PM नरेंद्र मोदी ने नॉर्वे में खोले निवेश के दरवाजे, EFTA के जरिए 100 अरब डॉलर निवेश का लक्ष्य

PM नरेंद्र मोदी ने नॉर्वे में खोले निवेश के दरवाजे, EFTA के जरिए 100 अरब डॉलर निवेश का लक्ष्य

PM Modi Norway India Business Summit Oslo: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नॉर्वे दौरे के दौरान भारत को वैश्विक निवेश और मैन्युफैक्चरिंग हब बनाने की दिशा में बड़ा संदेश दिया है। नॉर्वे-इंडिया बिजनेस एंड रिसर्च समिट को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि भारत इस समय दुनिया में निवेश और मैन्युफैक्चरिंग विस्तार के लिए सबसे बेहतर अवसर दे रहा है। उन्होंने नॉर्वे और अन्य यूरोपीय देशों की कंपनियों से भारत में निवेश बढ़ाने की अपील की।

पीएम मोदी ने कहा कि भारत और यूरोपियन फ्री ट्रेड एसोसिएशन (EFTA) के बीच लागू हुआ ट्रेड एंड इकोनॉमिक पार्टनरशिप एग्रीमेंट (TEPA) दोनों पक्षों के बीच भरोसे, टेक्नोलॉजी और प्रतिभा पर आधारित नई साझेदारी का प्रतीक है। उन्होंने बताया कि इस समझौते के जरिए अगले 15 वर्षों में EFTA देशों से भारत में 100 अरब डॉलर निवेश आकर्षित करने और 10 लाख रोजगार पैदा करने का लक्ष्य रखा गया है।

भारत-नॉर्वे साझेदारी को बताया भविष्य की ताकत

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत और नॉर्वे का रिश्ता केवल संभावनाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि यह एक मजबूत और भरोसेमंद साझेदारी बन चुका है। उन्होंने कहा कि दोनों देश ग्रीन एनर्जी, टेक्नोलॉजी, रिसर्च और इंडस्ट्री के क्षेत्र में तेजी से सहयोग बढ़ा रहे हैं।

पीएम मोदी ने कहा कि आज दुनिया खाद्य सुरक्षा, ईंधन और उर्वरक संकट जैसी चुनौतियों का सामना कर रही है और भारत-नॉर्वे मिलकर इन समस्याओं के समाधान की दिशा में काम कर रहे हैं। उन्होंने नॉर्वे की कंपनियों द्वारा भारत के फूड, एलपीजी, एलएनजी और फर्टिलाइजर सेक्टर में किए जा रहे निवेश का भी जिक्र किया।

ग्रीन एनर्जी और AI सेक्टर पर खास फोकस

प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत दुनिया का सबसे तेजी से बढ़ता क्लीन एनर्जी मार्केट बन रहा है। उन्होंने बताया कि भारत ने 2030 तक 500 गीगावॉट क्लीन एनर्जी उत्पादन और 50 लाख टन ग्रीन हाइड्रोजन उत्पादन का लक्ष्य तय किया है।

पीएम मोदी ने नॉर्वे को भारत के ग्रीन एनर्जी मिशन में बड़ा भागीदार बनने का निमंत्रण दिया। उन्होंने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, साइबर टेक्नोलॉजी, स्पेस, डिफेंस और क्रिटिकल मिनरल्स जैसे सेक्टर आने वाले समय में भारत-नॉर्वे साझेदारी के प्रमुख क्षेत्र बनेंगे।

उन्होंने यह भी कहा कि भारत और नॉर्वे के बीच ‘लैब-टू-लैब’, ‘यूनिवर्सिटी-टू-यूनिवर्सिटी’ और ‘साइंटिस्ट-टू-साइंटिस्ट’ सहयोग तेजी से बढ़ रहा है, जिससे दोनों देशों के रिसर्च और स्टार्टअप इकोसिस्टम को मजबूती मिलेगी।

भारत को मैन्युफैक्चरिंग हब बनाने की तैयारी

पीएम मोदी ने कहा कि भारत सरकार ‘रिफॉर्म, परफॉर्म और ट्रांसफॉर्म’ मंत्र के साथ काम कर रही है और पिछले 12 वर्षों में भारत की आर्थिक संरचना में बड़ा बदलाव आया है। उन्होंने कहा कि सरकार लगातार ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ को बेहतर बनाने, टैक्स सिस्टम को सरल करने और श्रम सुधार लागू करने पर काम कर रही है।

उन्होंने शिपबिल्डिंग सेक्टर का उदाहरण देते हुए कहा कि भारत इसे रणनीतिक मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर के रूप में तेजी से विकसित कर रहा है। भारत में शिपबिल्डिंग क्लस्टर और संपूर्ण इकोसिस्टम तैयार किया जा रहा है।

पीएम मोदी ने बताया कि वर्तमान में नॉर्वे के लगभग 10 प्रतिशत जहाज भारत में बनाए जाते हैं। उन्होंने लक्ष्य रखा कि अगले पांच वर्षों में इस आंकड़े को 25 प्रतिशत तक पहुंचाया जा सकता है।

नॉर्वे की कंपनियों को भारत आने का न्योता

प्रधानमंत्री मोदी ने नॉर्वे की कंपनियों से कहा कि भारत में निवेश के लिए इससे बेहतर समय नहीं हो सकता। उन्होंने कहा कि भारत स्थिर नीतियां, तेज आर्थिक विकास और निवेश के लिए मजबूत प्रोत्साहन दे रहा है।

पीएम मोदी ने बताया कि भारत सरकार ने नॉर्वे के लिए ‘इन्वेस्ट इंडिया’ के तहत एक विशेष ट्रेड फैसिलिटेशन डेस्क भी शुरू की है, ताकि नॉर्वे की कंपनियों को भारत में निवेश प्रक्रिया आसान और तेज तरीके से पूरी करने में मदद मिल सके।

उन्होंने अपने संबोधन के अंत में कहा, “भारत आइए, अपने कारोबार और महत्वाकांक्षाओं का विस्तार कीजिए। भारत आपके लिए नए अवसरों का सबसे बड़ा केंद्र बनकर उभर रहा है।”

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