फिरोजाबाद में पैतृक संपत्ति विवाद को लेकर दंपती की गोली मारकर हत्या के मामले में न्यायालय ने बेटे-बहू सहित पांच दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। यह घटना तीन साल पहले एका थानाक्षेत्र में हुई थी। दोषियों में मृतक दंपती का बेटा योगेश उर्फ बीटू, उसकी पत्नी रश्मि देवी, बेटे के दो साले सुशील और अंकित, तथा एक दोस्त रवि शामिल हैं। मामला 28 मई 2023 का है, जब एका थानाक्षेत्र के नगला रमिया निवासी राकेश और गुड्डी देवी की हत्या कर दी गई थी। मृतक दंपती के दूसरे बेटे प्रदीप कुमार ने इस संबंध में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया था कि उनके पिता राकेश और मां गुड्डी देवी 28 मई 2023 को एटा से गांव नगला रमिया में पट्टे के रुपये लेने आए थे। वापस लौटते समय हथौली जय सिंह की पुलिया के पास दिनदहाड़े उनकी गोली मारकर हत्या कर दी गई। प्रदीप कुमार के अनुसार, इस हत्याकांड की साजिश में योगेश की पत्नी रश्मि देवी और साला अंकित भी शामिल थे। पुलिस जांच के बाद विवेचक ने सभी दोषियों के खिलाफ आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया। मामले की सुनवाई जिला एवं सत्र न्यायाधीश डॉ. बब्बू सारंग की अदालत में हुई। अभियोजन पक्ष की ओर से एडीजीसी राजीव उपाध्याय ने पैरवी की। साक्ष्य और गवाहों के बयानों के आधार पर न्यायालय ने अपना फैसला सुनाया। न्यायालय ने बहू रश्मि देवी और उसके भाई अंकित को आजीवन कारावास तथा 20-20 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है। वहीं, मुख्य दोषियों बेटे योगेश उर्फ बीटू, साले सुशील और उसके दोस्त रवि को आजीवन कारावास के साथ 26-26 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है। अर्थदंड अदा न करने पर दोषियों को दो-दो माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।


