नवादा जिले के नरहट प्रखंड में आंगनबाड़ी केंद्रों को सशक्त बनाने के उद्देश्य से व्यापक राशन वितरण कार्यक्रम आयोजित किया गया। सीडीपीओ ज्योति सिन्हा के नेतृत्व में प्रखंड के कुल 130 आंगनबाड़ी केंद्रों पर राशन वितरण सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। डिजिटल प्रणाली से हुआ वितरण सीडीपीओ ज्योति सिन्हा ने बताया कि राशन वितरण की पूरी प्रक्रिया पोषण ट्रैकर ऐप और फेस रिकग्निशन सिस्टम के माध्यम से संपन्न की गई। इससे वितरण प्रक्रिया में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित हुई है। उन्होंने कहा कि सरकार के निर्देशानुसार उन्होंने स्वयं कई आंगनबाड़ी केंद्रों का निरीक्षण कर कार्यक्रम की निगरानी की। उन्होंने बताया कि जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (डीपीओ) निरुपमा शंकर के निर्देश पर यह अभियान सफलतापूर्वक पूरा किया गया। सेविका-सहायिकाओं ने उठाईं केंद्रों की समस्याएं कार्यक्रम के दौरान सभी आंगनबाड़ी केंद्रों की सेविकाएं और सहायिकाएं उपस्थित रहीं। उन्होंने राशन प्राप्त करने के साथ-साथ केंद्रों से जुड़ी विभिन्न समस्याओं पर भी चर्चा की। पोषण ट्रैकर ऐप के जरिए वितरण की प्रक्रिया को डिजिटल रूप से दर्ज किया गया, जिससे भविष्य में निगरानी और अधिक प्रभावी होगी। बच्चों के पोषण स्तर में होगा सुधार सीडीपीओ ज्योति सिन्हा ने कहा कि आंगनबाड़ी केंद्र बाल विकास की नींव हैं। पोषण ट्रैकर ऐप और फेस रिकग्निशन सिस्टम के माध्यम से यह सुनिश्चित किया गया है कि हर केंद्र को समय पर राशन उपलब्ध हो। इससे बच्चों के पोषण स्तर में सुधार होगा और माताओं को बेहतर सेवाएं मिल सकेंगी। उन्होंने सेविका-सहायिकाओं को निर्देश दिया कि वे केंद्रों का नियमित संचालन सुनिश्चित करें, बच्चों की उपस्थिति बढ़ाएं और पोषण आहार की गुणवत्ता बनाए रखें। स्थानीय स्तर पर इस पहल की सराहना की जा रही है। महिला एवं बाल विकास विभाग की योजनाओं को प्रभावी बनाने की दिशा में इसे एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। नवादा जिले के नरहट प्रखंड में आंगनबाड़ी केंद्रों को सशक्त बनाने के उद्देश्य से व्यापक राशन वितरण कार्यक्रम आयोजित किया गया। सीडीपीओ ज्योति सिन्हा के नेतृत्व में प्रखंड के कुल 130 आंगनबाड़ी केंद्रों पर राशन वितरण सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। डिजिटल प्रणाली से हुआ वितरण सीडीपीओ ज्योति सिन्हा ने बताया कि राशन वितरण की पूरी प्रक्रिया पोषण ट्रैकर ऐप और फेस रिकग्निशन सिस्टम के माध्यम से संपन्न की गई। इससे वितरण प्रक्रिया में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित हुई है। उन्होंने कहा कि सरकार के निर्देशानुसार उन्होंने स्वयं कई आंगनबाड़ी केंद्रों का निरीक्षण कर कार्यक्रम की निगरानी की। उन्होंने बताया कि जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (डीपीओ) निरुपमा शंकर के निर्देश पर यह अभियान सफलतापूर्वक पूरा किया गया। सेविका-सहायिकाओं ने उठाईं केंद्रों की समस्याएं कार्यक्रम के दौरान सभी आंगनबाड़ी केंद्रों की सेविकाएं और सहायिकाएं उपस्थित रहीं। उन्होंने राशन प्राप्त करने के साथ-साथ केंद्रों से जुड़ी विभिन्न समस्याओं पर भी चर्चा की। पोषण ट्रैकर ऐप के जरिए वितरण की प्रक्रिया को डिजिटल रूप से दर्ज किया गया, जिससे भविष्य में निगरानी और अधिक प्रभावी होगी। बच्चों के पोषण स्तर में होगा सुधार सीडीपीओ ज्योति सिन्हा ने कहा कि आंगनबाड़ी केंद्र बाल विकास की नींव हैं। पोषण ट्रैकर ऐप और फेस रिकग्निशन सिस्टम के माध्यम से यह सुनिश्चित किया गया है कि हर केंद्र को समय पर राशन उपलब्ध हो। इससे बच्चों के पोषण स्तर में सुधार होगा और माताओं को बेहतर सेवाएं मिल सकेंगी। उन्होंने सेविका-सहायिकाओं को निर्देश दिया कि वे केंद्रों का नियमित संचालन सुनिश्चित करें, बच्चों की उपस्थिति बढ़ाएं और पोषण आहार की गुणवत्ता बनाए रखें। स्थानीय स्तर पर इस पहल की सराहना की जा रही है। महिला एवं बाल विकास विभाग की योजनाओं को प्रभावी बनाने की दिशा में इसे एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।


