की शिकायत की जांच की और शिकायत सही पाए जाने पर मंगलवार (02 जून 2026) को फरियादी को रिश्वत देने के लिए रिश्वतखोर राजस्व निरीक्षक के पास भेजा। राजस्व निरीक्षक करण सिंह लोधी ने रतन कॉलोनी, कटंगा में रिश्वत देने के लिए फरियादी रोहित जैन को बुलाया। वहां पर जैसे ही राजस्व निरीक्षक ने रिश्वत के 80 हजार रुपये फरियादी से लिए तो सादे कपड़ों में मौजूद लोकायुक्त की टीम ने उसे रंगेहाथों पकड़ लिया। आरोपी के विरुद्ध लोकायुक्त टीम ने भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 (संशोधन) 2018 की धारा-7,13(1)B, 13(2) के अंतर्गत कार्यवाही की है। ट्रैप दल में टीएलओ निरीक्षक जितेंद्र यादव, निरीक्षक राहुल गजभिए एवम् लोकायुक्त जबलपुर का दल शामिल रहा ।
शहडोल में तहसील का बाबू 75 हजार लेते पकड़ाया
इधर मंगलवार को ही शहडोल में ब्यौहारी तहसील में पदस्थ बाबू लल्लू प्रसाद प्रजापति को भी रीवा लोकायुक्त की टीम ने 75 हजार रुपये रिश्वत लेते पकड़ा है। रिश्वतखोर बाबू लल्लू प्रसाद प्रजापति तहसील कार्यालय के बाहर एक फोटो कॉपी की दुकान पर फरियादी रमेश रजक निवासी वार्ड क्रमांक–3 बाणसागर देवलौंद तहसील ब्यौहारी से रिश्वत ले रहा था। फरियादी रमेश रजक के मुताबिक उसकी दुकान को लेकर उसका किराएदार से विवाद हुआ था और इसी कारण पुलिस में केस दर्ज हुआ था। प्रकरण एसडीएम न्यायालय में चल रहा है और बाबू लल्लू प्रसाद प्रजापति उसके पक्ष में फैसला करवाने के एवज में एक लाख रुपये रिश्वत की मांग कर रहा था।


