रिंग रोड पर बन रहे मूसाखेड़ी फ्लायओवर का काम लगभग छह माह से अटका हुआ है। निर्माण एजेंसी ने चौराहे के बीच में पाइल के लिए सड़क की खुदाई कर दी है, जिसके कारण दोनों तरफ से ट्रैफिक चौराहे से सर्विस रोड से गुजर रहा है। जिस बो-स्ट्रिंग (धनुष के आकार का) गर्डर यहां लाने के लिए चौराहे को बीच से रोक रखा है, वो अब तक यहां पहुंच नहीं पाया है। इस कारण चौराहा भी खुल नहीं पा रहा है। वहीं, चौराहे के बीच स्थित प्रतिमा भी अब तक शिफ्ट नहीं हो पाई है। डेडलाइन खत्म हुए दो माह बीते, जून में भी काम पूरा होने के आसार नहीं निर्माण की गति पिछले छह महीनों से पूरी तरह ठप पड़ी हुई है, जबकि काम पूरा करने की वास्तविक डेडलाइन मार्च 2026 थी। इसे बढ़ाकर जून 2026 तक किया गया और काम पूरा करने का वादा हुआ, लेकिन अगले माह तक भी काम पूरा होने के आसार नजर नहीं आ रहे हैं। आईटी पार्क से रोबोट चौराहे तक सिग्नल फ्री हो जाएगा 67 करोड़ रुपए की लागत से बन रहे 780 मीटर के इस 6 लेन फ्लायओवर के बन जाने से रिंग रोड पर सीधा चलने वाला ट्रैफिक बिना किसी सिग्नल के ऊपर से गुजर जाएगा और चौराहे पर लगने वाला भारी जाम पूरी तरह खत्म हो जाएगा। साथ ही रोबोट चौराहे से लेकर आईटी पार्क चौराहे के बीच के सभी चौराहे सिग्नल फ्री हो जाएंगे। वाहन सरपट निकल सकेंगे। रोजाना गुजरते हैं 50 हजार वाहन, इनमें बसें भी शामिल इस चौराहे से रोजाना 50 से 60 हजार वाहन गुजरते हैं, जिसमें कई स्लीपर बसें और भारी वाहन भी शामिल हैं। चौराहे के दोनों तरफ घनी बसाहट है, जिसका दबाव भी मुख्य मार्ग के साथ-साथ सर्विस रोड पर भी है। सर्विस रोड पर बड़े-बड़े गड्ढे सर्विस रोड की स्थिति भी बदहाल है। रोड पर जगह-जगह गड्ढे हो गए हैं, जिससे यहां दिन में कई बार जाम की स्थिति बनती है। सुबह और शाम के वक्त तो स्थिति और ज्यादा बिगड़ जाती है।


