Kota Boy Murder Case : करौली। टोडाभीम उपखंड के समीप गांव पाड़ला के 10 वर्षीय मासूम बालक मयंक की कोटा में हत्या की खबर से क्षेत्र में शोक की लहर फैल गई। बुधवार को शाम करीब सवा छह बजे जब मयंक का शव पैतृक गांव पाडला पहुंचा, तो पूरा गांव गम में डूब गया। शव के गांव में प्रवेश करते ही हर आंख नम हो गई और माहौल करुणा से भर उठा। मृतक मयंक कक्षा 6 में अध्ययनरत था। उसके पिता अमरसिंह मीना रेलवे में गैंगमेन के पद पर कार्यरत हैं और परिवार के साथ कोटा में ही निवास कर रहे थे।
मयंक पढ़ाई में होनहार और मिलनसार स्वभाव का बताया जा रहा है। उसकी असमय और दर्दनाक मौत ने परिवार की खुशियों को पलभर में छीन लिया। शव पहुंचते ही परिजनों में कोहराम मच गया। मां की चीख-पुकार और महिलाओं का रो-रोकर बुरा हाल था।
रिश्तेदार और ग्रामीण परिवार को ढांढस बंधाते नजर आए, लेकिन हर चेहरा शोक और स्तब्धता से भरा था। घटना की सूचना मिलते ही आसपास के गांवों से भी लोग पाडला पहुंचे और शोक संतप्त परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की। ग्रामीणों ने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग करते हुए न्याय की गुहार लगाई।
जंगल में मिला था शव
बता दें कि कोटा शहर के रेलवे कॉलोनी थाना क्षेत्र में अज्ञात व्यक्ति ने बालक की हत्या कर शव जंगल में फेंक दिया था। पुलिस ने मंगलवार रात करीब 9 बजे शव बरामद कर एमबीएस अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया था। पुलिस के अनुसार रेलवे में कार्यरत करौली निवासी अमर सिंह मीणा ने सोमवार देर रात थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उनका 10 वर्षीय बेटा मयंक मीणा दोपहर से लापता है। शिकायत पर पुलिस ने अपहरण का मामला दर्ज कर बच्चे की तलाश शुरू की।
मंगलवार रात पुलिस को सूचना मिली कि कोटा के सोगरिया रोड स्थित रेलवे वर्कशॉप के सामने जंगल क्षेत्र में एक बालक का शव पड़ा हुआ है। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची। शव की हालत बेहद खराब थी। पुलिस के अनुसार शव को जंगली जानवरों ने नोच दिया था जिससे शरीर के अंग इधर-उधर बिखरे पड़े मिले। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि बालक की हत्या सिर पर भारी पत्थर से वार करके की गई। इसके बाद शव को जंगल में फेंक दिया जहां जानवरों ने उसे क्षत-विक्षत कर दिया। पुलिस मामले के हर पहलू की जांच में जुटी हुई है।


