सचिवालय कर्मियों के लिए 18 मई से चलेंगी इलेक्ट्रिक-पिंक बस:शहर में ट्रैफिक प्रेशर और पेट्रोल-डीजल की खपत कम करना उद्धेश्य, सिटी में पॉल्यूशन भी होगा कंट्रोल

सचिवालय कर्मियों के लिए 18 मई से चलेंगी इलेक्ट्रिक-पिंक बस:शहर में ट्रैफिक प्रेशर और पेट्रोल-डीजल की खपत कम करना उद्धेश्य, सिटी में पॉल्यूशन भी होगा कंट्रोल

बिहार राज्य पथ परिवहन निगम (BSRTC) की ओर से 18 मई से सचिवालय कर्मियों के लिए विशेष इलेक्ट्रिक और पिंक बस सेवा शुरू की जाएगी। यह सेवा पटना के विभिन्न प्रमुख इलाकों से सीधे नया सचिवालय और पुराना सचिवालय तक उपलब्ध रहेगी। सरकार का उद्देश्य निजी वाहनों पर निर्भरता कम करना, पेट्रोल-डीजल की खपत घटाना, ट्रैफिक दबाव कम करना और पर्यावरण अनुकूल परिवहन व्यवस्था को बढ़ावा देना है। परिवहन विभाग का मानना है कि यदि बड़ी संख्या में सरकारी कर्मचारी सार्वजनिक परिवहन का उपयोग करेंगे तो राजधानी की यातायात व्यवस्था में भी बड़ा सुधार देखने को मिलेगा। शहर में गाड़ियों की संख्या ज्यादा, लगता जाम परिवहन सचिव राज कुमार ने बताया कि राज्य सरकार लगातार सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को अधिक सुलभ, सुरक्षित और आधुनिक बनाने की दिशा में कार्य कर रही है। सचिवालय कर्मियों के लिए शुरू की जा रही यह विशेष सेवा उसी प्रयास का हिस्सा है। पटना में रोजाना हजारों सरकारी कर्मचारी निजी कार, बाइक और अन्य वाहनों से कार्यालय आते हैं। इससे ट्रैफिक जाम के साथ-साथ ईंधन की खपत भी बढ़ती है। इलेक्ट्रिक और पिंक बस सेवा शुरू होने से सरकारी कर्मचारियों को बेहतर सार्वजनिक परिवहन विकल्प मिलेगा और लोग निजी वाहनों की जगह बस सेवा का उपयोग करने के लिए प्रोत्साहित होंगे।
निजी वाहनों पर निर्भरता कम करने की तैयारी बिहार राज्य पथ परिवहन निगम के प्रशासक अतुल कुमार वर्मा ने बताया कि राजधानी में बढ़ते ट्रैफिक दबाव का एक बड़ा कारण निजी वाहनों की बढ़ती संख्या है। सचिवालय क्षेत्र में हर दिन हजारों वाहन पहुंचते हैं, जिससे जाम की समस्या रहती है। विशेष इलेक्ट्रिक बस सेवा शुरू होने के बाद कर्मचारियों को आरामदायक यात्रा की सुविधा मिलेगी। इससे लोगों का समय बचेगा और ईंधन पर होने वाला अतिरिक्त खर्च भी कम होगा। सरकार का लक्ष्य है कि अधिक से अधिक लोग निजी वाहनों के बजाय सार्वजनिक परिवहन का उपयोग करें। पटना में पहले से चल रही हैं 25 इलेक्ट्रिक बसें परिवहन निगम की ओर से वर्तमान में पटना शहर में 25 इलेक्ट्रिक बसें चलाई जा रही हैं। अब इन्हीं इलेक्ट्रिक बसों का उपयोग सचिवालय कर्मियों के लिए विशेष सेवा के रूप में भी किया जाएगा। सरकार का मानना है कि इलेक्ट्रिक बसों के उपयोग से “नो फ्यूल” आधारित परिवहन व्यवस्था को बढ़ावा मिलेगा। इससे न केवल पेट्रोल-डीजल की खपत कम होगी बल्कि प्रदूषण में भी कमी आएगी।
महिला कर्मियों के लिए विशेष पिंक बस सेवा महिला सरकारी कर्मियों की सुविधा और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए विशेष पिंक बस सेवा भी शुरू की जा रही है। शाम में कार्यालय की छुट्टी के समय महिला कर्मचारियों के लिए अलग से बस सुविधा उपलब्ध रहेगी। सरकार का मानना है कि इससे महिला कर्मचारियों को सुरक्षित और सुविधाजनक यात्रा का विकल्प मिलेगा। खासकर शाम के समय सार्वजनिक परिवहन की कमी से जूझने वाली महिलाओं को इससे राहत मिलेगी।
