Rajasthan Summer Vacation : राजस्थान सरकार का दौहरा रवैया, सरकारी स्कूलों में अवकाश पर आंगनबाड़ी में तप रहा मासूम

Rajasthan Summer Vacation : राजस्थान सरकार का दौहरा रवैया, सरकारी स्कूलों में अवकाश पर आंगनबाड़ी में तप रहा मासूम

Rajasthan Summer Vacation : सरकार बच्चों के साथ दौहरा रवैया अपना रही है। एक ओर जहां भीषण गर्मी में सरकारी स्कूलों के बड़े बच्चे ग्रीष्मकालीन अवकाश पर है, वहीं आंगनबाड़ी केंद्र के मासूम तपती छत के नीचे परेशान होने को मजबूर हैं। इस और न सरकार का ध्यान जा रहा है न डीग जिला कलक्टर का। सरकार के इस भेदभाव के चलते नौनिहाल परेशान होने को मजबूर हैं। विदित रहे कि प्रदेशभर में भीषण गर्मी और लगातार बढ़ते तापमान को देखते हुए राज्य सरकार ने 17 मई से स्कूलों में ग्रीष्मकालीन अवकाश घोषित कर दिया है।

इससे स्कूली बच्चों और अभिभावकों को राहत मिली है, लेकिन दूसरी ओर आंगनबाड़ी केंद्रों पर आने वाले मासूम बच्चों के लिए अब तक कोई राहत नहीं दी गई है।

महिला कार्यकर्ताओं का कहना है कि भीषण हीटवेव वाली गर्मी में 3 से 6 वर्ष के नौनिहाल आंगनबाड़ी केंद्र में जा रहे हैं, जबकि सरकारी स्कूलों में अवकाश किए जा चुके हैं, बावजूद सरकार बच्चों के साथ कैसा भेदभाव कर रही है। सरकारी स्कूलों के बच्चों को ग्रीष्मकालीन अवकाश मिल चुका है तो उसी कैम्पस में संचालित आंगनबाड़ी केंद्रों के पंजीकृत बच्चों को भी छूट मिलनी चाहिए। ऐसी भीषण गर्मी में मई व जून में आंगनबाड़ियों को बंद रखा जाए।

कलक्टर जी… हमारी छुट्टी कब होगी?

जिले के कई आंगनबाड़ी केंद्रों के हालत यह हैं कि कई केंद्रों में पंखे नहीं हैं। कुछ में बिजली कनेक्शन भी नहीं हैं। हवादार कमरे नहीं होने से घुटन महसूस होती है। इस बीच यहां पहुंच रहे बच्चे गर्मी से बेहाल होकर बार-बार यही सवाल करते सुनाई दिए कि कलक्टर जी… हमारी छुट्टी कब होगी? पत्रिका टीम ने मंगलवार को शहर के विभिन्न हिस्सों में संचालित आंगनबाड़ी केंद्रों का निरीक्षण किया तो हालात गंभीर मिले।

पसीने से तरबतर होकर घर पहुंच रहे मासूम

जिले में 871 आंगनबाड़ी केंद्र संचालित हैं, जिनमें करीब 47 हजार बच्चे पंजीकृत हैं। वहीं कई आंगनबाड़ी केंद्र ऐसे हैं, जो किराए के भवनों में संचालित हैं। इस भीषण गर्मी में जहां छोटों की बात तो दूर बड़ों का भी घरों से निकलना मुश्किल से रहा है। ऐसे में जिले के विभिन्न इलाकों में संचालित आंगनबाड़ी केंद्रों पर 3 से 6 साल के मासूम बच्चों को बुलाया जा रहा है। जिन्हें सुबह 8 बजे बुलाकर दोपहर 12 बजे घर भेजा जा रहा है। मासूम तपती दोपहर में पसीने से तरबतर होकर 12 बजे बाद घर पहुंच रहे हैं।

विशेषज्ञ की सलाह- हीटस्ट्रोक तक का खतरा, धूप से बचाएं बच्चा

गर्मी की छुट्टियां बच्चों के लिए मस्ती और खेलकूद का समय होती हैं, लेकिन तेज गर्मी और हीट वेव बच्चों की सेहत पर गंभीर असर डाल सकती है। छोटे बच्चों में शरीर का तापमान जल्दी बढ़ता है, जिससे डिहाइड्रेशन, लू, उल्टी-दस्त और कमजोरी जैसी समस्याएं हो सकती हैं। ऐसे में सुबह 11 बजे से शाम 4 बजे तक बच्चों को तेज धूप में खेलने या बाहर जाने से बचाएं। यदि बाहर जाना जरूरी हो तो छाता, टोपी या सूती कपड़े का उपयोग करें।

बच्चों को बार-बार पानी पिलाएं। नींबू पानी, छाछ, नारियल पानी, लस्सी और घर का बना शरबत देना लाभदायक है। छोटे बच्चों में डिहाइड्रेशन जल्दी हो सकता है, इसलिए पेशाब कम आना, मुंह सूखना या सुस्ती दिखे तो तुरंत ध्यान दें। गर्मी में ताजा और हल्का भोजन दें। बाहर का खुला, बासी या ज्यादा मसालेदार खाना देने से बचें। बच्चों को हल्के रंग के सूती और ढीले कपड़े पहनाएं ताकि शरीर में हवा का संचार बना रहे और पसीना आसानी से सूख सके।
डॉ. हेमराज गुर्जर, शिशु रोग विशेषज्ञ जिला चिकित्सालय डीग

​ 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *