इंद्रजीतसिंह राजपुरोहित का पाली के बांगड़ हॉस्पिटल में सोमवार को मेडिकल बोर्ड से दुबारा पोस्टमार्टम करवाया गया। इसके साथ ही परिजनों की मांग है कि मामले में निष्पक्ष जांच के लिए उच्च स्तरीय पुलिस टीम का गठन किया जाए। जो इस मामले की निष्पक्ष जांच करे ताकि पता चल सके कि आखिर इंद्रजीत की मौत कैसे हुई। उन्होंने यह भी कहा कि टीम में बाली सर्किल के पुलिस अधिकारी नहीं हो। पोस्टमार्टम के दौरान फालना SHO विक्रम सिंह, सांडेराव SHO श्यामसिंह मयजाप्ता मौजूद रहे। पाली के बांगड़ हॉस्पिटल में पुलिस ने पोस्टमार्टम से पहले बॉडी का एक्स-रे भी करवाया। बता दे कि पुलिस प्रारंभिक जांच में इस हत्या नहीं माना है। बता दे कि फालना थाना क्षेत्र के खुडाला निवासी इंद्रजीतसिंह 8 मई की शाम को कुछ सामान लाने का बोलेकर निकले थे। लेकिन वापस नहीं आए। 11 मई को फालना थाने में उनकी गुमशुदगी परिजनों ने दर्ज करवाई। 19 मई की शाम को सांडेराव थाना क्षेत्र के देवतरा में एक खेत में बॉडी मिली। जिसकी पहचान परिजनों ने इंद्रजीत सिंह के रूप में की। परिजनों का आरोप हाथ और नाक कटे हुए थे
मृतक के परिजनों का कहना है कि बॉडी के दोनों हाथ, नाक कटे हुए थे। आस-पास डीजल/केमिकल जैसा पड़ा होने का भी उन्होंने शक जाहिर करते हुए मृतक की रंजिश के चलते हत्या होन की बात कही। रिपोर्ट में बताया कि 09 मई के इंद्रजीत की शाम को अपनी मां से वाट्सअप पर बात हुई। जिसमें बताया कि उसका किसी से झगड़ा हो गया। उसके बाद इन्द्रजीत का फोन बंद हो गया। आरोप है कि अज्ञात बदमाशों इंद्रजीत की हत्या कर मौके से सबूत नष्ट करने का प्रयास किया। इसके साथ ही उनका कहना है कि घटना वाले दिन इंद्रजीतसिंह के साथ कौन-कौन थे उसकी जांच की जाए। उसका मोबाइल फोन कहां है इसकी जांच हो। बता दे कि परिजनों और समाज के लोगों ने 24 मई को फालना थाने के बाद धरना देकर विरोध प्रदर्शन किया था।


