बकरीद के त्यौहार पर नगर निगम ने शहर में विशेष व्यवस्था की थी ताकि किसी को परेशानी का सामना न करना पड़े। इसके लिए शहर भर से अपशिष्ट हटाने के लिए नगर निगम ने 79 जगहों को चिह्नित कर 94 वहां लगाए थे। जिससे अपशिष्ट को शहर से दूर करसड़ा डंपिंग स्टेशन ले जाकर वैज्ञानिक तरक्की से निस्तारित किया गया। कुर्बानी के बाद निकलने वाले अपशिष्ट को शहर में हर जगह से उठाया गया और उसे निस्तारित कर उस इलाके की सफाई भी की गई। दो दिन में 280 टन निकला अपशिष्ट नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल ने बताया – बकरीद के पर्व पर मुस्लिम बहुल इलाकों में कुर्बानी के बाद लीद-पचौनी और अन्य अपशिष्ट निकलता है। जिसके निस्तारण के लिए इस बार नगर निगम ने फूल प्रूफ तैयारी की थी। बकरीद और उसके दूसरे दिन तक नगर निगम ने शहर के चिह्नित 79 स्थानों से कुल 280 टन लीद-पचौनी और अपशिष्ट उठाये और उनका निस्तारण किया। जिनमें डीपी कंटेनर, काम्पैक्टर, हॉपर, टाटा एस, ट्रैक्टर-ट्रॉली, लोडर व डम्पर शामिल थे। वैज्ञानिक तरीके से किया गया निस्तारित नगर आयुक्त ने बताया – सभी अपशिष्ट को करसड़ा डंपिंग यार्ड में गड्ढे खोदवाकर वैज्ञानिक तरीके से निस्तारित कराया गया। ताकि किसी भी प्रकार की अव्यवस्था न उत्पन्न होने पाए। इसके लिए जैविक पिट्स खोदे गए थे। साथ ही शहर की सीमा में किसी भी प्रकार के अपशिष्ट की डंपिंग नहीं किया गया। ताकि पर्यावरण और जनस्वास्थ्य पर कोई विपरीत प्रभाव न पड़े। इसके पहले राजघाट के पास अपशिष्ट की डम्पिंग की जाती थी और उसे बकरीद का पर्व बीतने के बाद उठाया जाता था लेकिन इस बार किसी भी प्रकार का अपशिष्ट शहर में नहीं डंप किया गया। गलियों और मोहल्लों की होती रही सफाई इस दौरान अपशिष्ट उठाने के बाद नगर निगम कर्मी गलियों और चिह्नित स्थानों की सफाई में लगे रहे। सभी गलियों और मोहल्लों को साफ किया गया। कूड़ा उठाने के बाद वहां चूने का छिड़काव किया गया।


