टीकमगढ़ में गुरुवार को आदिवासी कांग्रेस प्रकोष्ठ के कार्यकर्ताओं ने केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के बयान के विरोध में प्रदर्शन किया। अस्पताल चौराहे पर हुए इस प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ता अमित शाह का पुतला लेकर पहुंचे थे, जिसे रैली के दौरान पुलिस ने छीन लिया। आदिवासी कांग्रेस प्रकोष्ठ के जिला अध्यक्ष मुन्नालाल आदिवासी ने बताया कि 24 मई को दिल्ली में आयोजित जनजातीय संस्कृत समागम कार्यक्रम में गृहमंत्री शाह ने आदिवासियों को ‘वनवासी’ कहकर संबोधित किया था। उन्होंने अपने संबोधन में एक बार भी ‘आदिवासी’ शब्द का प्रयोग नहीं किया। मुन्नालाल आदिवासी के अनुसार, गृहमंत्री के संबोधन से ऐसा प्रतीत हुआ कि देश में ‘आदिवासी’ समुदाय का अस्तित्व ही नहीं है, बल्कि सभी ‘वनवासी’ हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि अमित शाह आदिवासियों की विशिष्ट संस्कृति और सभ्यता को खत्म करने का प्रयास कर रहे हैं। आदिवासी समाज की अपनी अलग सांस्कृतिक, सामाजिक और ऐतिहासिक पहचान है, जिसे किसी अन्य शब्द से परिभाषित नहीं किया जा सकता। ‘वनवासी’ शब्द का प्रयोग आदिवासी अस्मिता और सम्मान को कमजोर करने का प्रयास है। प्रदर्शन को देखते हुए अस्पताल चौराहे पर बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया था। वाटर कैनन के लिए फायर ब्रिगेड भी मौजूद थी, हालांकि उसकी आवश्यकता नहीं पड़ी। इस दौरान आदिवासी कांग्रेस के जिला अध्यक्ष मुन्नालाल आदिवासी, सचिव मालती आदिवासी, उपाध्यक्ष श्रीराम आदिवासी, बल्देवगढ़ ब्लॉक अध्यक्ष रूपलाल आदिवासी, खरगापुर ब्लॉक अध्यक्ष राजेंद्र आदिवासी सहित कई कार्यकर्ता उपस्थित थे। पुलिस की ओर से एसडीओपी राहुल कटरे, कोतवाली थाना प्रभारी रवि भूषण पाठक और तहसीलदार सत्येंद्र सिंह गुर्जर सहित अन्य पुलिसकर्मी मौजूद रहे।


