West Bengal Cabinet Expansion: पश्चिम बंगाल में नई BJP सरकार के गठन के महज 27 दिन बाद मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने अपने मंत्रिमंडल (Cabinet) का पहला विस्तार कर दिया। इस विस्तार में 35 नए मंत्रियों को शामिल किया गया है। इससे सिर्फ कैबिनेट विस्तार नहीं है बल्कि क्षेत्रीय, सामाजिक और महिला प्रतिनिधित्व को साधने की बड़ी राजनीतिक रणनीति मान रहे हैं। कोलकाता के लोक भवन में आयोजित शपथ ग्रहण समारोह में राज्यपाल आर. एन. रवि ने नए मंत्रियों को पद की शपथ दिलाई। जिसके बाद बंगाल मंत्रिपरिषद की कुल संख्या बढ़कर 41 हो गई है।
शुभेंदु अधिकारी का नए चेहरों पर बड़ा दांव
इस कैबिनेट विस्तार का सबसे बड़ा संदेश उत्तर बंगाल की ओर बढ़ते राजनीतिक फोकस के रूप में देखा जा रहा है। सरकार में पहले ही केंद्रीय मंत्री रह चुके निशीथ प्रमाणिक, अग्निमित्रा पॉल, दिलीप घोष, अशोक किर्तनिया और क्षुदिराम टुडू शामिल थे। वहीं रथिंद्र घोष को विधानसभा अध्यक्ष बनाए जाने से भी उत्तर बंगाल का प्रभाव मजबूत हुआ है।
सोमवार को शपथ लेने वाले उत्तर बंगाल के नेताओं में बिराज बिस्वास, शंकर घोष, विशाल लामा, जुयेल मुर्मू, आनंदमय बर्मन, दीपक बर्मन और मालती रावा रॉय प्रमुख हैं। इससे साफ संकेत मिलता है कि सरकार इस क्षेत्र को विशेष महत्व देना चाहती है।
महिलाओं को भी मिली मजबूत भागीदारी
कैबिनेट विस्तार में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने पर भी खास जोर दिखाई दिया। मौमिता बिस्वास मिश्रा, सुमना सरकार, गर्गी घोष दास और पूर्णिमा चक्रवर्ती जैसी कई महिला नेताओं को मंत्रिमंडल में शामिल किया गया है। BJP बंगाल में महिला वोटरों के बीच अपनी पकड़ मजबूत करने के लिए महिलाओं को प्रशासन और सरकार में अधिक जिम्मेदारी दे रही है।
नौकरानी से मंत्री तक का सफर
कैबिनेट विस्तार की सबसे चर्चित नियुक्तियों में से एक पूर्वी बर्दवान जिले के आउशग्राम से BJP विधायक कलिता माझी हैं। कलिता राजनीति में आने से पहले घरों में बर्तन मांजने और साफ-सफाई करने का काम करती थीं। उनकी मासिक आय केवल 2,500 रुपये थी। परिवार का गुजारा चलाने के लिए उन्होंने कई घरों में काम किया। जबकि उनके पति प्लंबर के तौर पर काम करते हैं। बाद में उन्होंने राजनीति में कदम रखा और पूर्वी बर्दवान के आउशग्राम विधानसभा क्षेत्र से BJP के टिकट पर चुनाव जीतकर विधायक बनीं।
अब उन्हें मंत्री पद की जिम्मेदारी सौंपी गई है। उनकी यह मेहनत और सामाजिक बदलाव की एक मिसाल माना जा रहा है। इसी तरह उत्तर दिनाजपुर के करंदीघी से युवा विधायक बिराज बिस्वास को भी मंत्रिमंडल में जगह मिली है। उन्हें पार्टी के उभरते हुए युवा चेहरों में गिना जाता है।
वरिष्ठ नेताओं और नए चेहरों का संतुलन
शुभेंदु अधिकारी ने मंत्रिमंडल गठन में अनुभव और नए नेतृत्व के बीच संतुलन बनाने की कोशिश की है। वरिष्ठ नेताओं अर्जुन सिंह, दूध कुमार मंडल, शरद्वत मुखोपाध्याय, तपस रॉय और इंद्रनील खान को भी सरकार में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां दी गई हैं। पत्रकार से राजनेता बने स्वपन दासगुप्ता और जगन्नाथ चट्टोपाध्याय को भी मंत्रिमंडल में शामिल किया गया है।
जानिए किसे कौन-कौन सा दर्जा मिला
कुल 35 नए मंत्रियों में 13 नेताओं को कैबिनेट मंत्री बनाया गया है। इनमें तपस रॉय, दीपक बर्मन, शंकर घोष, अर्जुन सिंह, मनोज उरांव, गौरी शंकर घोष, जगन्नाथ चट्टोपाध्याय, स्वपन दासगुप्ता, कल्याण चक्रवर्ती, अनुप कुमार दास, अजय कुमार पोद्दार, शरद्वत मुखोपाध्याय और दूध कुमार मंडल शामिल हैं। मालती रावा रॉय, इंद्रनील खान और राजेश महतो को स्वतंत्र प्रभार वाले राज्य मंत्री का दर्जा दिया गया है।
इसके अलावा 19 विधायकों को राज्य मंत्री बनाया गया है। इनमें अशोक डिंडा, उमेश रॉय, कौशिक चौधरी, कलिता माजी, मौमिता बिस्वास मिश्रा, गर्गी घोष दास, दीपांकर जना, पूर्णिमा चक्रवर्ती, विशाल लामा, हरिकृष्ण बेरा, आनंदमय बर्मन, शांतनु प्रमाणिक, बिराज बिस्वास, अमिया किस्कू, जुयेल मुर्मू, भास्कर भट्टाचार्य, दिवाकर घरामी, सुमना सरकार और नादियार चंद बौरी शामिल हैं।
पहले कैबिनेट विस्तार के जरिए BJP ने साफ संकेत दिया है कि वह क्षेत्रीय संतुलन, सामाजिक प्रतिनिधित्व, महिलाओं की भागीदारी और नए चेहरों को आगे लाकर बंगाल की राजनीति में अपनी पकड़ मजबूत करना चाहती है।


