मंडला। कान्हा टाइगर रिजर्व प्रबंधन की त्वरित कार्रवाई और बेहतर उपचार से एक घायल तेंदुए को नया जीवन मिला। पूरी तरह स्वस्थ होने के बाद तेंदुए को उसके प्राकृतिक आवास में वापस छोड़ दिया गया। कान्हा टाइगर रिजर्व के भैसानघाट परिक्षेत्र में कुछ दिन पहले गश्ती दल को एक घायल तेंदुआ मिला था। सूचना पर कान्हा प्रबंधन ने तत्काल कार्रवाई करते हुए तेंदुए की लोकेशन का पता लगाने के लिए कैमरा ट्रैप लगाए और उसे सुरक्षित पकड़ने के लिए पिंजरा स्थापित किया। वन कर्मचारियों की टीम ने लगातार क्षेत्र की निगरानी की। कई प्रयासों के बाद, 12 मई की रात को घायल तेंदुए को सुरक्षित रूप से रेस्क्यू कर पिंजरे में लिया गया। अगले दिन, 13 मई की सुबह, वन्य प्राणी स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. संदीप अग्रवाल ने वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति में तेंदुए का प्राथमिक उपचार किया। बेहतर इलाज और निगरानी के लिए उसे मुक्की क्वारंटाइन सेंटर भेजा गया। क्वारंटाइन सेंटर में लगातार उपचार और देखभाल के बाद तेंदुआ पूरी तरह स्वस्थ हो गया। स्वास्थ्य लाभ के उपरांत, 17 मई की शाम को उसे उसके प्राकृतिक विचरण क्षेत्र में वापस छोड़ दिया गया। इस दौरान क्षेत्र संचालक रविन्द्र मणि त्रिपाठी, उप संचालक कोर जोन पी.के. वर्मा, सहायक संचालक हालोन एवं फेन, सहित वन विभाग के अन्य अधिकारी और वन्य प्राणी चिकित्सक उपस्थित थे। वन विभाग के अनुसार, पिंजरे से बाहर निकलते ही तेंदुआ तेजी से जंगल में चला गया। कान्हा प्रबंधन की त्वरित कार्रवाई और प्रभावी उपचार व्यवस्था के कारण न केवल घायल तेंदुए की जान बचाई जा सकी, बल्कि उसे सफलतापूर्वक उसके प्राकृतिक आवास में पुनः स्थापित भी किया गया।