नया और पुराना सचिवालय तक मिलेगी सीधी सुविधा यह विशेष बस सेवा सीधे नया सचिवालय और पुराना सचिवालय तक संचालित होगी। सुबह कार्यालय समय में विभिन्न क्षेत्रों से सचिवालय आने के लिए बसें उपलब्ध रहेंगी और शाम में कर्मचारियों को उनके संबंधित क्षेत्रों तक पहुंचाने के लिए वापसी सेवा भी चलाई जाएगी। बिहार राज्य पथ परिवहन निगम (BSRTC) की ओर से 18 मई से सचिवालय कर्मियों के लिए विशेष इलेक्ट्रिक और पिंक बस सेवा शुरू की जाएगी। यह सेवा पटना के विभिन्न प्रमुख इलाकों से सीधे नया सचिवालय और पुराना सचिवालय तक उपलब्ध रहेगी। सरकार का उद्देश्य निजी वाहनों पर निर्भरता कम करना, पेट्रोल-डीजल की खपत घटाना, ट्रैफिक दबाव कम करना और पर्यावरण अनुकूल परिवहन व्यवस्था को बढ़ावा देना है। परिवहन विभाग का मानना है कि यदि बड़ी संख्या में सरकारी कर्मचारी सार्वजनिक परिवहन का उपयोग करेंगे तो राजधानी की यातायात व्यवस्था में भी बड़ा सुधार देखने को मिलेगा। शहर में गाड़ियों की संख्या ज्यादा, लगता जाम परिवहन सचिव राज कुमार ने बताया कि राज्य सरकार लगातार सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को अधिक सुलभ, सुरक्षित और आधुनिक बनाने की दिशा में कार्य कर रही है। सचिवालय कर्मियों के लिए शुरू की जा रही यह विशेष सेवा उसी प्रयास का हिस्सा है। पटना में रोजाना हजारों सरकारी कर्मचारी निजी कार, बाइक और अन्य वाहनों से कार्यालय आते हैं। इससे ट्रैफिक जाम के साथ-साथ ईंधन की खपत भी बढ़ती है। इलेक्ट्रिक और पिंक बस सेवा शुरू होने से सरकारी कर्मचारियों को बेहतर सार्वजनिक परिवहन विकल्प मिलेगा और लोग निजी वाहनों की जगह बस सेवा का उपयोग करने के लिए प्रोत्साहित होंगे।
निजी वाहनों पर निर्भरता कम करने की तैयारी बिहार राज्य पथ परिवहन निगम के प्रशासक अतुल कुमार वर्मा ने बताया कि राजधानी में बढ़ते ट्रैफिक दबाव का एक बड़ा कारण निजी वाहनों की बढ़ती संख्या है। सचिवालय क्षेत्र में हर दिन हजारों वाहन पहुंचते हैं, जिससे जाम की समस्या रहती है। विशेष इलेक्ट्रिक बस सेवा शुरू होने के बाद कर्मचारियों को आरामदायक यात्रा की सुविधा मिलेगी। इससे लोगों का समय बचेगा और ईंधन पर होने वाला अतिरिक्त खर्च भी कम होगा। सरकार का लक्ष्य है कि अधिक से अधिक लोग निजी वाहनों के बजाय सार्वजनिक परिवहन का उपयोग करें। पटना में पहले से चल रही हैं 25 इलेक्ट्रिक बसें परिवहन निगम की ओर से वर्तमान में पटना शहर में 25 इलेक्ट्रिक बसें चलाई जा रही हैं। अब इन्हीं इलेक्ट्रिक बसों का उपयोग सचिवालय कर्मियों के लिए विशेष सेवा के रूप में भी किया जाएगा। सरकार का मानना है कि इलेक्ट्रिक बसों के उपयोग से “नो फ्यूल” आधारित परिवहन व्यवस्था को बढ़ावा मिलेगा। इससे न केवल पेट्रोल-डीजल की खपत कम होगी बल्कि प्रदूषण में भी कमी आएगी।
महिला कर्मियों के लिए विशेष पिंक बस सेवा महिला सरकारी कर्मियों की सुविधा और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए विशेष पिंक बस सेवा भी शुरू की जा रही है। शाम में कार्यालय की छुट्टी के समय महिला कर्मचारियों के लिए अलग से बस सुविधा उपलब्ध रहेगी। सरकार का मानना है कि इससे महिला कर्मचारियों को सुरक्षित और सुविधाजनक यात्रा का विकल्प मिलेगा। खासकर शाम के समय सार्वजनिक परिवहन की कमी से जूझने वाली महिलाओं को इससे राहत मिलेगी।
नया और पुराना सचिवालय तक मिलेगी सीधी सुविधा यह विशेष बस सेवा सीधे नया सचिवालय और पुराना सचिवालय तक संचालित होगी। सुबह कार्यालय समय में विभिन्न क्षेत्रों से सचिवालय आने के लिए बसें उपलब्ध रहेंगी और शाम में कर्मचारियों को उनके संबंधित क्षेत्रों तक पहुंचाने के लिए वापसी सेवा भी चलाई जाएगी।  

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