Ebola Virus Alert: क्या बिलासपुर में दस्तक दे रहा है खतरनाक वायरस? सिम्स अलर्ट, क्या हैं इसके डराने वाले लक्षण?

Ebola Virus Alert: क्या बिलासपुर में दस्तक दे रहा है खतरनाक वायरस? सिम्स अलर्ट, क्या हैं इसके डराने वाले लक्षण?

Ebola Virus Alert: संभावित इबोला वायरस संक्रमण को लेकर शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय एवं सिम्स अस्पताल प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है। संक्रमण की रोकथाम, उपचार व्यवस्था और अस्पताल में सुरक्षा प्रोटोकॉल को और मजबूत बनाने के उद्देश्य से अस्पताल संक्रमण नियंत्रण टीम (एचआईसीटी) की आपात बैठक ली गई।

इस दौरान अस्पताल की तैयारियों की विस्तार से समीक्षा करते हुए संक्रमण से निपटने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए। मेडिकल सुपरिंटेंडेंट डॉ. लखन सिंह की अध्यक्षता में सुपरिंटेंडेंट कार्यालय में आयोजित बैठक में संक्रमण नियंत्रण उपायों पर विशेष चर्चा की गई। संदिग्ध मरीजों के लिए अलग सैंपल कलेक्शन एरिया विकसित करने और उसकी कार्यप्रणाली को प्रभावी बनाने के निर्देश दिए गए। डीन डॉ. रमणेश मूर्ति ने कहा कि किसी भी संक्रामक बीमारी से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए समय रहते तैयारी और सतर्कता बेहद जरूरी है।

हॉस्पिटल स्टाफ को मिलेगा विशेष प्रशिक्षण

बैठक में एचआईसीटी टीम को अस्पताल परिसर में सैनिटाइजेशन और संक्रमण नियंत्रण कार्यक्रम को और प्रभावी बनाने, नियमित मॉनिटरिंग करने तथा जैव-चिकित्सा अपशिष्ट प्रबंधन संबंधी दिशा-निर्देशों का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। साथ ही चिकित्सकों, नर्सिंग अधिकारियों और स्वास्थ्य कर्मियों के लिए इबोला संक्रमण की पहचान, पीपीई किट के सही उपयोग, हैंड हाइजीन और संक्रमण रोकथाम उपायों पर विशेष प्रशिक्षण एवं जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने का निर्णय लिया गया।

क्या है इबोला वायरस

इबोला एक गंभीर और जानलेवा वायरल बीमारी है। यह संक्रमित व्यक्ति के रक्त, शरीर के तरल पदार्थ या संक्रमित वस्तुओं के संपर्क से फैलता है। यह वायरस मुख्य रूप से अफ्रीकी देशों में पाया गया है, लेकिन सतर्कता के तौर पर स्वास्थ्य संस्थानों को तैयार रहने के निर्देश दिए जाते हैं।

ये हैं लक्षण

तेज बुखार, अत्यधिक कमजोरी, सिरदर्द और मांसपेशियों में दर्द, गले में खराश, उल्टी और दस्त, त्वचा पर रैश, गंभीर स्थिति में आंतरिक या बाहरी रक्तस्राव।

ये रखें सावधानियां

  • संक्रमित व्यक्ति के संपर्क से बचें, संक्रमित व्यक्ति के रक्त, शरीर के तरल पदार्थ या उपयोग की वस्तुओं के सीधे संपर्क में आने से बचें।
  • हैंड हाइजीन का विशेष ध्यान रखें, नियमित रूप से साबुन और पानी से हाथ धोएं या सैनिटाइजर का उपयोग करें।
  • मास्क और पीपीई का उपयोग करें, अस्पतालों या संक्रमित क्षेत्र में कार्य करने वाले स्वास्थ्य कर्मी मास्क, ग्लव्स और पीपीई किट का अनिवार्य रूप से उपयोग करें।
  • लक्षण दिखने पर तुरंत जांच कराएं, तेज बुखार, कमजोरी, उल्टी या रक्तस्राव जैसे लक्षण दिखाई देने पर तुरंत चिकित्सकीय सलाह लें और खुद को दूसरों से अलग रखें।

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