British-era treasure: मध्य प्रदेश के दमोह शहर के फुटेरा वार्ड क्रमांक-3 में एक निर्माणाधीन मकान की खुदाई के दौरान चांदी के सिक्के निकलने की खबर आग की तरह पूरे शहर में फैल गई। जिसके बाद प्रशासन और पुलिस अमला मौके पर पहुंच गया। करीब चार घंटे तक चले सर्च ऑपरेशन के बाद प्रशासन ने 102 चांदी के सिक्के जब्त किए हैं। मामले में पुरातत्व विभाग की जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
जानकारी के अनुसार फुटेरा वार्ड निवासी शासकीय शिक्षक आलोक सोनी अपने मकान का निर्माण करा रहे हैं। मकान में पिलर की खुदाई का कार्य हथना गांव के मजदूरों को दिया गया था। शनिवार शाम करीब 3 बजे खुदाई के दौरान पहले पीतल के एक छोटे कलश में एक चांदी का सिक्का मिला। इसके बाद नीचे से एक और पीतल का कलश निकला, जिसमें बड़ी मात्रा में चांदी के सिक्के भरे होने की बात सामने आई।

500-500 रुपये देकर चुप रहने को कहा
मजदूर हीरा पटेल, मनोहर पटेल और ओमप्रकाश पटेल ने पुलिस और तहसीलदारों को बताया कि जमीन से निकले पीतल के मटके में बड़ी मात्रा में चांदी के सिक्के थे। मजदूरों का दावा है कि निकले हुए सिक्कों को एक 10 लीटर की बाल्टी में भरा गया और जब बाल्टी भर गई, तो बाकी सिक्के गमछे में भरकर घर के अंदर ले जाए गए। मजदूरों के अनुसार उन्हें केवल 500-500 रुपये देकर चुप रहने को कहा गया। विरोध करने पर कथित रूप से धमकाया गया। बाद में मजदूरों ने गांव जाकर पूर्व सरपंच मुरारी लाल तिवारी को घटना की जानकारी दी और उनके साथ कोतवाली पहुंचकर पुलिस को सूचना दी। इधर, पूर्व सरपंच ने भी आरोप लगाया कि कोतवाली में आलोक सोनी ने उसे पांच लाख रुपए की पेशकश की और कहा मामले को आगे मत बढ़ाओ।

कलेक्टर के निर्देश पर पहुंची प्रशासनिक टीम
मामले की गंभीरता को देखते हुए कलेक्टर के निर्देश पर तहसीलदार रॉबिन जैन और रघुनंदन चतुर्वेदी को जांच के लिए मौके पर भेजा गया। वहीं एसपी आनंद कलादगी के निर्देश पर कोतवाली टीआई मनीष कुमार पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। शुरुआती कार्रवाई में प्रशासन को 42 चांदी के सिक्के मिले थे, लेकिन बाद में सर्चिंग के दौरान सामने वाले मकान से 60 और सिक्के बरामद किए गए। यह मकान आलोक सोनी के माता-पिता का बताया जा रहा है। इस तरह कुल 102 चांदी के सिक्के जब्त किए गए। तहसीलदार रघुनंदन चतुर्वेदी ने बताया कि जब्ती कार्रवाई की गई है। बरामद 102 चांदी के सिक्कों को सुरक्षित रखा गया है। अब पुरातत्व विभाग की जांच के बाद आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।



