सुपौल जिले में सरकारी राशि के कथित गबन के मामले में जिलाधिकारी सावन कुमार ने बड़ी कार्रवाई की है। आत्मा (ATMA) सुपौल में कार्यरत लेखापाल हर्ष रंजन के विरुद्ध सरकारी धन के दुरुपयोग और अनियमितता के आरोप में सदर थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई गई है। मामले की जांच जारी है और प्रशासन इसे गंभीर वित्तीय अनियमितता मानकर कार्रवाई कर रहा है। जानकारी के अनुसार, 11 मई 2026 को किसान सलाहकारों ने जिला कृषि पदाधिकारी को शिकायत देकर बताया था कि उनके वेतन से नियमित रूप से कटने वाली ईपीएफ (EPF) अंशदान राशि उनके यूएएन (UAN) खातों में जमा नहीं हो रही है। शिकायत मिलने के बाद आत्मा के लेखापाल हर्ष रंजन से स्पष्टीकरण मांगा गया। उन्होंने तकनीकी त्रुटि का हवाला देते हुए जल्द समस्या समाधान का आश्वासन दिया था। किसान सलाहकारों ने दोबारा शिकायत दर्ज कराई हालांकि निर्धारित समय बीत जाने के बाद भी ईपीएफ खाते अद्यतन नहीं हुए, जिसके बाद किसान सलाहकारों ने दोबारा शिकायत दर्ज कराई। जांच के दौरान यह सामने आया कि हर्ष रंजन 12 मई 2026 से बिना किसी सूचना के अनुपस्थित हैं और उनका मोबाइल फोन भी लगातार बंद है। प्रशासन ने उनके अस्थायी एवं स्थायी पते पर खोजबीन की, लेकिन उनका कोई पता नहीं चल सका। इसके बाद परियोजना निदेशक, आत्मा, सुपौल के बैंक ऑफ बड़ौदा खाते की जांच की गई। प्रारंभिक जांच में पाया गया कि ईपीएफ अंशदान की राशि निर्धारित खाते में जमा करने के बजाय इंटरनेट बैंकिंग के माध्यम से अन्य खातों में स्थानांतरित की गई है। वहीं, क्षेत्रीय भविष्य निधि कार्यालय, भागलपुर से प्राप्त सत्यापन में उपलब्ध कराए गए ईपीएफ चालानों की भी पुष्टि नहीं हुई। प्रारंभिक जांच के आधार पर सरकारी राशि के गबन की आशंका उपलब्ध साक्ष्यों, लेखापाल की अनुपस्थिति और बैंक खातों की प्रारंभिक जांच के आधार पर सरकारी राशि के गबन की आशंका जताई गई है। मामले की विस्तृत जांच जारी है। जांच पूरी होने के बाद गबन की वास्तविक राशि और अन्य संभावित अनियमितताओं का खुलासा किया जाएगा। प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए उप परियोजना निदेशक, आत्मा, सुपौल द्वारा सदर थाना में कांड संख्या 360/2026 दर्ज कराते हुए विभागीय कार्रवाई भी शुरू कर दी गई है। सुपौल जिले में सरकारी राशि के कथित गबन के मामले में जिलाधिकारी सावन कुमार ने बड़ी कार्रवाई की है। आत्मा (ATMA) सुपौल में कार्यरत लेखापाल हर्ष रंजन के विरुद्ध सरकारी धन के दुरुपयोग और अनियमितता के आरोप में सदर थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई गई है। मामले की जांच जारी है और प्रशासन इसे गंभीर वित्तीय अनियमितता मानकर कार्रवाई कर रहा है। जानकारी के अनुसार, 11 मई 2026 को किसान सलाहकारों ने जिला कृषि पदाधिकारी को शिकायत देकर बताया था कि उनके वेतन से नियमित रूप से कटने वाली ईपीएफ (EPF) अंशदान राशि उनके यूएएन (UAN) खातों में जमा नहीं हो रही है। शिकायत मिलने के बाद आत्मा के लेखापाल हर्ष रंजन से स्पष्टीकरण मांगा गया। उन्होंने तकनीकी त्रुटि का हवाला देते हुए जल्द समस्या समाधान का आश्वासन दिया था। किसान सलाहकारों ने दोबारा शिकायत दर्ज कराई हालांकि निर्धारित समय बीत जाने के बाद भी ईपीएफ खाते अद्यतन नहीं हुए, जिसके बाद किसान सलाहकारों ने दोबारा शिकायत दर्ज कराई। जांच के दौरान यह सामने आया कि हर्ष रंजन 12 मई 2026 से बिना किसी सूचना के अनुपस्थित हैं और उनका मोबाइल फोन भी लगातार बंद है। प्रशासन ने उनके अस्थायी एवं स्थायी पते पर खोजबीन की, लेकिन उनका कोई पता नहीं चल सका। इसके बाद परियोजना निदेशक, आत्मा, सुपौल के बैंक ऑफ बड़ौदा खाते की जांच की गई। प्रारंभिक जांच में पाया गया कि ईपीएफ अंशदान की राशि निर्धारित खाते में जमा करने के बजाय इंटरनेट बैंकिंग के माध्यम से अन्य खातों में स्थानांतरित की गई है। वहीं, क्षेत्रीय भविष्य निधि कार्यालय, भागलपुर से प्राप्त सत्यापन में उपलब्ध कराए गए ईपीएफ चालानों की भी पुष्टि नहीं हुई। प्रारंभिक जांच के आधार पर सरकारी राशि के गबन की आशंका उपलब्ध साक्ष्यों, लेखापाल की अनुपस्थिति और बैंक खातों की प्रारंभिक जांच के आधार पर सरकारी राशि के गबन की आशंका जताई गई है। मामले की विस्तृत जांच जारी है। जांच पूरी होने के बाद गबन की वास्तविक राशि और अन्य संभावित अनियमितताओं का खुलासा किया जाएगा। प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए उप परियोजना निदेशक, आत्मा, सुपौल द्वारा सदर थाना में कांड संख्या 360/2026 दर्ज कराते हुए विभागीय कार्रवाई भी शुरू कर दी गई है।


