बांका जिले के बेलहर थाना क्षेत्र के जमुआ गांव की एक विवाहिता की जहरीला पदार्थ खाने के बाद उपचार के दौरान सोमवार को जवाहरलाल नेहरू चिकित्सा महाविद्यालय अस्पताल में मौत हो गई। मृतका की पहचान जमुआ गांव निवासी आशीष कुमार की पत्नी सुजाता कुमारी (28) के रूप में हुई है। घटना के बाद परिवार में मातम का माहौल है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। बताया जा रहा है कि घटना उस समय हुई जब महिला घर में अकेली थी। उसने किसी जहरीले पदार्थ का सेवन कर लिया, जिसके बाद उसकी तबीयत अचानक बिगड़ गई। घटना की जानकारी मिलने पर उसके देवर एवं अन्य परिजन तत्काल उसे इलाज के लिए संग्रामपुर सरकारी अस्पताल लेकर पहुंचे। वहां चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार किया, लेकिन हालत गंभीर देखते हुए बेहतर इलाज के लिए उसे भागलपुर के मायागंज अस्पताल रेफर कर दिया। मायागंज अस्पताल में चिकित्सकों की निगरानी में उसका इलाज शुरू किया गया, लेकिन उसकी स्थिति लगातार नाजुक बनी रही। काफी प्रयासों के बावजूद इलाज के दौरान सोमवार को उसकी मौत हो गई। मौत की सूचना मिलते ही अस्पताल परिसर में मौजूद परिजनों में कोहराम मच गया। घटना के बाद पुलिस ने आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करते हुए शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंपे जाने की प्रक्रिया शुरू की गई। मृतका की मां बोली- बेटी को ससुराल में कोई दिक्कत नहीं थी मामले में मृतका की मां रीता देवी ने पुलिस के समक्ष दिए गए फर्द बयान में बताया कि उनकी बेटी सुजाता कुमारी की शादी करीब 10 साल पहले बांका जिले के बेलहर थाना क्षेत्र के जमुआ गांव निवासी प्रकाश मंडल के पुत्र आशीष कुमार के साथ हुई थी। शादी के बाद उसे दो बेटियों और एक बेटे का जन्म हुआ। उन्होंने बताया कि उनकी बेटी का वैवाहिक जीवन सामान्य रूप से चल रहा था और उसे ससुराल में किसी प्रकार की परेशानी या प्रताड़ना की शिकायत कभी नहीं रही। रीता देवी ने अपने बयान में कहा कि रविवार को करीब 11 बजे उन्हें फोन कर सूचना दी गई कि सुजाता ने जहरीला पदार्थ खा लिया है और उसे संग्रामपुर अस्पताल में भर्ती कराया गया है। सूचना मिलने के बाद वह तत्काल अस्पताल पहुंचीं। वहां से ससुराल पक्ष के लोगों के साथ मिलकर बेहतर इलाज के लिए सुजाता को भागलपुर के मायागंज अस्पताल लाया गया। उन्होंने बताया कि इलाज के दौरान चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मां ने अपने बयान में किसी पर आरोप नहीं लगाया है और कहा है कि उनकी बेटी को ससुराल में किसी तरह की दिक्कत नहीं थी। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है। बांका जिले के बेलहर थाना क्षेत्र के जमुआ गांव की एक विवाहिता की जहरीला पदार्थ खाने के बाद उपचार के दौरान सोमवार को जवाहरलाल नेहरू चिकित्सा महाविद्यालय अस्पताल में मौत हो गई। मृतका की पहचान जमुआ गांव निवासी आशीष कुमार की पत्नी सुजाता कुमारी (28) के रूप में हुई है। घटना के बाद परिवार में मातम का माहौल है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। बताया जा रहा है कि घटना उस समय हुई जब महिला घर में अकेली थी। उसने किसी जहरीले पदार्थ का सेवन कर लिया, जिसके बाद उसकी तबीयत अचानक बिगड़ गई। घटना की जानकारी मिलने पर उसके देवर एवं अन्य परिजन तत्काल उसे इलाज के लिए संग्रामपुर सरकारी अस्पताल लेकर पहुंचे। वहां चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार किया, लेकिन हालत गंभीर देखते हुए बेहतर इलाज के लिए उसे भागलपुर के मायागंज अस्पताल रेफर कर दिया। मायागंज अस्पताल में चिकित्सकों की निगरानी में उसका इलाज शुरू किया गया, लेकिन उसकी स्थिति लगातार नाजुक बनी रही। काफी प्रयासों के बावजूद इलाज के दौरान सोमवार को उसकी मौत हो गई। मौत की सूचना मिलते ही अस्पताल परिसर में मौजूद परिजनों में कोहराम मच गया। घटना के बाद पुलिस ने आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करते हुए शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंपे जाने की प्रक्रिया शुरू की गई। मृतका की मां बोली- बेटी को ससुराल में कोई दिक्कत नहीं थी मामले में मृतका की मां रीता देवी ने पुलिस के समक्ष दिए गए फर्द बयान में बताया कि उनकी बेटी सुजाता कुमारी की शादी करीब 10 साल पहले बांका जिले के बेलहर थाना क्षेत्र के जमुआ गांव निवासी प्रकाश मंडल के पुत्र आशीष कुमार के साथ हुई थी। शादी के बाद उसे दो बेटियों और एक बेटे का जन्म हुआ। उन्होंने बताया कि उनकी बेटी का वैवाहिक जीवन सामान्य रूप से चल रहा था और उसे ससुराल में किसी प्रकार की परेशानी या प्रताड़ना की शिकायत कभी नहीं रही। रीता देवी ने अपने बयान में कहा कि रविवार को करीब 11 बजे उन्हें फोन कर सूचना दी गई कि सुजाता ने जहरीला पदार्थ खा लिया है और उसे संग्रामपुर अस्पताल में भर्ती कराया गया है। सूचना मिलने के बाद वह तत्काल अस्पताल पहुंचीं। वहां से ससुराल पक्ष के लोगों के साथ मिलकर बेहतर इलाज के लिए सुजाता को भागलपुर के मायागंज अस्पताल लाया गया। उन्होंने बताया कि इलाज के दौरान चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मां ने अपने बयान में किसी पर आरोप नहीं लगाया है और कहा है कि उनकी बेटी को ससुराल में किसी तरह की दिक्कत नहीं थी। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है।


