पूर्णिया में गुस्साई भीड़ ने जंगल से भटककर आए तेंदुए को पीट पीटकर मार डाला। गांव में दाखिल हुए तेंदुए ने खेतों में काम कर रहे मजदूरों पर अचानक हमला कर दिया। तेंदुए के हमले में 4 ग्रामीण घायल हो गए। गुस्साए ग्रामीणों ने तेंदुए को चारों तरफ से घेर लिया और तलवार, फरसा, गड़ासा, लाठी डंडे और दूसरे धारदार हथियारों से हमला कर तेंदुए को मार डाला। घटना टीकापट्टी थाना क्षेत्र के धूसर पंचायत के जमुर बहियार की है। 4 दिन से घुम रहा था तेंदुआ ग्रामीणों ने बताया कि पिछले चार दिनों से तेंदुआ टीकापट्टी गोड़ियर मार्ग के पास खेतों और केला बागान में छिपकर घूम रहा था। तेंदुआ पहले ही एक बकरी और गाय के दो बछड़ों को मार चुका था। इसके बाद से ही गांव के लोग दहशत में थे और शाम ढलते ही घरों में कैद हो जा रहे थे। आज मजदूर बहियार में काम कर रहे थे। इसी दौरान झाड़ियों से निकलकर तेंदुआ सीधे लोगों पर टूट पड़ा। सबसे पहले उसने विजय कुमार यादव पर हमला किया। इसके बाद सोनू कुमार मंडल, प्रभाष कुमार साह और नीतीश कुमार भी उसकी चपेट में आ गए। अचानक हुए हमले से खेतों में भगदड़ मच गई। मजदूर जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे और जोर-जोर से चिल्लाने लगे। चीख-पुकार सुनकर आसपास के ग्रामीण दौड़ते हुए मौके पर पहुंचे। देखते ही देखते सैकड़ों लोग बहियार में जमा हो गए। खुद को घिरता देख तेंदुआ और ज्यादा आक्रामक हो गया। लोगों पर झपटने की कोशिश करता रहा। इसी से गुस्साए ग्रामीणों ने में तेंदुए पर ताबड़तोड़ हमला कर दिया। धारदार हथियारों से हुए हमले में तेंदुआ गंभीर रूप से घायल हो गया और मौके पर ही उसकी मौत हो गई। तेंदुए के मारे जाने के बाद लोगों ने राहत की सांस ली है। एक जख्मी को सांप ने भी काटा घटना में घायल विजय कुमार यादव, सोनू कुमार मंडल, प्रभाष कुमार साह और नीतीश कुमार को इलाज के लिए रूपौली रेफरल अस्पताल में भर्ती कराया गया है। घायल सोनू कुमार मंडल को भागने के दौरान सांप ने भी डंस लिया, जिससे उसकी हालत और बिगड़ गई। सूचना मिलते ही टीकापट्टी थानाध्यक्ष अभिषेक कुमार पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। वन विभाग की टीम ने मृत तेंदुए के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम की कवायद शुरू कर दी है। ग्रामीणों का आरोप है कि पिछले साल भी इसी इलाके में तेंदुए के शावक देखे गए थे, लेकिन वन विभाग ने कोई ठोस कार्रवाई नहीं की। लोगों का कहना है कि अगर समय रहते सर्च अभियान चलाया जाता, तो मजदूरों पर हमला और तेंदुए की मौत जैसी घटना टाली जा सकती थी। बनमनखी रेंज के रेंजर राम प्रवेश ठाकुर ने बताया कि शुरुआती जांच में तेंदुए के किसी दूसरे इलाके से भटककर आने की आशंका है। साथ ही इलाके में एक और तेंदुए की मौजूदगी की सूचना के बाद वन विभाग लगातार सर्च अभियान चला रहा है। पूर्णिया में गुस्साई भीड़ ने जंगल से भटककर आए तेंदुए को पीट पीटकर मार डाला। गांव में दाखिल हुए तेंदुए ने खेतों में काम कर रहे मजदूरों पर अचानक हमला कर दिया। तेंदुए के हमले में 4 ग्रामीण घायल हो गए। गुस्साए ग्रामीणों ने तेंदुए को चारों तरफ से घेर लिया और तलवार, फरसा, गड़ासा, लाठी डंडे और दूसरे धारदार हथियारों से हमला कर तेंदुए को मार डाला। घटना टीकापट्टी थाना क्षेत्र के धूसर पंचायत के जमुर बहियार की है। 4 दिन से घुम रहा था तेंदुआ ग्रामीणों ने बताया कि पिछले चार दिनों से तेंदुआ टीकापट्टी गोड़ियर मार्ग के पास खेतों और केला बागान में छिपकर घूम रहा था। तेंदुआ पहले ही एक बकरी और गाय के दो बछड़ों को मार चुका था। इसके बाद से ही गांव के लोग दहशत में थे और शाम ढलते ही घरों में कैद हो जा रहे थे। आज मजदूर बहियार में काम कर रहे थे। इसी दौरान झाड़ियों से निकलकर तेंदुआ सीधे लोगों पर टूट पड़ा। सबसे पहले उसने विजय कुमार यादव पर हमला किया। इसके बाद सोनू कुमार मंडल, प्रभाष कुमार साह और नीतीश कुमार भी उसकी चपेट में आ गए। अचानक हुए हमले से खेतों में भगदड़ मच गई। मजदूर जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे और जोर-जोर से चिल्लाने लगे। चीख-पुकार सुनकर आसपास के ग्रामीण दौड़ते हुए मौके पर पहुंचे। देखते ही देखते सैकड़ों लोग बहियार में जमा हो गए। खुद को घिरता देख तेंदुआ और ज्यादा आक्रामक हो गया। लोगों पर झपटने की कोशिश करता रहा। इसी से गुस्साए ग्रामीणों ने में तेंदुए पर ताबड़तोड़ हमला कर दिया। धारदार हथियारों से हुए हमले में तेंदुआ गंभीर रूप से घायल हो गया और मौके पर ही उसकी मौत हो गई। तेंदुए के मारे जाने के बाद लोगों ने राहत की सांस ली है। एक जख्मी को सांप ने भी काटा घटना में घायल विजय कुमार यादव, सोनू कुमार मंडल, प्रभाष कुमार साह और नीतीश कुमार को इलाज के लिए रूपौली रेफरल अस्पताल में भर्ती कराया गया है। घायल सोनू कुमार मंडल को भागने के दौरान सांप ने भी डंस लिया, जिससे उसकी हालत और बिगड़ गई। सूचना मिलते ही टीकापट्टी थानाध्यक्ष अभिषेक कुमार पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। वन विभाग की टीम ने मृत तेंदुए के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम की कवायद शुरू कर दी है। ग्रामीणों का आरोप है कि पिछले साल भी इसी इलाके में तेंदुए के शावक देखे गए थे, लेकिन वन विभाग ने कोई ठोस कार्रवाई नहीं की। लोगों का कहना है कि अगर समय रहते सर्च अभियान चलाया जाता, तो मजदूरों पर हमला और तेंदुए की मौत जैसी घटना टाली जा सकती थी। बनमनखी रेंज के रेंजर राम प्रवेश ठाकुर ने बताया कि शुरुआती जांच में तेंदुए के किसी दूसरे इलाके से भटककर आने की आशंका है। साथ ही इलाके में एक और तेंदुए की मौजूदगी की सूचना के बाद वन विभाग लगातार सर्च अभियान चला रहा है।


