आरा साइबर पुलिस ने ऑनलाइन गेमिंग एप के जरिए करोड़ों रुपए की साइबर ठगी करने वाले एक संगठित गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने पटना जिले के दानापुर स्थित आरकेपुरम इलाके में छापेमारी कर गिरोह से जुड़े नौ साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के ठिकाने से बड़ी मात्रा में इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, बैंकिंग दस्तावेज और फर्जी पहचान पत्र बरामद किए गए हैं। जांच में बिहार ग्रामीण बैंक के तीन संदिग्ध खातों में पिछले पांच से छह महीनों के दौरान करीब 7 करोड़ 85 लाख रुपए से अधिक के लेन-देन का खुलासा हुआ है। पुलिस का दावा है कि गिरोह का संचालन दुबई से किया जा रहा था और ऑनलाइन गेमिंग एप के माध्यम से देश के अलग-अलग राज्यों के लोगों को ठगी का शिकार बनाया जा रहा था।
कॉल डिटेल खंगाला गया साइबर डीएसपी स्नेह सेतु ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों में भोजपुर जिले के अलग-अलग थाना क्षेत्रों के रहने वाले नौ युवक शामिल है। पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि बिहार ग्रामीण बैंक के कुछ खातों के माध्यम से संदिग्ध तरीके से करोड़ों रुपए का लेन-देन किया जा रहा है। जांच के दौरान इन खातों के खिलाफ बिहार के अलावा महाराष्ट्र, कर्नाटक समेत कई राज्यों में साइबर ठगी की शिकायतें दर्ज होने की जानकारी मिली। इसके बाद खातों से जुड़े मोबाइल नंबरों की तकनीकी जांच और कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर) खंगाले गए। किराए के फ्लैट से चल रहा था खेल जांच में दो मोबाइल नंबरों की लोकेशन दानापुर के आरकेपुरम क्षेत्र में मिली। इसके आधार पर साइबर डीएसपी के नेतृत्व में गठित टीम ने किराए के फ्लैट पर छापेमारी कर गिरोह के नौ सदस्यों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के अनुसार सभी आरोपी पिछले छह महीने से फ्लैट में रहकर साइबर ठगी का नेटवर्क संचालित कर रहे थे। छापेमारी के दौरान पुलिस ने 46 मोबाइल फोन, 7 लैपटॉप, 32 सिम कार्ड, 52 डेबिट एवं क्रेडिट कार्ड, विभिन्न बैंकों की 19 पासबुक, एक स्कैनर, पांच आधार कार्ड, चार पैन कार्ड और दो मतदाता पहचान पत्र बरामद किए। ऑनलाइन गेम के नाम पर ठगी पुलिस का कहना है कि गिरोह महादेव एप की तर्ज पर ‘लोटस बुक’ नामक एप संचालित कर रहा था। इसके जरिए क्रिकेट, फुटबॉल, कैसीनो और अन्य ऑनलाइन गेम के नाम पर लोगों से पैसे ठगे जाते थे। आईपीएल के दौरान भी बड़े पैमाने पर ऑनलाइन बेटिंग कराई जा रही थी। फिलहाल पुलिस संदिग्ध बैंक खातों के वास्तविक संचालकों और दुबई से जुड़े नेटवर्क की पहचान में जुटी है। मामले में प्राथमिकी दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है। आरा साइबर पुलिस ने ऑनलाइन गेमिंग एप के जरिए करोड़ों रुपए की साइबर ठगी करने वाले एक संगठित गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने पटना जिले के दानापुर स्थित आरकेपुरम इलाके में छापेमारी कर गिरोह से जुड़े नौ साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के ठिकाने से बड़ी मात्रा में इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, बैंकिंग दस्तावेज और फर्जी पहचान पत्र बरामद किए गए हैं। जांच में बिहार ग्रामीण बैंक के तीन संदिग्ध खातों में पिछले पांच से छह महीनों के दौरान करीब 7 करोड़ 85 लाख रुपए से अधिक के लेन-देन का खुलासा हुआ है। पुलिस का दावा है कि गिरोह का संचालन दुबई से किया जा रहा था और ऑनलाइन गेमिंग एप के माध्यम से देश के अलग-अलग राज्यों के लोगों को ठगी का शिकार बनाया जा रहा था।
कॉल डिटेल खंगाला गया साइबर डीएसपी स्नेह सेतु ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों में भोजपुर जिले के अलग-अलग थाना क्षेत्रों के रहने वाले नौ युवक शामिल है। पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि बिहार ग्रामीण बैंक के कुछ खातों के माध्यम से संदिग्ध तरीके से करोड़ों रुपए का लेन-देन किया जा रहा है। जांच के दौरान इन खातों के खिलाफ बिहार के अलावा महाराष्ट्र, कर्नाटक समेत कई राज्यों में साइबर ठगी की शिकायतें दर्ज होने की जानकारी मिली। इसके बाद खातों से जुड़े मोबाइल नंबरों की तकनीकी जांच और कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर) खंगाले गए। किराए के फ्लैट से चल रहा था खेल जांच में दो मोबाइल नंबरों की लोकेशन दानापुर के आरकेपुरम क्षेत्र में मिली। इसके आधार पर साइबर डीएसपी के नेतृत्व में गठित टीम ने किराए के फ्लैट पर छापेमारी कर गिरोह के नौ सदस्यों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के अनुसार सभी आरोपी पिछले छह महीने से फ्लैट में रहकर साइबर ठगी का नेटवर्क संचालित कर रहे थे। छापेमारी के दौरान पुलिस ने 46 मोबाइल फोन, 7 लैपटॉप, 32 सिम कार्ड, 52 डेबिट एवं क्रेडिट कार्ड, विभिन्न बैंकों की 19 पासबुक, एक स्कैनर, पांच आधार कार्ड, चार पैन कार्ड और दो मतदाता पहचान पत्र बरामद किए। ऑनलाइन गेम के नाम पर ठगी पुलिस का कहना है कि गिरोह महादेव एप की तर्ज पर ‘लोटस बुक’ नामक एप संचालित कर रहा था। इसके जरिए क्रिकेट, फुटबॉल, कैसीनो और अन्य ऑनलाइन गेम के नाम पर लोगों से पैसे ठगे जाते थे। आईपीएल के दौरान भी बड़े पैमाने पर ऑनलाइन बेटिंग कराई जा रही थी। फिलहाल पुलिस संदिग्ध बैंक खातों के वास्तविक संचालकों और दुबई से जुड़े नेटवर्क की पहचान में जुटी है। मामले में प्राथमिकी दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है।


