आज शेयर बाजार में अडानी समूह की कंपनियों के शेयरों में अच्छी तेजी देखने को मिली। इसकी सबसे बड़ी वजह अमेरिका से आई वह खबर रही, जिसमें अमेरिकी न्याय विभाग ने उद्योगपति गौतम अडानी और उनके भतीजे सागर अडानी के खिलाफ चल रहे सभी आपराधिक मामलों को हमेशा के लिए बंद करने का फैसला किया है।
मौजूद जानकारी के अनुसार, न्यूयॉर्क में चल रहे प्रतिभूति और तार धोखाधड़ी से जुड़े मामले में अमेरिकी अभियोजकों ने अदालत को बताया कि अब वह इस मामले को आगे नहीं बढ़ाना चाहते हैं। इसके बाद अदालत ने गौतम अडानी और सागर अडानी के खिलाफ दर्ज आरोपों को स्थायी रूप से समाप्त करने का आदेश दे दिया है।
इस खबर के सामने आने के बाद निवेशकों का भरोसा मजबूत हुआ और अडानी समूह की कई कंपनियों के शेयरों में तेजी दर्ज की गई हैं। शेयर बाजार में एनडीटीवी के शेयर में सबसे ज्यादा करीब सात प्रतिशत से अधिक की बढ़त देखने को मिली। वहीं अडानी ग्रीन एनर्जी, अडानी टोटल गैस, अडानी एंटरप्राइजेज, अडानी एनर्जी, अडानी पावर, एसीसी, अडानी पोर्ट्स और अंबुजा सीमेंट के शेयर भी बढ़त के साथ कारोबार करते दिखाई दिए है।
गौरतलब है कि पिछले कुछ समय से अडानी समूह अमेरिका में कई जांच एजेंसियों के दायरे में था। अमेरिकी प्रतिभूति और विनिमय आयोग ने हाल ही में निवेशकों को दी गई जानकारी से जुड़े एक मामले का समझौते के जरिए निपटारा किया था। बताया गया कि गौतम अडानी ने करीब साठ लाख डॉलर और सागर अडानी ने करीब एक करोड़ बीस लाख डॉलर का भुगतान किया था। हालांकि दोनों ने किसी भी तरह की गलती स्वीकार नहीं की थीं।
बता दें कि इससे पहले अमेरिकी वित्त विभाग के विदेशी संपत्ति नियंत्रण कार्यालय ने भी ईरान से तरलीकृत पेट्रोलियम गैस आयात को लेकर अडानी समूह पर लगे प्रतिबंध उल्लंघन के आरोपों का निपटारा किया था। उस मामले में समूह ने करीब सत्ताईस करोड़ पचास लाख डॉलर का भुगतान किया था।
दरअसल, वर्ष 2024 के आखिर में अमेरिकी एजेंसियों ने आरोप लगाया था कि भारत में सौर ऊर्जा परियोजनाओं के ठेके हासिल करने के लिए कथित तौर पर करोड़ों डॉलर की रिश्वत दी गई और विदेशी निवेशकों से कुछ जानकारियां छिपाई गई थीं। इसी को लेकर जांच शुरू हुई थी।
अब अमेरिकी न्याय विभाग की ओर से मामला बंद किए जाने के बाद अडानी समूह को बड़ी राहत मिली है। माना जा रहा है कि इससे समूह की अंतरराष्ट्रीय विस्तार योजनाओं को भी मजबूती मिल सकती हैं। वहीं घरेलू शेयर बाजार में भी इस फैसले का सकारात्मक असर साफ तौर पर देखने को मिला है।


