भास्कर न्यूज | सीवान जिला मुख्यालय में आयोजित कार्यक्रम के साथ जनजातीय गरिमा उत्सव का सफल आयोजन हुआ। इस अवसर पर जिला पदाधिकारी विवेक रंजन मैत्रेय द्वारा मीडिया कॉन्फ्रेंस आयोजित की गई तथा समाहरणालय सभागार में जिला, प्रखंड एवं ग्राम स्तरीय अधिकारियों के साथ विस्तृत समीक्षा की गई। यह अभियान “धरती आबा-जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान” के तहत “जनभागीदारी सबसे दूर, सबसे पहले” की थीम पर संचालित किया गया।यह कार्यक्रम भारत सरकार के जनजातीय कार्य मंत्रालय द्वारा बिहार के अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति कल्याण विभाग के माध्यम से आयोजित किया गया। जिले के आन्दर प्रखंड के 10 जनजातीय बहुल पंचायतों के 31 टोला में 18 मई से 25 मई 2026 तक विशेष जागरूकता और लाभ वितरण अभियान चलाया गया। इस दौरान लोगों को विभिन्न सरकारी योजनाओं की जानकारी दी गई तथा पात्र लाभार्थियों को योजनाओं से जोड़ा गया।कार्यक्रम की शुरुआत 18 मई को जिला स्तर पर अधिकारियों के अभिमुखीकरण से हुई। इसके बाद 19 मई से 25 मई तक चिन्हित क्षेत्रों में स्वास्थ्य शिविर लगाए गए, जिनमें सिकल सेल एनीमिया और सक्रिय टीबी की जांच की गई। 20 मई को ग्राम सहभागिता अभियान के तहत पदाधिकारियों, कर्मयोगियों और स्वयंसेवी संस्थाओं द्वारा गांवों में पैदल भ्रमण कर लोगों से सीधा संवाद किया गया और उनकी समस्याएं सुनी गईं।21 से 23 मई के बीच जन सुनवाई कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिनमें प्राप्त शिकायतों का त्वरित निष्पादन सुनिश्चित किया गया। 24 मई को इन सभी गतिविधियों का दस्तावेजीकरण किया गया, जिससे भविष्य में योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन में मदद मिलेगी। भास्कर न्यूज | सीवान जिला मुख्यालय में आयोजित कार्यक्रम के साथ जनजातीय गरिमा उत्सव का सफल आयोजन हुआ। इस अवसर पर जिला पदाधिकारी विवेक रंजन मैत्रेय द्वारा मीडिया कॉन्फ्रेंस आयोजित की गई तथा समाहरणालय सभागार में जिला, प्रखंड एवं ग्राम स्तरीय अधिकारियों के साथ विस्तृत समीक्षा की गई। यह अभियान “धरती आबा-जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान” के तहत “जनभागीदारी सबसे दूर, सबसे पहले” की थीम पर संचालित किया गया।यह कार्यक्रम भारत सरकार के जनजातीय कार्य मंत्रालय द्वारा बिहार के अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति कल्याण विभाग के माध्यम से आयोजित किया गया। जिले के आन्दर प्रखंड के 10 जनजातीय बहुल पंचायतों के 31 टोला में 18 मई से 25 मई 2026 तक विशेष जागरूकता और लाभ वितरण अभियान चलाया गया। इस दौरान लोगों को विभिन्न सरकारी योजनाओं की जानकारी दी गई तथा पात्र लाभार्थियों को योजनाओं से जोड़ा गया।कार्यक्रम की शुरुआत 18 मई को जिला स्तर पर अधिकारियों के अभिमुखीकरण से हुई। इसके बाद 19 मई से 25 मई तक चिन्हित क्षेत्रों में स्वास्थ्य शिविर लगाए गए, जिनमें सिकल सेल एनीमिया और सक्रिय टीबी की जांच की गई। 20 मई को ग्राम सहभागिता अभियान के तहत पदाधिकारियों, कर्मयोगियों और स्वयंसेवी संस्थाओं द्वारा गांवों में पैदल भ्रमण कर लोगों से सीधा संवाद किया गया और उनकी समस्याएं सुनी गईं।21 से 23 मई के बीच जन सुनवाई कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिनमें प्राप्त शिकायतों का त्वरित निष्पादन सुनिश्चित किया गया। 24 मई को इन सभी गतिविधियों का दस्तावेजीकरण किया गया, जिससे भविष्य में योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन में मदद मिलेगी।


