भारतीय मौसम विभाग ने जताई तमिलनाडु में भारी बारिश की संभावना

भारतीय मौसम विभाग ने जताई तमिलनाडु में भारी बारिश की संभावना

भारतीय मौसम विभाग (India Meteorological Department) ने तमिलनाडु के अलग-अलग हिस्सों में भारी बारिश की संभावना जताई है। विभाग ने बताया कि दक्षिण-पश्चिम मानसून के आगमन के लिए परिस्थितियां अनुकूल होती जा रही हैं। IMD के आकलन के अनुसार, दक्षिण-पूर्वी अरब सागर और उससे सटे दक्षिण केरल में समुद्र तल से 3.1 किमी से 5.8 किमी की ऊंचाई पर स्थित चक्रवाती परिसंचरण की सहायता से मानसून के अगले तीन से चार दिनों में केरल में प्रवेश करने की उम्मीद है।

16 जिलों में भारी बारिश की संभावना

मौसम वैज्ञानिकों ने कहा कि सोमवार को तमिलनाडु के 16 जिलों में गजर-चमक के साथ मूसलाधार बारिश की संभावना है। इस दौरान 40 से 50 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से तेज हवाएं भी चल सकती है। मौसम विभाग ने नीलगिरी, कोयंबटूर, तिरुप्पुर, डिंडीगुल, थेनी, करूर, तिरुचिरापल्ली, नमक्कल, इरोड, सलेम, धर्मपुरी, कृष्णागिरि, तिरुपत्तूर, वेल्लोर, रानीपेट और तिरुवन्नामलाई में भारी बारिश की संभावना जताते हुए अलर्ट जारी किया है। तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में अलग-अलग स्थानों पर गरज के साथ हल्की से मध्यम बारिश होने की भी उम्मीद है।

1 और 2 जून को कन्याकुमारी में भारी बारिश की संभावना

मौसम विभाग ने कहा कि 1 और 2 जून को भी ऐसी ही स्थिति रहने की संभावना है, पश्चिमी और उत्तरी जिलों में भारी बारिश का पूर्वानुमान है। 2 से 4 जून तक पश्चिमी तमिलनाडु के कुछ हिस्सों (नीलगिरी, कोयंबटूर, तिरुप्पुर, डिंडीगुल, थेनी, इरोड, सलेम, धर्मपुरी, कृष्णागिरी और तिरुवनमलाई) में बारिश और तेज होने की आशंका है।

तिरुनेलवेली के पहाड़ी क्षेत्रों के साथ-साथ तेनकासी और कन्याकुमारी जिलों में भी भारी बारिश होने की संभावना है। 4 जून को नीलगिरी, कोयंबटूर, तिरुप्पुर, इरोड, सलेम, डिंडीगुल, थेनी, विरुधुनगर, तेनकासी और कन्याकुमारी जिलों में भारी बारिश होने की संभावना है। 5 और 6 जून को बारिश की तीव्रता में थोड़ी कमी आने की उम्मीद है, हालांकि तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में हल्की से मध्यम बारिश जारी रह सकती है।

मछुआरों के लिए चेतावनी जारी

आरएमसी ने समुद्री चेतावनी भी जारी की है। 31 मई से 4 जून के बीच तमिलनाडु तट, मन्नार की खाड़ी और कोमोरिन सागर में 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है, जिनकी गति 60 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। बंगाल की खाड़ी, अंडमान सागर और उससे सटे अरब सागर के कुछ हिस्सों में भी ऐसी ही स्थिति रहने की आशंका है। मछुआरों को चेतावनी अवधि के दौरान सतर्क रहने और प्रभावित समुद्री क्षेत्रों में जाने से बचने की सलाह दी गई है।

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