परिषदीय विद्यालयों के शिक्षकों ने जनगणना ड्यूटी को लेकर डीएम से राहत की मांग की है। शिक्षकों का कहना है कि उनकी वर्तमान तैनाती भोगांव तहसील के बेवर ब्लॉक क्षेत्र में है, लेकिन जनगणना की ड्यूटी 50 से 70 किमी दूर अन्य क्षेत्रों में लगाई गई है। भीषण गर्मी और हीटवेव के बीच इतनी लंबी दूरी तय करना उनके लिए मुश्किल हो रहा है। शिक्षकों ने जिलाधिकारी को दिए प्रार्थना पत्र में बताया कि जनगणना प्रशिक्षण के दौरान उन्होंने अधिकारियों से अनुरोध किया था कि उनकी ड्यूटी वर्तमान कार्यस्थल या उसके आसपास लगाई जाए। उस समय अधिकारियों ने आश्वासन दिया था कि ड्यूटी तैनाती स्थल के निकट ही निर्धारित की जाएगी। हालांकि, बाद में जारी ड्यूटी सूची में उन्हें दूरस्थ क्षेत्रों में भेज दिया गया। शिक्षकों का कहना है कि प्रतिदिन लंबी दूरी तय करने से शारीरिक परेशानी बढ़ रही है और विद्यालयीय कार्य भी प्रभावित हो रहा है। सुबह स्कूल की जिम्मेदारी निभाने के बाद दूरस्थ क्षेत्रों में जनगणना कार्य करना उनके लिए चुनौतीपूर्ण है। उन्होंने यह भी बताया कि जिले और प्रदेश में चल रही तेज गर्मी व हीटवेव के कारण लगातार सफर करना स्वास्थ्य के लिए जोखिम भरा हो सकता है। प्रार्थना पत्र में शिक्षकों ने स्पष्ट किया कि जनगणना एक महत्वपूर्ण राष्ट्रीय कार्य है और वे इसे पूरी निष्ठा व जिम्मेदारी के साथ करना चाहते हैं। हालांकि, अत्यधिक दूरी और प्रतिकूल मौसम परिस्थितियों के कारण कार्य की गुणवत्ता प्रभावित होने की आशंका है। शिक्षकों का मानना है कि यदि ड्यूटी कार्यस्थल के पास निर्धारित की जाए, तो वे अपनी जिम्मेदारी अधिक प्रभावी और समयबद्ध तरीके से निभा पाएंगे। शिक्षकों ने जिलाधिकारी से मानवीय और व्यावहारिक दृष्टिकोण अपनाते हुए उनकी जनगणना ड्यूटी वर्तमान तैनाती स्थल अथवा उसके निकटवर्ती क्षेत्रों में स्थानांतरित करने की मांग की है।


