Stock Market में दिनभर चला Drama, सुबह की तूफानी तेजी शाम को फुस्स, Sensex-Nifty फिसले।

Stock Market में दिनभर चला Drama, सुबह की तूफानी तेजी शाम को फुस्स, Sensex-Nifty फिसले।
गुरुवार को घरेलू शेयर बाजार में काफी उतार-चढ़ाव देखने को मिला। कारोबार की शुरुआत मजबूत तेजी के साथ हुई थी, लेकिन दिन चढ़ने के साथ बाजार की बढ़त धीरे-धीरे खत्म हो गई और अंत में प्रमुख सूचकांक गिरावट के साथ बंद हुए।
मौजूद जानकारी के अनुसार, निफ्टी 50 मामूली गिरावट के साथ 23,654.70 अंक पर बंद हुआ। वहीं सेंसेक्स 75,183.36 अंक पर बंद हुआ, जिसमें 0.18 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। कारोबार के दौरान निफ्टी एक समय 23,859 अंक तक पहुंच गया था, लेकिन बाद में इसमें कमजोरी आ गई। इसी तरह सेंसेक्स भी सुबह के कारोबार में 75,945 अंक तक पहुंचा था, लेकिन दिन के अंत तक बढ़त गंवा बैठा।
बता दें कि बाजार में शुरुआती तेजी के पीछे वैश्विक संकेतों और कुछ प्रमुख क्षेत्रों में खरीदारी को वजह माना जा रहा था। हालांकि बाद में निवेशकों की मुनाफावसूली और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में बढ़ती अनिश्चितता के कारण दबाव देखने को मिला।
गौरतलब है कि ग्रासिम इंडस्ट्रीज ने निफ्टी को सबसे ज्यादा सहारा दिया हैं। इसके अलावा आईसीआईसीआई बैंक, इंडिगो, अपोलो हॉस्पिटल्स और भारत इलेक्ट्रॉनिक्स के शेयरों में भी मजबूती रही हैं। दूसरी ओर रिलायंस इंडस्ट्रीज बाजार पर सबसे बड़ा दबाव बनाने वाला शेयर रहा हैं। भारती एयरटेल, इंफोसिस, बजाज फाइनेंस और हिंदुस्तान यूनिलीवर के शेयरों में भी कमजोरी देखने को मिली।
क्षेत्रवार प्रदर्शन की बात करें तो रक्षा क्षेत्र सबसे ज्यादा मजबूत रहा हैं। निफ्टी इंडिया डिफेंस सूचकांक में 1.43 प्रतिशत की तेजी दर्ज की गई हैं। इसके अलावा रियल एस्टेट, ऊर्जा और वाहन क्षेत्र के शेयरों में भी खरीदारी देखने को मिली हैं। वहीं सूचना प्रौद्योगिकी क्षेत्र सबसे कमजोर रहा और इसमें गिरावट दर्ज की गई हैं। उपभोक्ता सामान, मीडिया, बैंक और वित्तीय सेवा क्षेत्र भी दबाव में बंद हुए।
बाजार विशेषज्ञों का कहना हैं कि वैश्विक स्तर पर बढ़ती अनिश्चितता और कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव का असर निवेशकों की धारणा पर पड़ रहा हैं। अमेरिका और ईरान के बीच जारी बातचीत पर भी दुनिया भर के निवेशकों की नजर बनी हुई है।
मौजूद जानकारी के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में फिर से तेजी देखी गई हैं। ब्रेंट क्रूड 105 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर कारोबार करता दिखा, जबकि डब्ल्यूटीआई क्रूड करीब 99 डॉलर प्रति बैरल के आसपास रहा हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा हैं कि ईरान के साथ बातचीत अंतिम चरण में पहुंच चुकी हैं। इसके बाद ऊर्जा बाजार में हलचल बढ़ गई है।
विशेषज्ञों का मानना हैं कि यदि पश्चिम एशिया में तनाव कम होता हैं और ऊर्जा आपूर्ति सामान्य रहती हैं तो आने वाले दिनों में बाजार को कुछ राहत मिल सकती हैं। फिलहाल निवेशक वैश्विक घटनाक्रम और घरेलू आर्थिक संकेतों पर करीबी नजर बनाए हुए है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *