डूंगरपुर। जिले के राजकीय हरिदेव जोशी सामान्य चिकित्सालय में चिकित्सा व्यवस्था की बड़ी लापरवाही सामने आई है। अस्पताल में भर्ती एक महिला मरीज को ऑपरेशन के बाद एक्सपायरी डेट वाली ड्रिप चढ़ा दी गई। मामला सामने आने के बाद अस्पताल प्रशासन में हड़कंप मच गया। घटना की जानकारी मिलते ही प्रशासन हरकत में आया और संबंधित नर्सिंगकर्मी की सेवाएं समाप्त कर दी गईं। साथ ही पूरे मामले की जांच के लिए कमेटी गठित की गई है।
जानकारी के अनुसार राजपुर निवासी पूर्व पार्षद नरेश यादव ने अपनी पत्नी अपेक्षा यादव को पेट दर्द की शिकायत पर दो दिन पहले अस्पताल में भर्ती करवाया था। जांच के बाद डॉक्टरों ने महिला को अपेंडिक्स की समस्या बताई। गुरुवार को उसका ऑपरेशन किया गया, जिसके बाद उसे सर्जिकल वार्ड में भर्ती रखा गया।
ऐसे खुली मामले की पोल
नरेश यादव ने बताया कि वह दिनभर पत्नी के साथ अस्पताल में मौजूद रहे, लेकिन रात में घर चले गए। शुक्रवार सुबह जब वह अस्पताल पहुंचे तो उनकी पत्नी को ड्रिप चढ़ाई जा रही थी। इसी दौरान उनकी नजर ड्रिप की बोतल पर गई, जहां उन्होंने पाया कि ड्रिप की एक्सपायरी डेट मार्च 2026 थी और उसकी अवधि समाप्त हो चुकी थी। यह देखकर उन्होंने तुरंत अस्पताल प्रशासन को सूचना दी।

भाजपा पदाधिकारी भी अस्पताल पहुंचे
शिकायत के बाद अस्पताल प्रशासन और चिकित्सकों में हड़कंप मच गया। कुछ देर बाद डॉक्टर मौके पर पहुंचे और मामले की जानकारी ली। इस दौरान भाजपा पदाधिकारी भी अस्पताल पहुंच गए और लापरवाही पर नाराजगी जताई। मामले ने तूल पकड़ा तो अस्पताल प्रशासन ने ड्रग स्टोर और वार्डों में रखी दवाइयों की जांच शुरू करवाई।
बड़ी संख्या में मिली एक्सपायर दवा
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जांच कमेटी का गठन
उप अधीक्षक कौस्तुभ सिंह ने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच कमेटी बनाई गई है। कमेटी की रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल अस्पताल में दवाइयों के स्टॉक और सप्लाई सिस्टम की गहन जांच की जा रही है।कि इन दवाइयों को सामान्य स्टॉक के साथ रखा गया था और कुछ दवाइयां वार्डों तक सप्लाई भी कर दी गई थीं।
दो कर्मचारियों को नोटिस
डूंगरपुर जिला अस्पताल प्रशासन ने प्रथम दृष्टया मामले में नर्सिंगकर्मी कृष्णलाल रोत को जिम्मेदार मानते हुए उसकी सेवाएं समाप्त कर दी हैं। वहीं दो अन्य कर्मचारियों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है।
स्टॉक की हो रही गहन जांच
उप अधीक्षक कौस्तुभ सिंह ने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच कमेटी बनाई गई है। कमेटी की रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल अस्पताल में दवाइयों के स्टॉक और सप्लाई सिस्टम की गहन जांच की जा रही है।


