प्रेमी संग पकड़े जाने के बाद पत्नी ने रची खौफनाक साजिश: संभल में सोते पति पर फेंका तेजाब, कोर्ट ने सुनाया सख्त फैसला

प्रेमी संग पकड़े जाने के बाद पत्नी ने रची खौफनाक साजिश: संभल में सोते पति पर फेंका तेजाब, कोर्ट ने सुनाया सख्त फैसला

Wife Gets Life Imprisonment: यूपी के संभल में पति पर तेजाब डालकर उसकी आंखों की रोशनी छीन लेने वाली महिला को अदालत ने उम्रकैद की सजा सुनाई है। अदालत ने दोषी महिला पर 1.75 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया है। इस सनसनीखेज मामले ने पूरे इलाके को झकझोर दिया था। अदालत के फैसले के बाद एक बार फिर यह मामला चर्चा में आ गया है, जिसमें एक प्रेम संबंध, पारिवारिक विवाद और खौफनाक साजिश की परतें सामने आई थीं।

कोर्ट ने सुनाया कड़ा फैसला

सोमवार को अपर जिला जज गोपाल की अदालत ने दोषी कहकशां को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। अदालत ने यह भी माना कि आरोपी ने बेहद क्रूर तरीके से अपने पति पर तेजाब फेंककर गंभीर अपराध किया था। मामले की सुनवाई एक वर्ष से अधिक समय तक चली, जिसमें करीब 10 महत्वपूर्ण सुनवाई हुईं। सभी पक्षों की दलीलें सुनने और सबूतों का परीक्षण करने के बाद अदालत ने यह फैसला सुनाया।

दोष सिद्ध होने के बाद सुरक्षित रखा गया था फैसला

अदालत ने 27 मई को कहकशां को दोषी करार दिया था। इसके बाद सजा पर फैसला सुरक्षित रख लिया गया था। सोमवार को अदालत ने अंतिम निर्णय सुनाते हुए आरोपी को उम्रकैद की सजा दी। अदालत के इस फैसले को पीड़ित पक्ष ने न्याय की जीत बताया।

प्रेमी के साथ आपत्तिजनक हालत में पकड़ी गई थी पत्नी

मामले की शुरुआत 7 मार्च 2025 को हुई थी। पीड़ित मुजफ्फर अली ने अपनी पत्नी कहकशां को घर के अंदर उसके कथित प्रेमी के साथ आपत्तिजनक स्थिति में देख लिया था। इस घटना के बाद घर में विवाद हुआ और दोनों के बीच तीखी बहस हुई। मोहल्ले के लोगों ने बीच-बचाव कर मामला शांत कराया, लेकिन इसके बाद घटनाक्रम ने खतरनाक मोड़ ले लिया।

रात में सोते समय किया गया तेजाब हमला

आरोप के अनुसार, उसी रात कहकशां ने सोते हुए पति पर तेजाब डाल दिया। अचानक हुए इस हमले से मुजफ्फर अली का चेहरा बुरी तरह झुलस गया। तेजाब उसकी आंखों, चेहरे, कंधों और पेट के हिस्से पर भी गिरा। हमले की गंभीरता इतनी अधिक थी कि उसकी दोनों आंखों की रोशनी हमेशा के लिए चली गई।

छह महीने तक चला इलाज

हमले के बाद गंभीर रूप से घायल मुजफ्फर अली को पहले स्थानीय अस्पताल ले जाया गया और बाद में दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल रेफर किया गया। वहां लगभग छह महीने तक उसका इलाज चला। डॉक्टरों ने काफी प्रयास किए, लेकिन उसकी आंखों की रोशनी वापस नहीं आ सकी। इस घटना ने उसकी पूरी जिंदगी बदलकर रख दी।

सजा सुनते ही कोर्ट में रो पड़ी आरोपी

सजा सुनते ही कोर्ट में रो पड़ी आरोपी

जैसे ही अदालत ने उम्रकैद की सजा सुनाई, कहकशां कोर्ट कक्ष में फूट-फूटकर रोने लगी। बाद में वह अपना चेहरा छिपाते हुए अदालत परिसर से बाहर निकली। सुरक्षा के लिए एक महिला कांस्टेबल उसके साथ मौजूद रही। इसके बाद उसे जेल भेज दिया गया।

पीड़ित भी सुनवाई के दौरान अदालत पहुंचा

सुनवाई के दौरान मुजफ्फर अली अपनी मां के साथ अदालत पहुंचा था। तेजाब हमले के कारण उसका चेहरा गंभीर रूप से प्रभावित हुआ था, इसलिए उसने चेहरे को तौलिए से ढंक रखा था। अदालत के फैसले के बाद पीड़ित पक्ष ने राहत की सांस ली।

लव मैरिज के बाद बिगड़ गए थे रिश्ते

बिजनौर के नगीना क्षेत्र की रहने वाली कहकशां ने वर्ष 2019 में मुजफ्फर अली से प्रेम विवाह किया था। शादी के बाद दोनों के दो बच्चे हुए। परिवार सामान्य रूप से चल रहा था, लेकिन कुछ समय बाद कहकशां का कथित तौर पर अपने क्षेत्र के एक युवक से संबंध हो गया। इसी वजह से पति-पत्नी के बीच अक्सर विवाद होने लगा था।

विरोध के बावजूद जारी रहा कथित संबंध

मुजफ्फर अली को जब पत्नी के कथित प्रेम संबंध की जानकारी मिली तो उसने कई बार इसका विरोध किया। परिवार को बचाने की कोशिश भी की गई, लेकिन दोनों के बीच तनाव लगातार बढ़ता गया। इसी तनाव ने आखिरकार एक गंभीर आपराधिक घटना का रूप ले लिया।

बाजार से खरीदकर लाई थी तेजाब

पीड़ित के अनुसार, प्रेमी के साथ पकड़े जाने के बाद कहकशां बाजार गई और वहां से तेजाब खरीदकर लाई। रात में जब मुजफ्फर सो रहा था, तब उसने उसके चेहरे पर तेजाब उड़ेल दिया। जब वह जान बचाने के लिए भागा तो आरोपी बाल्टी में तेजाब लेकर उसके पीछे दौड़ी और दोबारा उस पर तेजाब फेंका।

पड़ोसियों ने बचाई जान

मुजफ्फर अली की चीख-पुकार सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे। पड़ोसियों ने उसे तत्काल अस्पताल पहुंचाया। यदि समय रहते मदद नहीं मिलती तो उसकी जान भी जा सकती थी। इस घटना के बाद पूरे इलाके में दहशत और आक्रोश का माहौल बन गया था।

एक दिन पहले जहर देने का भी आरोप

विशेष लोक अभियोजक नरेंद्र कुमार यादव के अनुसार, तेजाब हमले से एक दिन पहले भी आरोपी ने पति को खाने में जहर देकर मारने की कोशिश की थी। आरोप है कि इस साजिश में उसके कुछ परिजनों ने भी सहयोग किया था। हालांकि इस मामले में कोई अलग एफआईआर दर्ज नहीं कराई गई थी।

जमानत मिलने के बाद फिर भेजी गई जेल

मामले की सुनवाई के दौरान निचली अदालत ने आरोपी की जमानत याचिका खारिज कर दी थी। बाद में उसे हाईकोर्ट से जमानत मिल गई थी। लेकिन 27 मई को दोषी ठहराए जाने के बाद अदालत ने उसकी जमानत रद्द कर दी और उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया था। अब सजा सुनाए जाने के बाद उसे फिर जेल भेज दिया गया है।

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