बारां जिले में बढ़ती मौसमी बीमारियों के मद्देनजर चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग ने अवैध चिकित्सकों (झोलाछाप डॉक्टरों) के खिलाफ विशेष अभियान चलाने का निर्णय लिया है। विभाग जिलेभर में निगरानी बढ़ाएगा और नियम विरुद्ध उपचार करने वालों पर कार्रवाई करेगा। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) डॉ. जगदीश कुशवाह ने बताया कि कई स्थानों पर बिना मान्यता और आवश्यक योग्यता के लोग उपचार कर रहे हैं। इससे मरीजों के स्वास्थ्य और जीवन को खतरा हो रहा है। उन्होंने कहा कि मौसमी बीमारियों के दौरान गलत उपचार, बिना जांच दवाइयां देना और गंभीर मरीजों को समय पर रेफर न करना जैसी लापरवाहियां सामने आती हैं। इन मामलों को गंभीरता से लेते हुए विभाग ने अभियान चलाकर कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। सीएमएचओ ने जिले के सभी बीसीएमओ, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) प्रभारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में लगातार निगरानी रखने के निर्देश दिए हैं। संदिग्ध क्लीनिकों, बिना पंजीकरण संचालित चिकित्सा संस्थानों और अवैध रूप से दवाइयां वितरित करने वालों की जांच कर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। डॉ. कुशवाह ने बताया कि आमजन को बेहतर उपचार उपलब्ध कराने के लिए जिला अस्पताल सहित सभी सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई हैं। इनमें चिकित्सकों की उपलब्धता, दवाइयों का पर्याप्त स्टॉक, जांच सुविधाएं और मौसमी बीमारियों से निपटने के लिए आवश्यक इंतजाम शामिल हैं। स्वास्थ्य विभाग ने आमजन से अपील की है कि वे केवल पंजीकृत और अधिकृत चिकित्सकों से ही उपचार कराएं। किसी भी अवैध चिकित्सकीय गतिविधि की जानकारी मिलने पर नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र या विभागीय अधिकारियों को सूचित करें। विभाग का मानना है कि झोलाछाप चिकित्सकों पर प्रभावी कार्रवाई से लोगों को सुरक्षित उपचार मिलेगा और गंभीर स्वास्थ्य जोखिमों को कम किया जा सकेगा।


