Dholpur: भेजा था 260 करोड़ का प्रस्ताव, सरकार बोली-इतना बजट नहीं

Dholpur: भेजा था 260 करोड़ का प्रस्ताव, सरकार बोली-इतना बजट नहीं

धौलपुर. जिसका नाम ही शहरी सरकार है, अगर वह भी दूसरों पर निर्भर रहे तो फिर कुछ नहीं हो सकता है। शहर में बीते साल से शुरू हुई जलभराव की समस्या के निजात को लेकर बीते वर्ष नगर परिषद और जिला प्रशासन के दिशा-निर्देशन में एक भारी भरकम प्रस्ताव राज्य सरकार को भिजवाया था लेकिन सरकार के बजट में कोई प्रावधान नहीं होने से शहर वासियों की उम्मीदों को तगड़ा झटका लगा।

नगर परिषद प्रशासन ने करीब 260 करोड़ रुपए का प्रस्ताव भिजवाया था। सूत्रों के अनुसार अब राज्य सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि इतना बजट नहीं मिल सकता। अब सरकार से जो भी आशाएं थी, वह फिलहाल धूमिल हो गई हैं। हालांकि, सरकार ने करीब 12 करोड़ रुपए का बजट स्वीकृत किया था लेकिन वह भी अभी तक इस्तेमाल नहीं हो पाया है। अब सारा दरोमदार टैक्स कलेक्शन पर है। यानी नगर परिषद बकाया टैक्स कलेक्शन शहर में करती है तो विकास की बातें आगे होंगी, नहीं तो फिर जैसा है, उसमें खास बदलाव की उम्मीद कम नजर आ रही है। एक तरह से सरकार का इशारा है कि टैक्स कलेक्शन कीजिए और शहर में विकास कीजिए। हालांकि, सरकार की ओर से मिले जवाब को लेकर कोई अधिकारी कुछ भी बताने की स्थिति में नहीं है।

डेढ़ साल भेजा था सरकार को प्रस्ताव

बता दें कि नगर परिषद प्रशासन ने करीब 260 करोड़ रुपए का प्रस्ताव बना कर 27 जनवरी 2025 को भिजवाया था। उक्त वक्त लगातार दूसरे साल शहरी क्षेत्र में भारी जलभराव की समस्या उत्पन्न हुई थी। जिस पर प्रशासन के निर्देशन में नगर परिषद ने लम्बा-चौड़े बजट की मांग करते हुए प्रस्ताव भिजवाया था, जिस पर सरकार ने खास ध्यान ही नहीं दिया। वित्तीय साल 2025-26 और 2026-27 में कोई प्रावधन धौलपुर नगर परिषद के लिए नहीं किया गया। जलभराव और सीवरेज बंद होने की समस्याओं को लेकर मुस्कान समिति की ओर से राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, राज्यपाल, मुख्यमंत्री समेत अन्य जिम्मेदार एजेंसियों को परिवाद भेजे थे। जिस पर कुछ हलचल हुई लेकिन शहर की बड़ी समस्या को लेकर सरकार के स्तर पर बड़ा फैसला नहीं हुआ।

एसटीपी प्लांट बनकर तैयार, कनेक्शन देने से डिस्कॉम का इनकार

शहरी सरकार के लिए हर रोज नई और विकट परिस्थिति सामने आ रही हैं। शहर के करीब तगावली के पास नया एसटीपी प्लांट करीब करीब बनकर तैयार है। नगर परिषद प्रशासन की ओर से डिस्कॉम को विद्युत कनेक्शन के लिए फाइल दी तो डिस्कॉम प्रशासन ने साफ मना कर दिया। कहा कि पहले पुराने करीब 12 करोड़ रुपए भरो, तक कनेक्शन मिलेगा। जबकि बारिश नजदीक है ऐसे में एफटीपी प्लांट समय से तैयार हो जाता तो पानी निकासी की समस्या में मदद मिलने की उम्मीद थी। लेकिन अब डिस्कॉम का पेच फंसने से नगर परिषद की स्थिति खराब हो गई हैं। सूत्रों के अनुसार नगर परिषद प्रशासन ने एफटीपी प्लांट कनेक्शन के लिए जिला प्रशासनिक अधिकारियों को भी अवगत कराया लेकिन फिलहाल बात नहीं बन पाई है।

परिषद के पास बजट नहीं, कलेक्शन भी नहीं हो रहा

नगर परिषद की पिछले कुछ सालों से स्थिति चिंताजनक बनी हुई है। टैक्स कलेक्शन नहीं होने और नया कोई प्रावधान नहीं करने से स्थिति दिनों दिन बिगड़ चुकी है। सूत्रों के अनुसार नगर परिषद ने शहर में सीवरेज कनेक्शन के लिए कोई चार्ज नहीं नहीं लिया। अब भी इस पर कोई चार्ज नहीं है। इसी तरह यूडी टैक्स की स्थिति पहले से ही बिगड़ी हुई है। वहीं, डोर-टू-डोर ऑटो टिपर संचालित थे लेकिन बजट प्रावधान नहीं होने से यह बंद होते चले गए। बीते कुछ समय पहले परिषद प्रशासन ने करीब 8 से 10 ऑटो टिपर की मरम्मत करवा कर इन्हें भिजवाया। लेकिन यह पूरे नगर परिषद क्षेत्र के लिए नाकाफी है। जिससे सफाई व्यवस्था पर भी पूरा असर पड़ रहा है। जबकि ऑटो टिपर के लिए भी पूर्व में प्रति माह घरों से 50-50 रुपए टैक्स कलेक्शन पर विचार हुआ था लेकिन इसको परिषद के अंदर की दबा दिया। अब हाल ये है कि आय नहीं होने से स्थिति बिगड़ गई और सरकार ने भी हाथ खड़े कर दिए हैं। वहीं, जमीन बिक्री की शुरुआत की गई लेकिन यह भी अधर में है।

– नगर परिषद को सरकार से करीब 12 करोड़ राशि का बजट स्वीकृत है। नवीन बजट में कोई प्रावधान नहीं है। नगर परिषद प्रशासन को आमदनी बढ़ाने के लिए नए रिसोर्स तलाशने होंगे। साथ ही टैक्स कलेक्शन बढ़ाना होगा। प्रशासन के स्तर पर जो भी संभव है, वह करवाया जा रहा है।

– श्रीनिधि बी टी, जिला कलक्टर धौलपुर

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