मुजफ्फरपुर में ऑनलाइन दवा बिक्री और ई-फार्मेसी कंपनियों के मनमाने संचालन के विरोध में दवा विक्रेता एकजुट हो गए हैं। ऑल इंडिया ऑर्गेनाइजेशन ऑफ केमिस्ट्स एंड ड्रगिस्ट्स (AIOCD) के राष्ट्रव्यापी आह्वान पर जिले के सभी खुदरा और थोक दवा विक्रेता आज रात से 24 घंटे की हड़ताल पर चले गए हैं। इस दौरान जिले की सभी दवा दुकानें पूरी तरह बंद रहेंगी। हालांकि, मरीजों की गंभीर स्थिति को देखते हुए आपातकालीन सेवाओं के लिए कुछ चुनिंदा दुकानें खुली रहेंगी। केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट एसोसिएशन, मुजफ्फरपुर के अध्यक्ष राकेश कुमार पंकज और सचिव संजीव कुमार चौधरी ने इस सांकेतिक बंद की घोषणा की। पदाधिकारियों ने आरोप लगाया कि कॉर्पोरेट घराने और ई-फार्मेसी प्लेटफॉर्म ‘प्रीडेटरी प्राइसिंग’ (बाजार दर से अत्यधिक कम कीमत पर सामान बेचना) की नीति अपना रहे हैं। भारी छूट देकर ग्राहकों को लुभाने से स्थानीय और छोटे दवा दुकानदारों का व्यापार चौपट हो रहा है, जिससे उनके अस्तित्व पर संकट मंडरा रहा है। एक्ट की खुलेआम अनदेखी कर रहे एसोसिएशन के नेताओं ने चेतावनी दी कि ये ई-फार्मेसी प्लेटफॉर्म सरकारी नियमों और ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट की खुलेआम अनदेखी कर रहे हैं। बिना वैध डॉक्टर के पर्चे के धड़ल्ले से दवाएं होम-डिलीवर की जा रही हैं। इस ढिलाई के कारण बाजार में नकली, एक्सपायर्ड और सरकार द्वारा प्रतिबंधित दवाओं की अवैध सप्लाई का जोखिम बढ़ गया है, जो आम जनता के स्वास्थ्य और सुरक्षा के लिए खतरा है। काला बिल्ला लगाकर काम इस देशव्यापी बंद को मुजफ्फरपुर में सफल बनाने के लिए जिले के दवा विक्रेताओं ने पिछले तीन दिनों से अपनी बांहों पर काला बिल्ला लगाकर काम किया था। शांतिपूर्ण विरोध दर्ज कराने के बाद अब यह पूर्ण तालाबंदी की जा रही है। मुजफ्फरपुर में ऑनलाइन दवा बिक्री और ई-फार्मेसी कंपनियों के मनमाने संचालन के विरोध में दवा विक्रेता एकजुट हो गए हैं। ऑल इंडिया ऑर्गेनाइजेशन ऑफ केमिस्ट्स एंड ड्रगिस्ट्स (AIOCD) के राष्ट्रव्यापी आह्वान पर जिले के सभी खुदरा और थोक दवा विक्रेता आज रात से 24 घंटे की हड़ताल पर चले गए हैं। इस दौरान जिले की सभी दवा दुकानें पूरी तरह बंद रहेंगी। हालांकि, मरीजों की गंभीर स्थिति को देखते हुए आपातकालीन सेवाओं के लिए कुछ चुनिंदा दुकानें खुली रहेंगी। केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट एसोसिएशन, मुजफ्फरपुर के अध्यक्ष राकेश कुमार पंकज और सचिव संजीव कुमार चौधरी ने इस सांकेतिक बंद की घोषणा की। पदाधिकारियों ने आरोप लगाया कि कॉर्पोरेट घराने और ई-फार्मेसी प्लेटफॉर्म ‘प्रीडेटरी प्राइसिंग’ (बाजार दर से अत्यधिक कम कीमत पर सामान बेचना) की नीति अपना रहे हैं। भारी छूट देकर ग्राहकों को लुभाने से स्थानीय और छोटे दवा दुकानदारों का व्यापार चौपट हो रहा है, जिससे उनके अस्तित्व पर संकट मंडरा रहा है। एक्ट की खुलेआम अनदेखी कर रहे एसोसिएशन के नेताओं ने चेतावनी दी कि ये ई-फार्मेसी प्लेटफॉर्म सरकारी नियमों और ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट की खुलेआम अनदेखी कर रहे हैं। बिना वैध डॉक्टर के पर्चे के धड़ल्ले से दवाएं होम-डिलीवर की जा रही हैं। इस ढिलाई के कारण बाजार में नकली, एक्सपायर्ड और सरकार द्वारा प्रतिबंधित दवाओं की अवैध सप्लाई का जोखिम बढ़ गया है, जो आम जनता के स्वास्थ्य और सुरक्षा के लिए खतरा है। काला बिल्ला लगाकर काम इस देशव्यापी बंद को मुजफ्फरपुर में सफल बनाने के लिए जिले के दवा विक्रेताओं ने पिछले तीन दिनों से अपनी बांहों पर काला बिल्ला लगाकर काम किया था। शांतिपूर्ण विरोध दर्ज कराने के बाद अब यह पूर्ण तालाबंदी की जा रही है।


