शहर में असुरक्षित तरीके से लोहे के सरिया और भारी सामान के परिवहन को लेकर पत्रिका द्वारा प्रकाशित खबर का बड़ा असर देखने को मिला है। 23 मई को पत्रिका में बाजारों में दौड़ता मौत का सामान… बिना सुरक्षा मानकों व लाल कपड़े के धड़ल्ले से हो रहा नुकीले सरियों का परिवहन शीर्षक से प्रकाशित समाचार के बाद यातायात पुलिस ने तत्काल संज्ञान लेते हुए कार्रवाई शुरू कर दी है।
निर्देश जारी किए गए
पुलिस अधीक्षक रजत सकलेचा के निर्देशन में यातायात पुलिस ने रविवार को यातायात प्रशिक्षण शाला में नगर के लोहा एवं एल्युमिनियम व्यापारियों की बैठक आयोजित की। यातायात प्रभारी बृहस्पति साकेत की मौजूदगी में हुई इस बैठक में सड़क सुरक्षा, दुर्घटनाओं की रोकथाम और मोटर व्हीकल एक्ट के नियमों के पालन को लेकर सख्त निर्देश जारी किए गए।बैठक में व्यापारियों को स्पष्ट रूप से बताया गया कि अब सवारी वाहनों, विशेषकर ई-रिक्शा और ऑटो में लोहा-सरिया या अन्य भारी सामान की ढुलाई पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगी। ऐसे वाहनों का उपयोग पाए जाने पर संबंधित वाहन चालक और व्यापारी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
चेतावनी संकेतक लगाना अनिवार्य
यातायात पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया कि किसी भी वाहन की निर्धारित बॉडी या लंबाई से बाहर लोहे की छड़े, एंगल अथवा अन्य सामान निकालकर परिवहन करना नियम विरुद्ध है। यदि विशेष परिस्थितियों में सामान का कोई हिस्सा पीछे की ओर निकलता है तो उस पर लाल कपड़ा अथवा चेतावनी संकेतक लगाना अनिवार्य होगा, जिससे पीछे आने वाले वाहन चालकों को सतर्क किया जा सके।
क्षमता से अधिक वजन लादने पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी
इसके अलावा वाहन की पंजीयन क्षमता से अधिक वजन लादने पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी गई। व्यापारियों को निर्देश दिए गए कि सामान को मजबूत तरीके से बांधा जाए, ताकि परिवहन के दौरान सड़क पर गिरने या हादसे की आशंका न बने। साथ ही चालकों को नियंत्रित गति में वाहन चलाने की हिदायत दी गई।
यातायात प्रभारी बृहस्पति साकेत ने कहा कि नागरिकों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और यातायात नियमों का उल्लंघन किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि फिलहाल व्यापारियों को समझाइश देकर नियमों के पालन के लिए कहा गया है, लेकिन आगे लापरवाही मिलने पर बिना किसी ढिलाई के कानूनी कार्रवाई की जाएगी। यातायात पुलिस ने संकेत दिए हैं कि शहर के व्यस्त बाजारों और मुख्य मार्गों पर अब विशेष निगरानी रखी जाएगी, ताकि असुरक्षित परिवहन पर रोक लगाई जा सके और सड़क दुर्घटनाओं की संभावना कम हो।


