अंबिकापुर। पिता ने मामूली से बात पर अपने 14 वर्षीय बेटे को डांट लगाई और बेटे ने नाराज होकर जहर का सेवन कर लिया। गंभीर हालत (Big Incident) में उसे मेडिकल कॉलेज अस्पताल अंबिकापुर में भर्ती कराया गया था। यहां से परिजन उसे शहर के ही होलीक्रॉस अस्पताल में ले गए। लेकिन उसकी जान नहीं बच सकी। फटकार लगाने के 14वें दिन ही बेटे ने अस्पताल में दम तोड़ दिया। दरअसल खेत से गेंदे का फूल तोडऩे के दौरान पिता ने कहा था कि फूल कम तोड़ रहे हो, गिरा ज्यादा रहे हो। इसी बात पर बेटे ने ऐसा घातक कदम उठा लिया था। अब पिता अफसोस कर रहा है कि उसने उसे क्यों डांट लगाई।
सूरजपुर जिले के जयनगर थाना अंतर्गत ग्राम कमलपुर निवासी चितरंजन बर्मन फूलों की खेती करता है। उसके 3 पुत्र व एक पुत्री हैं। उसका सबसे छोटा पुत्र ओबजीत बर्मन 14 वर्ष (Son eat poison) 9 मई की सुबह परिवार के अन्य सदस्यों के साथ खेत से गेंदे का फूल तोड़ रहा था। इस दौरान काफी फूल उससे जमीन पर गिर जा रहा था।
यह देख पिता ने उससे कहा कि तुम फूल कम तोड़ रहे हो, ज्यादा गिरा रहे हो। पिता ने फटकार (Son commits suicide) भरे लहजे में ओबजीत से कहा कि तुम घर जाओ, तुमसे नहीं हो पाएगा। इसके बाद पिता गांव के ही माला दुकान में बाड़ी से तोड़े गए फूलों को देने के लिए चला गया था।
पत्नी बोली- ओबजीत ने पी लिया है जहर
चितरंजन बर्मन फूल बेचने दुकान में पहुंचा ही था कि उसकी पत्नी ने फोन कर उससे कहा कि ओबजीत ने जहर (Minor son eat poison) पी लिया है। यह सुनते ही वह भागता हुआ घर आया। यहां ओबजीत की हालत बिगड़ती जा रही थी। इसके बाद आनन-फानन में उसे अंबिकापुर के मेडिकल कॉलेज अस्पताल में लाकर भर्ती कराया गया।
14वें दिन हो गई मौत
मेडिकल कॉलेज में चले इलाज के बीच में ही 10 मई को वे उसकी छुट्टी कराकर होली क्रॉस अस्पताल ले गए। यहां उसका इलाज चल रहा था। इसी बीच 22 मई की सुबह उसकी तबीयत (Son commits suicide) अचानक बिगड़ गई और करीब 11.30 बजे उसकी मौत हो गई।
सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंचे परिजन का बयान दर्ज किया। फिर पीएम पश्चात पुलिस ने शव परिजन को सौंप दिया। बेटे की मौत से माता-पिता समेत अन्य परिजनों में मातम पसरा हुआ है।


