बैकुंठपुर। अमृतधारा जलप्रपात एमसीबी जिले का प्रसिद्ध पर्यटन स्थल है। वाटरफॉल की खूबसूरती देखने यहां काफी संख्या में लोग आते हैं। अमृतधारा जलप्रपात (Amritdhara Waterfall) में कलेक्टर संतन देवी जांगड़े की अगुवाई 30 मई की सुबह स्वच्छता अभियान चलाया गया। इस दौरान परिसर के आसपास कचरे को एकत्रित कर फेंका गया। लेकिन जल प्रपात के नजदीक सुरक्षा को लेकर कोई ध्यान नहीं दिया गया। इसी बीच शाम को एक युवक करीब 90 फीट की ऊंचाई से जलप्रपात में कूद गया। इस दौरान गंभीर चोट लगने से उसकी मौत हो गई। हादसे की खबर मिलने के बाद रविवार को प्रशासनिक टीम मौके पर पहुंचा और चेतावनी बोर्ड लगाया।
अमृतधारा जलप्रपात की ऊंचाई करीब 90 फीट है और चौड़ाई 10-15 फीट है। जलप्रपात क्षेत्र के संवेदनशील एवं दुर्घटना संभावित स्थानों पर चेतावनी एवं सुरक्षा सूचना बोर्ड स्थापित किए गए हैं, ताकि पर्यटक सुरक्षित रहें और किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना की पुनरावृत्ति न हो।

प्रशासन ने अमृतधारा परिसर में ऐसे स्थानों को चिन्हित किया गया है, जहां फिसलन या गहराई के कारण दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। बोर्ड में स्पष्ट रूप से चेतावनी संदेश प्रदर्शित किए गए हैं। इनमें पर्यटकों से सावधानी बरतने और प्रतिबंधित क्षेत्रों में न जाने की अपील की गई है।
जिला प्रशासन ने पर्यटकों से कहा है कि निर्धारित सुरक्षा निर्देशों का पालन करें। चेतावनी बोर्डों पर अंकित संदेशों को गंभीरता से लें। किसी भी जोखिमपूर्ण गतिविधि से बचें। प्रशासन का उद्देश्य अमृतधारा को सुरक्षित, व्यवस्थित और पर्यटक अनुकूल स्थल के रूप में विकसित करना है, जिससे कि यहां आने वाले लोग प्राकृतिक सौंदर्य का आनंद सुरक्षित वातावरण में ले पाएं।
Amritdhara Waterfall: गांव का ही रहने वाला था मृतक
ग्राम अमृतधारा निवासी रघुवर सिंह पिता रुद्र सिंह ने शनिवार शाम को अमृतधारा जलप्रपात में कूद गया। हादसे में उसकी मौत हो गई। नागपुर पुलिस ने शव को पीएम कराने मनेंद्रगढ़ भेज दिया है। बताया जाता है कि मृतक कुछ दिन से मानसिक तनाव से जूझ रहा था। इसी बीच उसने यह कदम उठा लिया।

बता दें कि अमृतधारा जलप्रपात में नहाने के दौरान कई पर्यटकों की मौत हो चुकी है। इसके बाद से प्रशासन ने सुरक्षा की दृष्टि से यहां चेतावनी बोर्ड लगाए थे, इसके बावजूद लोग इसे नजरअंदाज करते हैं।


