बिहार सेंट्रल को-ऑपरेटिव बैंक एंप्लॉइज फेडरेशन यूनिट, औरंगाबाद के बैनर तले सोमवार को बैंक कर्मियों ने अपनी विभिन्न लंबित मांगों के समर्थन में मुख्यालय को-ऑपरेटिव बैंक, औरंगाबाद शाखा परिसर में शांतिपूर्ण धरना-प्रदर्शन किया।पूर्व निर्धारित आंदोलन कार्यक्रम के तहत बैंक परिसर में ही कर्मियों ने एक दिवसीय शांतिपूर्ण हड़ताल कर धरना दिया। इस दौरान कर्मचारियों ने नारेबाजी करते हुए अपनी मांगों के समर्थन में आवाज बुलंद की। संघ के नेताओं ने स्पष्ट कहा कि उनका आंदोलन पूरी तरह लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण तरीके से चलाया जा रहा है तथा वे वार्ता के माध्यम से समाधान चाहते हैं। कर्मचारियों ने बैंक प्रबंधन पर लंबे समय से उनकी जायज मांगों की अनदेखी करने का आरोप लगाते हुए चेतावनी दी कि यदि 5 जून तक कोई सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो वे अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू करेंगे। धरना कार्यक्रम के दौरान कर्मचारी नेताओं ने कहा कि बैंक कर्मियों की समस्याएं वर्षों से लंबित हैं, लेकिन प्रबंधन स्तर पर उनके समाधान को लेकर कोई गंभीर पहल नहीं की जा रही है। उन्होंने बताया कि कर्मचारियों की मांगों और समस्याओं पर विचार करने के लिए दो नवंबर 2025 को संघ की बैठक आयोजित की गई थी, जिसमें सर्वसम्मति से कई प्रस्ताव पारित किए गए थे। इसके बाद बैंक के प्रबंध निदेशक एवं निदेशक मंडल को पत्र भेजकर कर्मचारियों की मांगों से अवगत कराया गया। बैंककर्मियों का आरोप- मांगों को अनसुना कर रहा प्रबंधन संघ के अनुसार 14 नवंबर 2025, 18 मई 2026 और 28 मई 2026 को भी प्रबंधन को पत्र भेजकर मांगों के शीघ्र समाधान का अनुरोध किया गया था। इसके बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। प्रबंधन की उदासीनता से नाराज कर्मचारियों ने 29 और 30 मई को काला बिल्ला लगाकर विरोध दर्ज कराया था, लेकिन तब भी कोई सार्थक पहल नहीं हुई। कर्मचारियों की प्रमुख मांगों में 12वें वेतनमान का तत्काल लाभ देना, लंबित प्रमोशन प्रक्रिया को पूरा करना तथा कर्मचारियों से संबंधित अन्य प्रशासनिक और सेवा संबंधी समस्याओं का समाधान शामिल है। कर्मचारियों का कहना है कि वे लंबे समय से इन मांगों को लेकर संघर्ष कर रहे हैं, लेकिन उनकी बातों को लगातार नजरअंदाज किया जा रहा है। प्रबंधन को 5 जून तक का दिया गया अल्टीमेटम संघ पदाधिकारियों ने कहा कि यदि पांच जून तक उनकी मांगों पर सहमति नहीं बनती है, तो बैंक के सभी कर्मचारी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले जाएंगे। उन्होंने कहा कि ऐसी स्थिति में बैंकिंग कार्य प्रभावित होने की पूरी जिम्मेदारी बैंक प्रबंधन की होगी। कर्मचारियों ने प्रबंधन से शीघ्र सकारात्मक पहल कर गतिरोध समाप्त करने की मांग की है। बिहार सेंट्रल को-ऑपरेटिव बैंक एंप्लॉइज फेडरेशन यूनिट, औरंगाबाद के बैनर तले सोमवार को बैंक कर्मियों ने अपनी विभिन्न लंबित मांगों के समर्थन में मुख्यालय को-ऑपरेटिव बैंक, औरंगाबाद शाखा परिसर में शांतिपूर्ण धरना-प्रदर्शन किया।पूर्व निर्धारित आंदोलन कार्यक्रम के तहत बैंक परिसर में ही कर्मियों ने एक दिवसीय शांतिपूर्ण हड़ताल कर धरना दिया। इस दौरान कर्मचारियों ने नारेबाजी करते हुए अपनी मांगों के समर्थन में आवाज बुलंद की। संघ के नेताओं ने स्पष्ट कहा कि उनका आंदोलन पूरी तरह लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण तरीके से चलाया जा रहा है तथा वे वार्ता के माध्यम से समाधान चाहते हैं। कर्मचारियों ने बैंक प्रबंधन पर लंबे समय से उनकी जायज मांगों की अनदेखी करने का आरोप लगाते हुए चेतावनी दी कि यदि 5 जून तक कोई सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो वे अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू करेंगे। धरना कार्यक्रम के दौरान कर्मचारी नेताओं ने कहा कि बैंक कर्मियों की समस्याएं वर्षों से लंबित हैं, लेकिन प्रबंधन स्तर पर उनके समाधान को लेकर कोई गंभीर पहल नहीं की जा रही है। उन्होंने बताया कि कर्मचारियों की मांगों और समस्याओं पर विचार करने के लिए दो नवंबर 2025 को संघ की बैठक आयोजित की गई थी, जिसमें सर्वसम्मति से कई प्रस्ताव पारित किए गए थे। इसके बाद बैंक के प्रबंध निदेशक एवं निदेशक मंडल को पत्र भेजकर कर्मचारियों की मांगों से अवगत कराया गया। बैंककर्मियों का आरोप- मांगों को अनसुना कर रहा प्रबंधन संघ के अनुसार 14 नवंबर 2025, 18 मई 2026 और 28 मई 2026 को भी प्रबंधन को पत्र भेजकर मांगों के शीघ्र समाधान का अनुरोध किया गया था। इसके बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। प्रबंधन की उदासीनता से नाराज कर्मचारियों ने 29 और 30 मई को काला बिल्ला लगाकर विरोध दर्ज कराया था, लेकिन तब भी कोई सार्थक पहल नहीं हुई। कर्मचारियों की प्रमुख मांगों में 12वें वेतनमान का तत्काल लाभ देना, लंबित प्रमोशन प्रक्रिया को पूरा करना तथा कर्मचारियों से संबंधित अन्य प्रशासनिक और सेवा संबंधी समस्याओं का समाधान शामिल है। कर्मचारियों का कहना है कि वे लंबे समय से इन मांगों को लेकर संघर्ष कर रहे हैं, लेकिन उनकी बातों को लगातार नजरअंदाज किया जा रहा है। प्रबंधन को 5 जून तक का दिया गया अल्टीमेटम संघ पदाधिकारियों ने कहा कि यदि पांच जून तक उनकी मांगों पर सहमति नहीं बनती है, तो बैंक के सभी कर्मचारी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले जाएंगे। उन्होंने कहा कि ऐसी स्थिति में बैंकिंग कार्य प्रभावित होने की पूरी जिम्मेदारी बैंक प्रबंधन की होगी। कर्मचारियों ने प्रबंधन से शीघ्र सकारात्मक पहल कर गतिरोध समाप्त करने की मांग की है।


