मैंगो मैन ने विकसित किया 1 किलो का आम:मुजफ्फरपुर में पिता के नाम पर ‘नागेंद्र भोग’ रखा, कहा- बाजार में 200 रुपए KG बिकती

मैंगो मैन ने विकसित किया 1 किलो का आम:मुजफ्फरपुर में पिता के नाम पर ‘नागेंद्र भोग’ रखा, कहा- बाजार में 200 रुपए KG बिकती

मुजफ्फरपुर के ‘मैंगो मैन’ नाम से प्रसिद्ध किसान रामकिशोर सिंह ने आम की एक नई किस्म ‘नागेंद्र भोग’ विकसित की है। उन्होंने इस आम का नाम अपने पिता नागेंद्र सिंह की स्मृति में रखा है। यह किस्म अपने स्वाद और आकार के कारण चर्चा में है। रामकिशोर सिंह वर्षों से आम की नई प्रजातियों पर शोध कर रहे हैं। उनके अनुसार, ‘नागेंद्र भोग’ को चार अलग-अलग आम की प्रजातियों के मिश्रण से तैयार किया गया है। इस आम का स्वाद खट्टा-मीठा होता है, जिसमें गूदा अधिक और गुठली पतली होती है। विशेषता इसका वजन और आकार इस आम की सबसे बड़ी विशेषता इसका वजन और आकार है। किसान के मुताबिक, एक ‘नागेंद्र भोग’ आम का वजन लगभग एक किलोग्राम तक होता है। इसकी लंबाई एक हाथ के पंजे के बराबर होती है। रामकिशोर सिंह का दावा है कि इसका आकार इतना बड़ा है कि एक आम खाने से ही पेट भर सकता है। ‘नागेंद्र भोग’ देर से पकने वाली किस्म है। यह आम तब तैयार होता है, जब बाजार में आम का सामान्य मौसम खत्म होने लगता है। इसी कारण इसकी बाजार में एक अलग पहचान बन गई है। किसान ने बताया कि इस आम की मांग देश के साथ-साथ विदेशों से भी आ रही है। हालांकि इस बार मौसम अनुकूल नहीं रहने के कारण फल कम हुआ है, लेकिन इसके बावजूद बाजार में यह आम 100 से 200 रुपये प्रति किलो तक बिक रहा है। रामकिशोर सिंह के बगीचे में ‘रेड रॉयल’, ‘मिया जाकी’ समेत 50 से अधिक किस्मों के आम मौजूद हैं। अपने अनोखे प्रयोगों और नई वैरायटी तैयार करने की वजह से इलाके में उन्हें ‘मैंगो मैन’ के नाम से जाना जाता है। मुजफ्फरपुर के ‘मैंगो मैन’ नाम से प्रसिद्ध किसान रामकिशोर सिंह ने आम की एक नई किस्म ‘नागेंद्र भोग’ विकसित की है। उन्होंने इस आम का नाम अपने पिता नागेंद्र सिंह की स्मृति में रखा है। यह किस्म अपने स्वाद और आकार के कारण चर्चा में है। रामकिशोर सिंह वर्षों से आम की नई प्रजातियों पर शोध कर रहे हैं। उनके अनुसार, ‘नागेंद्र भोग’ को चार अलग-अलग आम की प्रजातियों के मिश्रण से तैयार किया गया है। इस आम का स्वाद खट्टा-मीठा होता है, जिसमें गूदा अधिक और गुठली पतली होती है। विशेषता इसका वजन और आकार इस आम की सबसे बड़ी विशेषता इसका वजन और आकार है। किसान के मुताबिक, एक ‘नागेंद्र भोग’ आम का वजन लगभग एक किलोग्राम तक होता है। इसकी लंबाई एक हाथ के पंजे के बराबर होती है। रामकिशोर सिंह का दावा है कि इसका आकार इतना बड़ा है कि एक आम खाने से ही पेट भर सकता है। ‘नागेंद्र भोग’ देर से पकने वाली किस्म है। यह आम तब तैयार होता है, जब बाजार में आम का सामान्य मौसम खत्म होने लगता है। इसी कारण इसकी बाजार में एक अलग पहचान बन गई है। किसान ने बताया कि इस आम की मांग देश के साथ-साथ विदेशों से भी आ रही है। हालांकि इस बार मौसम अनुकूल नहीं रहने के कारण फल कम हुआ है, लेकिन इसके बावजूद बाजार में यह आम 100 से 200 रुपये प्रति किलो तक बिक रहा है। रामकिशोर सिंह के बगीचे में ‘रेड रॉयल’, ‘मिया जाकी’ समेत 50 से अधिक किस्मों के आम मौजूद हैं। अपने अनोखे प्रयोगों और नई वैरायटी तैयार करने की वजह से इलाके में उन्हें ‘मैंगो मैन’ के नाम से जाना जाता है।  

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *