घाटमपुर क्षेत्र के हजारों गन्ना किसानों, मजदूरों और युवाओं की लंबे समय से चली आ रही घाटमपुर चीनी मिल को दोबारा शुरू कराने की मांग अब तेज होती नजर आ रही है। क्षेत्रीय विधायक सरोज कुरील ने इस मुद्दे को शासन स्तर पर मजबूती से उठाते हुए प्रमुख सचिव औद्योगिक विकास से मुलाकात की। बैठक में विधायक ने बंद पड़ी चीनी मिल के कारण किसानों, व्यापारियों और स्थानीय युवाओं को हो रही परेशानियों को विस्तार से रखा और मिल को जल्द पुनः संचालित कराने की मांग की। ‘दूर-दराज की मिलों तक गन्ना ले जाने को मजबूर किसान’
विधायक सरोज कुरील ने प्रमुख सचिव को बताया कि घाटमपुर क्षेत्र पहले गन्ना उत्पादन का प्रमुख केंद्र रहा है और आज भी बड़ी संख्या में किसान गन्ने की खेती पर निर्भर हैं। लेकिन चीनी मिल बंद होने के कारण किसानों को अपनी फसल दूर स्थित मिलों तक पहुंचानी पड़ती है, जिससे परिवहन लागत और समय दोनों बढ़ रहे हैं। इसका सीधा असर किसानों की आमदनी पर पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि अगर क्षेत्र में चीनी मिल दोबारा शुरू होती है तो किसानों को न केवल बेहतर मूल्य मिलेगा, बल्कि उनकी आर्थिक स्थिति भी मजबूत होगी। मिल बंद होने से बढ़ा पलायन, स्थानीय व्यापार भी प्रभावित
विधायक ने बैठक में यह भी कहा कि चीनी मिल बंद होने के बाद क्षेत्र में रोजगार के अवसरों में भारी गिरावट आई है। बड़ी संख्या में युवाओं को रोजगार की तलाश में दूसरे शहरों की ओर पलायन करना पड़ा। वहीं छोटे व्यापारियों, ट्रांसपोर्ट कारोबारियों और मजदूर परिवारों की आय पर भी असर पड़ा है, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था कमजोर हुई है। उन्होंने शासन से मांग की कि चीनी मिल को लेकर यदि कोई सर्वे कराया जाए तो अधिकारी जमीनी स्तर पर पहुंचकर किसानों और स्थानीय लोगों से बातचीत करें, ताकि वास्तविक स्थिति का आकलन हो सके। ‘चीनी मिल शुरू होने से क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को मिलेगा सहारा’
सरोज कुरील ने विश्वास जताया कि घाटमपुर चीनी मिल के पुनः संचालन से क्षेत्र में रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे, व्यापार को बढ़ावा मिलेगा और स्थानीय अर्थव्यवस्था को नई मजबूती मिलेगी। विधायक की इस पहल के बाद क्षेत्र के किसानों और व्यापारियों में उम्मीद जगी है कि वर्षों से बंद पड़ी चीनी मिल को फिर से चालू कराया जा सकता है।


