दरभंगा में डिप्लोमा सर्टिफिकेट प्रवेश परीक्षा के दौरान बायोमेट्रिक सत्यापन में गंभीर अनियमितता का मामला सामने आया है। केन्द्राधीक्षक ने इस संबंध में लहेरियासराय थाना में लिखित आवेदन देकर जांच और आवश्यक कार्रवाई की मांग की है। जानकारी के अनुसार 23 मई 2026 को के एच.बी. सोगरा गर्ल्स हाई स्कूल में सुबह 11:00 बजे से दोपहर 1:15 बजे तक एक पाली में डिप्लोमा सर्टिफिकेट प्रवेश परीक्षा आयोजित की गई थी। परीक्षा के दौरान अभ्यर्थियों के बायोमेट्रिक सत्यापन के लिए तीन कर्मियों की तैनाती की गई थी। इस दौरान बायोमेट्रिक कर्मी राकेश कुमार झा की ओर से कमरा संख्या 13, 14, 15 और 16 में परीक्षार्थियों की तस्वीर एडमिट कार्ड के साथ लेने के बजाय OMR शीट के साथ ली जा रही थी। यह देखकर वीक्षकों ने तुरंत इसकी सूचना केन्द्राधीक्षक को दी। एडमिट कार्ड के साथ खिंचवाई गई तस्वीर मामले की जानकारी मिलते ही बायोमेट्रिक एजेंसी के जिला समन्वयक को मोबाइल के माध्यम से अवगत कराया। इसके बाद संबंधित छात्रों की तस्वीर दोबारा एडमिट कार्ड के साथ खिंचवाई गई। हालांकि इस पूरी प्रक्रिया के कारण बायोमेट्रिक टैब में कुल 431 डाटा दर्ज हो गया, जबकि परीक्षा केंद्र पर वास्तविक रूप से केवल 339 परीक्षार्थी ही मौजूद थे। एजेंसी की ओर से बताया गया कि फिलहाल सभी 431 डाटा को सिंक किया जाएगा और बाद में 92 डुप्लीकेट डाटा हटाए जाएंगे। स्कूल प्रशासन ने इस घटना को परीक्षा की सूचिता और पारदर्शिता के खिलाफ बताते हुए गंभीर लापरवाही माना है। आवेदन में कहा गया है कि एजेंसी कर्मियों की इस गलती से परीक्षा प्रक्रिया पर सवाल खड़े हो गए हैं और अभ्यर्थियों के बीच भ्रम की स्थिति उत्पन्न हो गई। दरभंगा में डिप्लोमा सर्टिफिकेट प्रवेश परीक्षा के दौरान बायोमेट्रिक सत्यापन में गंभीर अनियमितता का मामला सामने आया है। केन्द्राधीक्षक ने इस संबंध में लहेरियासराय थाना में लिखित आवेदन देकर जांच और आवश्यक कार्रवाई की मांग की है। जानकारी के अनुसार 23 मई 2026 को के एच.बी. सोगरा गर्ल्स हाई स्कूल में सुबह 11:00 बजे से दोपहर 1:15 बजे तक एक पाली में डिप्लोमा सर्टिफिकेट प्रवेश परीक्षा आयोजित की गई थी। परीक्षा के दौरान अभ्यर्थियों के बायोमेट्रिक सत्यापन के लिए तीन कर्मियों की तैनाती की गई थी। इस दौरान बायोमेट्रिक कर्मी राकेश कुमार झा की ओर से कमरा संख्या 13, 14, 15 और 16 में परीक्षार्थियों की तस्वीर एडमिट कार्ड के साथ लेने के बजाय OMR शीट के साथ ली जा रही थी। यह देखकर वीक्षकों ने तुरंत इसकी सूचना केन्द्राधीक्षक को दी। एडमिट कार्ड के साथ खिंचवाई गई तस्वीर मामले की जानकारी मिलते ही बायोमेट्रिक एजेंसी के जिला समन्वयक को मोबाइल के माध्यम से अवगत कराया। इसके बाद संबंधित छात्रों की तस्वीर दोबारा एडमिट कार्ड के साथ खिंचवाई गई। हालांकि इस पूरी प्रक्रिया के कारण बायोमेट्रिक टैब में कुल 431 डाटा दर्ज हो गया, जबकि परीक्षा केंद्र पर वास्तविक रूप से केवल 339 परीक्षार्थी ही मौजूद थे। एजेंसी की ओर से बताया गया कि फिलहाल सभी 431 डाटा को सिंक किया जाएगा और बाद में 92 डुप्लीकेट डाटा हटाए जाएंगे। स्कूल प्रशासन ने इस घटना को परीक्षा की सूचिता और पारदर्शिता के खिलाफ बताते हुए गंभीर लापरवाही माना है। आवेदन में कहा गया है कि एजेंसी कर्मियों की इस गलती से परीक्षा प्रक्रिया पर सवाल खड़े हो गए हैं और अभ्यर्थियों के बीच भ्रम की स्थिति उत्पन्न हो गई।


