किशनगंज जिले में 102 एम्बुलेंस सेवा आपातकालीन स्थितियों में मरीजों के लिए महत्वपूर्ण साबित हो रही है। पिछले तीन महीनों में इस सेवा के माध्यम से कुल 6,640 मरीजों को सहायता प्रदान की गई है। यह सेवा विशेष रूप से गर्भवती महिलाओं, नवजात शिशुओं और सड़क दुर्घटना पीड़ितों को समय पर अस्पताल पहुंचाने में सहायक सिद्ध हुई है। एम्बुलेंस सेवा के क्लस्टर लीडर आशिफ रहमानी ने बताया कि फरवरी से अप्रैल माह के बीच 102 एम्बुलेंस सेवा ने 6,640 मरीजों को सहायता दी। इनमें 5,047 गर्भवती महिलाओं को सुरक्षित अस्पताल पहुंचाकर संस्थागत प्रसव सुनिश्चित किया गया। इसके अतिरिक्त, 169 नवजात शिशुओं को विशेष चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई गई। वहीं, 254 सड़क दुर्घटना पीड़ितों और 1,170 अन्य गंभीर मरीजों को समय पर अस्पताल पहुंचाकर उपचार प्रदान किया गया। गंभीर परिस्थितियों में जीवन बचाने की संभावना
जिले में वर्तमान में कुल 34 एम्बुलेंस संचालित की जा रही हैं। इनमें 8 एडवांस्ड लाइफ सपोर्ट एम्बुलेंस, 24 बेसिक लाइफ सपोर्ट एम्बुलेंस और 2 शव वाहन शामिल हैं। ये एम्बुलेंस आधुनिक चिकित्सा उपकरणों और प्रशिक्षित स्वास्थ्यकर्मियों से लैस हैं, जो 24 घंटे लोगों की सेवा में तैनात रहती हैं। यह सेवा ग्रामीण क्षेत्रों के मरीजों के लिए विशेष रूप से लाभकारी है, जिन्हें अब निजी वाहनों का इंतजार नहीं करना पड़ता। एक कॉल पर एम्बुलेंस सीधे उनके गांव तक पहुंचती है। एम्बुलेंस में मौजूद प्रशिक्षित स्वास्थ्यकर्मी मरीजों को अस्पताल ले जाते समय प्राथमिक उपचार भी प्रदान करते हैं, जिससे उनकी स्थिति को नियंत्रित रखने में मदद मिलती है, और गंभीर परिस्थितियों में जीवन बचाने की संभावना बढ़ जाती है। रहमानी ने कहा कि उनकी टीम का प्रयास रहता है कि कॉल मिलने के तुरंत बाद एम्बुलेंस मरीज तक पहुंचे। लोगों को भी बेहतर स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध हो रही
डीएम विशाल राज और सिविल सर्जन डॉ. राज कुमार ने कहा कि 102 एम्बुलेंस सेवा जिले में स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। उन्होंने बताया कि सरकार की प्राथमिकता है कि हर जरूरतमंद मरीज को समय पर उपचार मिले। इस एम्बुलेंस सेवा के कारण दूरस्थ क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को भी बेहतर स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध हो रही है। किशनगंज जिले में 102 एम्बुलेंस सेवा आपातकालीन स्थितियों में मरीजों के लिए महत्वपूर्ण साबित हो रही है। पिछले तीन महीनों में इस सेवा के माध्यम से कुल 6,640 मरीजों को सहायता प्रदान की गई है। यह सेवा विशेष रूप से गर्भवती महिलाओं, नवजात शिशुओं और सड़क दुर्घटना पीड़ितों को समय पर अस्पताल पहुंचाने में सहायक सिद्ध हुई है। एम्बुलेंस सेवा के क्लस्टर लीडर आशिफ रहमानी ने बताया कि फरवरी से अप्रैल माह के बीच 102 एम्बुलेंस सेवा ने 6,640 मरीजों को सहायता दी। इनमें 5,047 गर्भवती महिलाओं को सुरक्षित अस्पताल पहुंचाकर संस्थागत प्रसव सुनिश्चित किया गया। इसके अतिरिक्त, 169 नवजात शिशुओं को विशेष चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई गई। वहीं, 254 सड़क दुर्घटना पीड़ितों और 1,170 अन्य गंभीर मरीजों को समय पर अस्पताल पहुंचाकर उपचार प्रदान किया गया। गंभीर परिस्थितियों में जीवन बचाने की संभावना
जिले में वर्तमान में कुल 34 एम्बुलेंस संचालित की जा रही हैं। इनमें 8 एडवांस्ड लाइफ सपोर्ट एम्बुलेंस, 24 बेसिक लाइफ सपोर्ट एम्बुलेंस और 2 शव वाहन शामिल हैं। ये एम्बुलेंस आधुनिक चिकित्सा उपकरणों और प्रशिक्षित स्वास्थ्यकर्मियों से लैस हैं, जो 24 घंटे लोगों की सेवा में तैनात रहती हैं। यह सेवा ग्रामीण क्षेत्रों के मरीजों के लिए विशेष रूप से लाभकारी है, जिन्हें अब निजी वाहनों का इंतजार नहीं करना पड़ता। एक कॉल पर एम्बुलेंस सीधे उनके गांव तक पहुंचती है। एम्बुलेंस में मौजूद प्रशिक्षित स्वास्थ्यकर्मी मरीजों को अस्पताल ले जाते समय प्राथमिक उपचार भी प्रदान करते हैं, जिससे उनकी स्थिति को नियंत्रित रखने में मदद मिलती है, और गंभीर परिस्थितियों में जीवन बचाने की संभावना बढ़ जाती है। रहमानी ने कहा कि उनकी टीम का प्रयास रहता है कि कॉल मिलने के तुरंत बाद एम्बुलेंस मरीज तक पहुंचे। लोगों को भी बेहतर स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध हो रही
डीएम विशाल राज और सिविल सर्जन डॉ. राज कुमार ने कहा कि 102 एम्बुलेंस सेवा जिले में स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। उन्होंने बताया कि सरकार की प्राथमिकता है कि हर जरूरतमंद मरीज को समय पर उपचार मिले। इस एम्बुलेंस सेवा के कारण दूरस्थ क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को भी बेहतर स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध हो रही है।


