हमीरपुर में बिजली संकट पर हाईवे जाम:प्रदर्शन के दौरान युवक को एसएचओ ने मारा थप्पड़, ग्रामीण आक्रोशित

हमीरपुर में बिजली संकट पर हाईवे जाम:प्रदर्शन के दौरान युवक को एसएचओ ने मारा थप्पड़, ग्रामीण आक्रोशित

हमीरपुर के सुमेरपुर कस्बे में तीन दिन से अधिक समय तक बिजली आपूर्ति बाधित रहने से नाराज लोगों ने रविवार को नेशनल हाईवे जाम कर प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान सुमेरपुर थाने के एसएचओ द्वारा एक युवक को थप्पड़ मारने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है, जिससे मामला चर्चा में आ गया है। जानकारी के अनुसार, 28 मई की रात आए तेज तूफान और बारिश से हमीरपुर जिले में व्यापक नुकसान हुआ था। हजारों पेड़ और बड़ी संख्या में बिजली के खंभे गिर जाने से कई क्षेत्रों की विद्युत आपूर्ति ठप हो गई थी। अधिकांश इलाकों में 24 से 48 घंटे के भीतर बिजली बहाल कर दी गई, लेकिन सुमेरपुर कस्बे के कुछ मोहल्लों में चौथे दिन भी आपूर्ति शुरू नहीं हो सकी। बिजली न आने से नाराज लोगों ने रविवार को नेशनल हाईवे पर जाम लगाकर प्रदर्शन शुरू कर दिया। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि बिजली न होने के कारण पानी की व्यवस्था भी प्रभावित हो गई है। घरों में छोटे बच्चे, बुजुर्ग और बीमार लोग भारी परेशानियों का सामना कर रहे हैं, जबकि विभाग की ओर से बिजली बहाली का स्पष्ट समय नहीं बताया जा रहा है। प्रदर्शन के दौरान पुलिस मौके पर पहुंची और लोगों को समझाने का प्रयास किया। इसी बीच एक युवक और पुलिस के बीच कहासुनी हो गई। आरोप है कि इसी दौरान सुमेरपुर थाने के एसएचओ ने युवक को थप्पड़ मार दिया। यह पूरी घटना किसी व्यक्ति ने अपने मोबाइल फोन में रिकॉर्ड कर ली, जिसका वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। उधर, विद्युत विभाग के एसडीओ महेंद्र पाल सिंह ने बताया कि तूफान में क्षेत्र के करीब 1500 बिजली के खंभे और अन्य उपकरण क्षतिग्रस्त हुए हैं। मरम्मत कार्य के लिए दो टीमें लगातार काम कर रही हैं। उन्होंने कहा कि सुमेरपुर नगर क्षेत्र में लगभग 80 प्रतिशत बिजली आपूर्ति बहाल कर दी गई है और शेष इलाकों में भी जल्द आपूर्ति शुरू कर दी जाएगी। एसडीओ ने यह भी आश्वासन दिया कि जिन क्षेत्रों के लोगों ने बिजली संकट को लेकर प्रदर्शन किया है, वहां प्राथमिकता के आधार पर बिजली बहाल करने का काम किया जा रहा है। वहीं, एसएचओ के थप्पड़ मारने का वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस महकमे में भी हलचल तेज हो गई है। मामले को लेकर अभी तक विभाग की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

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