GMC के नर्सिंग कॉलेज में अवैध कब्जे का आरोप:NSUI ने की कार्रवाई की मांग; बोले-क्लासरूम की कमी से हॉस्टल में लग रहीं कक्षाएं

GMC के नर्सिंग कॉलेज में अवैध कब्जे का आरोप:NSUI ने की कार्रवाई की मांग; बोले-क्लासरूम की कमी से हॉस्टल में लग रहीं कक्षाएं

भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन (NSUI) ने गांधी चिकित्सा महाविद्यालय के नर्सिंग कॉलेज में गंभीर अनियमितताओं और छात्राओं के साथ मानसिक प्रताड़ना के आरोप लगाते हुए गुरुवार को उच्च स्तर पर शिकायत दर्ज कराई है। संगठन ने मुख्यमंत्री से लेकर स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों तक को पत्र लिखकर तत्काल कार्रवाई की मांग की है। NSUI के प्रदेश उपाध्यक्ष रवि परमार ने बताया कि कॉलेज भवन के दो महत्वपूर्ण कक्षों पर प्रभारी प्रोफेसर एवं स्टाफ नर्स रजनी नायर द्वारा कथित रूप से लंबे समय से अवैध कब्जा किया गया है। आरोप है कि इन कक्षों का उपयोग शैक्षणिक गतिविधियों के बजाय निजी उपयोग में किया जा रहा है, जिसके कारण कॉलेज में कक्षाओं के लिए पर्याप्त स्थान उपलब्ध नहीं हो पा रहा है। स्थिति यह है कि पोस्ट बेसिक बीएससी नर्सिंग प्रथम वर्ष की कक्षाएं अब कॉलेज भवन के बजाय छात्रावास के मनोरंजन कक्ष में संचालित की जा रही हैं। छात्राओं का कहना है कि यह कक्ष पढ़ाई के लिए उपयुक्त नहीं है, जिससे उनकी शिक्षा प्रभावित हो रही है। साथ ही, मनोरंजन के लिए बनाए गए, इस स्थान का उपयोग भी अब वे नहीं कर पा रही हैं, जिससे मानसिक तनाव बढ़ रहा है। NSUI जिला अध्यक्ष अक्षय तोमर ने आरोप लगाया कि छात्राओं ने पहले भी कई बार कॉलेज प्रबंधन से शिकायत की, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। उल्टा, शिकायत करने वाली छात्राओं को आंतरिक परीक्षाओं में फेल करने और मानसिक रूप से प्रताड़ित करने की धमकियां दी जा रही हैं। इससे कॉलेज में भय और असुरक्षा का माहौल बन गया है। संगठन का कहना है कि रजनी नायर के खिलाफ पहले भी छात्राओं के साथ अनुचित व्यवहार और मानसिक उत्पीड़न के आरोप सामने आ चुके हैं। ऐसे मामलों से न केवल शिक्षा व्यवस्था प्रभावित हो रही है, बल्कि छात्राओं के भविष्य और मनोबल पर भी प्रतिकूल असर पड़ रहा है। NSUI ने प्रशासन से मांग की है कि अवैध कब्जे वाले कक्ष तत्काल खाली कराए जाएं, जिम्मेदारों पर कार्रवाई हो, और छात्राओं की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए। साथ ही चेतावनी दी है कि यदि जल्द निष्पक्ष कार्रवाई नहीं हुई तो संगठन उग्र आंदोलन करने को बाध्य होगा।

​ 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *