सूर्या हत्याकांड : कौन है फरहान, जिसने असद को सूर्या को मारने के लिए दिया था चाकू? बोला- सारिक ने उकसाया

सूर्या हत्याकांड : कौन है फरहान, जिसने असद को सूर्या को मारने के लिए दिया था चाकू? बोला- सारिक ने उकसाया

गाजियाबाद की खोड़ा कॉलोनी के नवनीत विहार में बकरीद के दिन 17 वर्षीय सूर्या की क्रूर तरीके से चाकू मारकर हत्या कर दी गई। पुलिस ने मामले के मुख्य आरोपी असद को दो दिन के अंदर एनकाउंटर में मार गिराया। असद के पिता नवाब समेत फरहान, आतिफ, सारिक मेवाती सहित अन्य आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है।

कक्षा 11 में पढ़ने वाला सूर्या पहले असद का दोस्त था, लेकिन आठ महीने पहले दोनों के बीच विवाद हो गया था, जिसके बाद उनकी दोस्ती टूट गई थी।

28 मई को सूर्या और असद के बीच हुआ था झगड़ा

गिरफ्तार आरोपी फरहान ने पूछताछ में खुलासा किया कि उसकी अतीक, सारिक मेवाती, असद और सूर्या के साथ दोस्ती थी। 28 मई की दोपहर करीब 3 बजे बाइक चलाने को लेकर असद और सूर्या के बीच झगड़ा हो गया। असद ने यह बात अपने पिता नवाब और फरहान को बताई। इसके बाद तीनों ने मिलकर सूर्या को सबक सिखाने की योजना बनाई।

आरोपियों ने सूर्या को नवनीत विहार इलाके में घेर लिया। फरहान ने असद को चाकू दिया। इसी दौरान असद के पिता नवाब ने कहा, ‘सूर्या की कहानी आज ही खत्म कर दो।’

फरहान के अनुसार, नवाब के उकसाने पर असद ने सूर्या के पेट में चार बार चाकू से वार किए। सूर्या जान बचाने के लिए भागा लेकिन जमीन पर गिर गया। आरोपियों ने उसे मरा समझकर मौके से फरार हो गए।

पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज से पकड़े आरोपी

पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज की मदद से पूरे मामले को सुलझाया। फुटेज में सभी आरोपी सूर्या को घेरते और हमला करते हुए साफ नजर आ रहे हैं।

इलाके में अभी भी तनाव

सूर्या की निर्मम हत्या के बाद पूरे इलाके में आक्रोश फैला हुआ है। पुलिस कार्रवाई के बावजूद स्थानीय लोग नाराज हैं। रविवार को करीब 70 लोगों ने थाने में घुसकर विरोध प्रदर्शन किया, जिसे पुलिस ने किसी तरह शांत कराया। दोनों धर्मों से जुड़े इस मामले के चलते इलाके में अभी भी तनाव बना हुआ है। पुलिस सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाए हुए है।

कौन था असद?

असद एक समय सूर्या चौहान का पड़ोसी था। दोनों बचपन से जिगरी दोस्त थे और एक साथ घूमते-फिरते दिखते थे। नवनीत विहार गली नंबर एक और दो में हिंदू-मुस्लिम परिवार साथ-साथ रहते हैं। असद का परिवार पहले सूर्या के घर वाली गली में ही रहता था। करीब छह महीने पहले उन्होंने अपना घर बेच दिया और दूसरी गली में चले गए। इसके बाद भी असद अक्सर पुरानी गली में घूमता रहता था।

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