कोंच प्रखंड में विश्व पर्यावरण दिवस-2026 के अवसर पर “स्वच्छ गांव, सुरक्षित जलवायु” विशेष अभियान की शुरुआत की गई है। इस पांच दिवसीय अभियान को सफल बनाने के लिए सोमवार को प्रखंड कार्यालय में एक बैठक आयोजित की गई। यह अभियान 01 जून से 05 जून 2026 तक प्रखंड की सभी पंचायतों में चलाया जाएगा। बैठक की अध्यक्षता प्रखंड विकास पदाधिकारी विपुल भारद्वाज ने की, जबकि संचालन प्रखंड समन्वयक अमित कुमार ने किया। बैठक में प्रखंड विकास पदाधिकारी विपुल भारद्वाज ने अभियान के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि यह पहल केवल स्वच्छता तक सीमित नहीं है, बल्कि पर्यावरण संरक्षण, जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों का सामना करने और ग्रामीण क्षेत्रों में सतत विकास को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने सभी पर्यवेक्षकों और जनप्रतिनिधियों से जनभागीदारी सुनिश्चित करने का आह्वान किया। प्रखंड समन्वयक अमित कुमार ने बताया कि अभियान के दौरान ग्रामीण क्षेत्रों में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन के प्रति जागरूकता फैलाई जाएगी। इसका उद्देश्य लोगों को पर्यावरण के अनुकूल जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करना है, जिससे सामुदायिक स्तर पर स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण को मजबूत किया जा सके। उन्होंने आगे कहा कि अभियान में प्लास्टिक कचरे के प्रभावी प्रबंधन के लिए “3R सिद्धांत” (रिड्यूस, रीयूज, रीसाइकिल) और धूसर जल (ग्रे वाटर) के बेहतर उपयोग को बढ़ावा दिया जाएगा। इसके अतिरिक्त, “वेस्ट टू वेल्थ” (कचरे से धन) की अवधारणा के माध्यम से कचरे को आय के साधन में बदलने और ग्रामीण क्षेत्रों में चक्रीय अर्थव्यवस्था विकसित करने पर विशेष जोर दिया जाएगा। बैठक में उपस्थित अधिकारियों एवं पर्यवेक्षकों को पंचायत स्तर पर विभिन्न कार्यक्रम आयोजित करने के निर्देश दिए गए। इनमें स्वच्छता जागरूकता कार्यक्रम, श्रमदान, पौधारोपण, प्लास्टिक मुक्त अभियान और कचरा प्रबंधन से जुड़े अन्य कार्यक्रम शामिल हैं। इस बैठक में पर्यवेक्षक अजित कुमार, गुड्डू कुमार, नौलेश कुमार, ऋषव राज, कन्हैया शरण, महफूज आलम, रंजन कुमार, सविंदर कुमार, प्रभात कुमार, उदय सिंह सहित कई अन्य अधिकारी और जनप्रतिनिधि उपस्थित थे। कोंच प्रखंड में विश्व पर्यावरण दिवस-2026 के अवसर पर “स्वच्छ गांव, सुरक्षित जलवायु” विशेष अभियान की शुरुआत की गई है। इस पांच दिवसीय अभियान को सफल बनाने के लिए सोमवार को प्रखंड कार्यालय में एक बैठक आयोजित की गई। यह अभियान 01 जून से 05 जून 2026 तक प्रखंड की सभी पंचायतों में चलाया जाएगा। बैठक की अध्यक्षता प्रखंड विकास पदाधिकारी विपुल भारद्वाज ने की, जबकि संचालन प्रखंड समन्वयक अमित कुमार ने किया। बैठक में प्रखंड विकास पदाधिकारी विपुल भारद्वाज ने अभियान के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि यह पहल केवल स्वच्छता तक सीमित नहीं है, बल्कि पर्यावरण संरक्षण, जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों का सामना करने और ग्रामीण क्षेत्रों में सतत विकास को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने सभी पर्यवेक्षकों और जनप्रतिनिधियों से जनभागीदारी सुनिश्चित करने का आह्वान किया। प्रखंड समन्वयक अमित कुमार ने बताया कि अभियान के दौरान ग्रामीण क्षेत्रों में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन के प्रति जागरूकता फैलाई जाएगी। इसका उद्देश्य लोगों को पर्यावरण के अनुकूल जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करना है, जिससे सामुदायिक स्तर पर स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण को मजबूत किया जा सके। उन्होंने आगे कहा कि अभियान में प्लास्टिक कचरे के प्रभावी प्रबंधन के लिए “3R सिद्धांत” (रिड्यूस, रीयूज, रीसाइकिल) और धूसर जल (ग्रे वाटर) के बेहतर उपयोग को बढ़ावा दिया जाएगा। इसके अतिरिक्त, “वेस्ट टू वेल्थ” (कचरे से धन) की अवधारणा के माध्यम से कचरे को आय के साधन में बदलने और ग्रामीण क्षेत्रों में चक्रीय अर्थव्यवस्था विकसित करने पर विशेष जोर दिया जाएगा। बैठक में उपस्थित अधिकारियों एवं पर्यवेक्षकों को पंचायत स्तर पर विभिन्न कार्यक्रम आयोजित करने के निर्देश दिए गए। इनमें स्वच्छता जागरूकता कार्यक्रम, श्रमदान, पौधारोपण, प्लास्टिक मुक्त अभियान और कचरा प्रबंधन से जुड़े अन्य कार्यक्रम शामिल हैं। इस बैठक में पर्यवेक्षक अजित कुमार, गुड्डू कुमार, नौलेश कुमार, ऋषव राज, कन्हैया शरण, महफूज आलम, रंजन कुमार, सविंदर कुमार, प्रभात कुमार, उदय सिंह सहित कई अन्य अधिकारी और जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।


