समस्तीपुर के पूसा थाना क्षेत्र के धर्मागतपुर बथुआ गांव में उपद्रवियों ने करीब 150 एकड़ में फैले बगीचे में घुसकर 55 से अधिक आम के पेड़ काट दिए। घटना की जानकारी के बाद किसानों के बीच हड़कंप मच गया। बाद में घटना की जानकारी स्थानीय पुलिस को दी गई। मौके पर पहुंची पुलिस के मामले की जांच शुरू कर दी है। पीड़ित किसान सौरभ कुमार ने बताया कि करीब 5 वर्षों की कड़ी मेहनत और देखभाल से इस बगीचे को तैयार किया था। अब पेड़ों में फल आने का समय था और इसी फसल से परिवार को अच्छी आमदनी होने की उम्मीद थी। किसान ने कहा कि इलाके के अधिकांश किसान आम की खेती पर ही निर्भर हैं और इसी से उनके परिवार का भरण-पोषण होता है। ऐसे में इस तरह की घटना से पूरे क्षेत्र के किसान डरे हुए हैं। उन्होंने कहा कि आम दिनों की तरह शनिवार को जब खेत पहुंचा तो देखा कि आम के पेड़ कटे हुए हैं। किसान और स्थानीय लोगों ने कड़ी कार्रवाई की मांग की घटना की जानकारी मिलते ही देखते ही देखते बड़ी संख्या में मौके पर ग्रामीणों की भीड़ जुट गई। लोगों ने घटना की कड़ी निंदा करते हुए दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है। सूचना मिलने पर स्थानीय पुलिस प्रशासन भी घटनास्थल पर पहुची और मामले की जांच शुरू कर दी। पीड़ित किसान ने वरीय अधिकारियों से न्याय की गुहार लगाई है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो किसानों का प्रशासन से भरोसा उठ सकता है। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है और उपद्रवियों की पहचान करने का प्रयास किया जा रहा है। उधर स्थानीय सरपंच रीता पासवान मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस प्रशासन से दोषी पर कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने कहा कि जब फल आने का समय था उसी समय पेड़ को काटकर किसानों के सीने पर छूरा चलाया गया है। एएसपी संजय पांडे ने कहा कि किसानों द्वारा थाने में आवेदन दिया गया है। आवेदन के आधार पर इस मामले की जांच की जा रही है। घटना के पीछे जमीन विवाद की भी बात सामने आ रही है। समस्तीपुर के पूसा थाना क्षेत्र के धर्मागतपुर बथुआ गांव में उपद्रवियों ने करीब 150 एकड़ में फैले बगीचे में घुसकर 55 से अधिक आम के पेड़ काट दिए। घटना की जानकारी के बाद किसानों के बीच हड़कंप मच गया। बाद में घटना की जानकारी स्थानीय पुलिस को दी गई। मौके पर पहुंची पुलिस के मामले की जांच शुरू कर दी है। पीड़ित किसान सौरभ कुमार ने बताया कि करीब 5 वर्षों की कड़ी मेहनत और देखभाल से इस बगीचे को तैयार किया था। अब पेड़ों में फल आने का समय था और इसी फसल से परिवार को अच्छी आमदनी होने की उम्मीद थी। किसान ने कहा कि इलाके के अधिकांश किसान आम की खेती पर ही निर्भर हैं और इसी से उनके परिवार का भरण-पोषण होता है। ऐसे में इस तरह की घटना से पूरे क्षेत्र के किसान डरे हुए हैं। उन्होंने कहा कि आम दिनों की तरह शनिवार को जब खेत पहुंचा तो देखा कि आम के पेड़ कटे हुए हैं। किसान और स्थानीय लोगों ने कड़ी कार्रवाई की मांग की घटना की जानकारी मिलते ही देखते ही देखते बड़ी संख्या में मौके पर ग्रामीणों की भीड़ जुट गई। लोगों ने घटना की कड़ी निंदा करते हुए दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है। सूचना मिलने पर स्थानीय पुलिस प्रशासन भी घटनास्थल पर पहुची और मामले की जांच शुरू कर दी। पीड़ित किसान ने वरीय अधिकारियों से न्याय की गुहार लगाई है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो किसानों का प्रशासन से भरोसा उठ सकता है। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है और उपद्रवियों की पहचान करने का प्रयास किया जा रहा है। उधर स्थानीय सरपंच रीता पासवान मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस प्रशासन से दोषी पर कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने कहा कि जब फल आने का समय था उसी समय पेड़ को काटकर किसानों के सीने पर छूरा चलाया गया है। एएसपी संजय पांडे ने कहा कि किसानों द्वारा थाने में आवेदन दिया गया है। आवेदन के आधार पर इस मामले की जांच की जा रही है। घटना के पीछे जमीन विवाद की भी बात सामने आ रही है।


