आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की तेज़ रफ्तार दुनिया में अक्सर यह सवाल उठता है कि बच्चों को अब कौन-सा विषय पढ़ना चाहिए ताकि भविष्य सुरक्षित रहे। लेकिन दुनिया की सबसे बड़ी एआई चिप कंपनी एनवीडिया के सीईओ जेसन हुआंग की राय इससे बिल्कुल अलग है। उनका कहना है कि एआई के दौर में क्या पढ़ना है से ज्यादा महत्वपूर्ण यह होगा कि एआई का इस्तेमाल करके कितना बेहतर सीखना है। सिंगापुर के एक चैनल को दिए इंटरव्यू में हुआंग ने कहा कि माता-पिता को इस बात को लेकर परेशान नहीं होना चाहिए कि उनके बच्चे कौन-सा सब्जेक्ट चुन रहे हैं। उनके मुताबिक, जो चीजें पहले महत्वपूर्ण थीं, जैसे रचनात्मकता, कहानी कहने की क्षमता, समझदारी और इंसानी जुड़ाव, वही भविष्य में भी सबसे ज्यादा मायने रखेंगी। हुआंग ने जापानी विचार वाबी-साबी का भी जिक्र किया, जिसमें अपूर्णता की सुंदरता को महत्व दिया जाता है। उनका संकेत था कि एआई की परफेक्ट दुनिया में इंसानों की भावनाएं, गलतियां और व्यक्तिगत शैली ही सबसे ज्यादा खास बन सकती हैं। जेसन हुआंग ने नौकरियों को टास्क्स की टोकरी बताया। उनके अनुसार एआई कई दोहराए जाने वाले काम ऑटोमेट कर देगा, लेकिन इससे इंसानों को ज्यादा कठिन, रचनात्मक और रणनीतिक काम करने का समय मिलेगा। उन्होंने यह भी कहा कि एआई इंसानों को आलसी नहीं बनाएगा। जैसे कंप्यूटर, इंटरनेट और स्मार्टफोन आने के बाद लोग कम व्यस्त नहीं हुए, बल्कि और ज्यादा काम करने लगे, वैसे ही एआई भी इंसानी महत्वाकांक्षा को बढ़ाएगा। एआई के दौर में बच्चों के लिए रचनात्मक सोच, एआई टूल्स का स्मार्ट इस्तेमाल,जिज्ञासा और लगातार सीखने की मानसिकता बनाए रखना जरुरी है। पत्रकारिता, कला, स्टोरीटेलिंग कभी आउटडेटेड नहीं होगी हुआंग ने खास तौर पर पत्रकारिता, कला, डिजाइन और स्टोरीटेलिंग जैसे क्षेत्रों का जिक्र किया। उनका कहना है कि एआई जानकारी दे सकता है, लेकिन इंसानों जैसी संवेदनशील बातचीत, सही समय पर सही सवाल पूछना और लोगों को जोड़ने वाली कहानी गढ़ना अभी भी मानव क्षमता है। उन्होंने कहा कि एक अच्छा इंटरव्यूअर सिर्फ तैयारी नहीं करता, बल्कि सामने वाले को ध्यान से सुनता है और उसी पल बेहतर प्रतिक्रिया देता है। इंसानों का यही धारणा गढ़ने का गुण भविष्य की सबसे बड़ी ताकत होगी।
एआई के दौर में अब इंसान कहानी सुनाना सीखें:एनवीडिया सीईओ हुआंग बोले- बच्चे कौन सा विषय पढ़ें, इससे ज्यादा जरूरी है ‘कैसे सीखें’


