केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने अधिकारियों को देश की सीमाओं के 15 किलोमीटर के दायरे में अवैध निर्माणों के खिलाफ ‘जीरो-टॉलरेंस’ नीति को सख्ती से लागू करने और पिछले कुछ वर्षों में बने ऐसे सभी ढांचों को ध्वस्त करने का निर्देश दिया है। अधिकारियों ने बताया कि गृह मंत्रालय (MHA) ने जिला मजिस्ट्रेटों को सीमावर्ती क्षेत्रों में सभी बैंकों द्वारा बैंकिंग लेनदेन के कानूनी और वित्तीय अनुपालन को सुनिश्चित करने, बड़े व्यावसायिक प्रतिष्ठानों का सत्यापन करने, उनके वित्तपोषण स्रोतों की जांच करने, फर्जी खातों और फर्जी कंपनियों का पता लगाने, फर्जी आधार कार्डों की पहचान करने और सीमा पार तस्करी को नियंत्रित करने की बढ़ी हुई जिम्मेदारी सौंपी है।
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शाह ने बीकानेर में आयोजित एक सुरक्षा समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए भारत-पाकिस्तान सीमा से लगे राजस्थान के सीमावर्ती जिलों से संबंधित सुरक्षा मुद्दों का आकलन किया। इससे पहले बीकानेर में सीमा चौकी पर बीएसएफ कर्मियों को संबोधित करते हुए शाह ने कहा कि पिछली सरकारों ने सीमा सुरक्षा में महिलाओं की भूमिका और उनके लिए आवश्यक सुविधाओं पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा में योगदान देने के मामले में महिला कर्मी पुरुषों से दो कदम आगे बढ़ चुकी हैं और 2030 तक सीमा क्षेत्रों में तैनात महिलाओं के लिए सभी आवश्यक सुविधाएं सुनिश्चित की जाएंगी।
शाह ने बताया कि राजस्थान में महिला कर्मियों के लिए 79 बैरक स्वीकृत किए गए हैं, जिनमें से 67 का निर्माण लगभग 39 करोड़ रुपये की लागत से पूरा हो चुका है। गृह मंत्री ने सोमवार को 14 बैरक का उद्घाटन किया। उन्होंने कहा कि सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) द्वारा संरक्षित सीमावर्ती क्षेत्रों में महिलाओं की तैनाती की स्थिति सुधारने के लिए लगभग 200 करोड़ रुपये की लागत से 356 बैरक बनाए जाएंगे। शाह ने कहा कि राजस्थान के रेगिस्तान में एक पार्श्व सड़क (लिटरल रोड) का निर्माण शुरू हो गया है। उन्होंने कहा कि 1,096 किलोमीटर लंबी पार्श्व सड़क और 520 किलोमीटर लंबी अक्षीय सड़क (एक्ससीएल) बीएसएफ कर्मियों के लिए बेहतर सुविधाएं और संपर्क प्रदान करेगी।
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शाह ने कहा कि नयी डिजाइन की बाड़बंदी पर भी काम चल रहा है और राजस्थान में लगभग 180 सीमा चौकियों तक पाइपलाइन से पेयजल आपूर्ति शुरू कर दी गई है। शाह ने कहा कि केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों ने वृक्षारोपण अभियानों के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण में बड़ा योगदान दिया है। उन्होंने बताया कि पिछले पांच वर्षों में केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल के कर्मियों ने लगभग 7.35 करोड़ पेड़ लगाए हैं। शाह ने कहा कि जलवायु परिवर्तन और बढ़ते तापमान को देखते हुए वृक्षारोपण लाभकारी सिद्ध होगा। उन्होंने खेजड़ी का एक पौधा भी लगाया और इसे रेगिस्तानी क्षेत्रों के लिए महत्वपूर्ण वृक्ष बताया।
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